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कुर्की के बाद सिंचाई विभाग का बैंक खाता किया सीज
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Tue, 30 May 2017 12:41 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : SELF
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किसानों का बढ़ा हुआ मुआवजा डकारने के बाद हाईकोर्ट की रडार पर आए सिंचाई विभाग के अफसरों पर शिकंजा कस गया है। जिला प्रशासन ने कुर्की की कार्रवाई के बाद सिंचाई विभाग का खाता सीज कर दिया है। विभागीय खाता सीज होने के बाद सिंचाई अफसरों में हड़कंप मचा है।
शिकारपुर क्षेत्र के गांव रानीबाला में नहर के लिए ली गई जमीन के मुआवजे के अंतर की धनराशि में फर्जीवाड़े और हाईकोर्ट की अवमानना पर सिंचाई विभाग के अफसरों पर तेजी से कार्रवाई हो रही है। हाईकोर्ट की अवमानना से हरकत में आए जिला प्रशासन ने आफिस की कुर्की करने के बाद बैंक खाता भी सीज करा दिया है।
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जिला प्रशासन की कार्रवाई से एक्सईएन से लेकर चीफ इंजीनियर तक को पसीने आ रहे हैं। बता दें कि लखावटी ब्रांच के खंड 10 के अधिशासी अभियंता की ओर से किसानों को हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद बढ़ा हुआ मुआवजा वितरित नहीं किया था।
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चेयरमैन ने फर्जी बिल बनाकर हड़पी फंड की राशि
नगर के वार्ड नंबर 15 के सभासद ने पालिका में कार्यरत समस्त अधीनस्थ कर्मियों को उनके मानदेय व वेतन का भुगतान कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड फंड की राशि को नगर पालिका चेयरमैन द्वारा फर्जी बिल बनाकर निकाला गया है।
इसकी जांच की मांग अधिशासी अधिकारी से की है। वार्ड 15 के सभासद चैतन्य शर्मा आकाश ने अधिशासी अधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर बताया है कि नगर निकायों में कार्यरत कर्मियों का मानदेय वेतन विगत पांच माह से रुका पड़ा है। पालिका में चेयरमैन के चहेते ठेकेदारा को काम पूरा नहीं होने के बाद भी वेतन दिया जा रहा है।
सेवानि कर्मियों को पेंशन समय से नहीं मिल रही है। इसके अलावा सभासद ने बताया कि नगर पालिका बोर्ड फंड में एक करोड़ रुपया जमा है। आरोप है कि चेयरमैन इस धन से कर्मियों का वेतन नहीं देकर अन्य मदों में फर्जी बिल बनवाकर व्यय करने के चक्कर में लगे हुए है।मामले में डीएम ने चेयरमैन को रुका हुआ वेतन जल्द जारी करने के निर्देश दिए है।