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एडमिशन की दौड़ में जुटे स्टूडेंट्स
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Mon, 23 May 2016 12:13 AM IST
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एडमिशन के लिए कतार में खड़ी छात्राएं
- फोटो : Amar Ujala
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बोर्ड एग्जाम में पास बच्चों ने अब मिशन एडमिशन की दौड़ शुरू कर दी है। सीबीएसई, यूपी बोर्ड और आईसीएसई से 12वीं की परीक्षा में झंड़े गाड़ चुके छात्रों ने अपने भविष्य को चुनने के लिए माथापच्ची शुरू कर दी है। छात्र बेहतर करियर के लिए ठीक प्रकार से काउंसलिंग के बाद ही आगे बढ़ना चाहते हैं।
जनपद में यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट के 31750, आईसीएसई 60 और सीबीएसई के 2903 बच्चों ने 12वीं की परीक्षा पास की है। अब यह छात्र भविष्य की तलाश में जुट गए हैं। अधिकांश बच्चों की पहली पसंद मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग की पढ़ाई है।
इसके अलावा बड़ी संख्या में छात्र आर्ट्स से पढ़ाई के साथ सिविल की भी तैयारी में जुटना चाहते हैं। इसके अलावा कम्प्यूटर साइंस और बॉयो की तरफ भी छात्रों का रुझान बढ़ रहा है। छात्र मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग में जाने से पहले कोचिंग की तरफ भी देख रहे है।
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इसके लिए इंटरनेट का सहारा और जमकर काउंसलिंग की जा रही है। हालांकि इंजीनियरिंग की कोचिंग के लिए कोटा और दिल्ली पहली वरीयता में हैं। सीबीएसई से पासआउट छात्र लक्ष्य नागर ने बताया कि वह इंजीनियरिंग में जाना चाहते हैं, लेकिन इससे पहले वह कम से कम एक साल आईआईटी के लिए कोचिंग चाहते हैं।
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जनपद में यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट के 31750, आईसीएसई 60 और सीबीएसई के 2903 बच्चों ने 12वीं की परीक्षा पास की है। अब यह छात्र भविष्य की तलाश में जुट गए हैं। अधिकांश बच्चों की पहली पसंद मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग की पढ़ाई है।
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इसके अलावा बड़ी संख्या में छात्र आर्ट्स से पढ़ाई के साथ सिविल की भी तैयारी में जुटना चाहते हैं। इसके अलावा कम्प्यूटर साइंस और बॉयो की तरफ भी छात्रों का रुझान बढ़ रहा है। छात्र मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग में जाने से पहले कोचिंग की तरफ भी देख रहे है।
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इसके लिए इंटरनेट का सहारा और जमकर काउंसलिंग की जा रही है। हालांकि इंजीनियरिंग की कोचिंग के लिए कोटा और दिल्ली पहली वरीयता में हैं। सीबीएसई से पासआउट छात्र लक्ष्य नागर ने बताया कि वह इंजीनियरिंग में जाना चाहते हैं, लेकिन इससे पहले वह कम से कम एक साल आईआईटी के लिए कोचिंग चाहते हैं।