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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   After 19 years, the court gave this punishment to the 75-year-old thief

UP: 19 साल बाद 75 वर्षीय वृद्ध चोर को जेल में बिताए 12 दिन का कारावास, दो हजार अर्थदंड; पढ़ें क्या है मामला

Sat, 21 Jun 2025 08:22 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर Published by: विजय पुंडीर Updated Sat, 21 Jun 2025 08:22 PM IST
सार

दोषी वृद्ध ने कहा कि साहब.. मैं बूढ़ा हो चुका हूं, उस दौरान चोरी किए गए माल की कीमत बहुत कम थी। इसके बाद न्यायालय ने उन्हें जेल में बिताई गई 12 दिन अवधि की सजा और दो हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है। 

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After 19 years, the court gave this punishment to the 75-year-old thief
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बुलंदशहर के अहार थाना क्षेत्र के गांव पोटा बादशाहपुर में करीब 19 वर्ष पूर्व वर्ष 2006 में गन्ना क्रय केंद्र से लोहे के बाट चोरी करने वाले अभियुक्त को अनूपशहर सिविल जज जूनियर डिवीजन मयंक कुमार के न्यायालय ने दोषी करार दिया है। जिस पर न्यायालय में दोषी वृद्ध ने कहा कि साहब.. मैं बूढ़ा हो चुका हूं, उस दौरान चोरी किए गए माल की कीमत बहुत कम थी। इसके बाद न्यायालय ने उन्हें जेल में बिताई गई 12 दिन अवधि की सजा और दो हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है। 
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वादी मुकदमा मुनेश कुमार ने पांच जनवरी 2006 को अहार थाने पर तहरीर दी। जिसमें उन्होंने बताया कि वह गांव पोटा बादशाहपुर स्थित गन्ना क्रय केंद्र पर पर चौकीदार के पद पर कार्यरत हैं। आरोप है कि चार जनवरी की रात गांव निवासी आरोपी राजेंद्र सिंह और दो अन्य व्यक्ति 50-50 किलो के चार बाट चोरी कर ले गए। आरोपियेां के डर के कारण वह कुछ नहीं बोल सके।  
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मामले में अहार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी राजेंद्र को जेल भेज दिया और 20 दिन में ही आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। जिस पर अब न्यायालय ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों को अवलोकन करते हुए राजेंद्र को दोषी करार दिया है। वहीं, कोर्ट में सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान 75 वर्षीय आरोपी ने गिड़गिड़ाते हुए कहा कि वह बूढ़ा है और चोरी किए गए सामान की कीमत बहुत कम है। न्यायालय ने पाया कि चोरी किए गए वाट का कुल वजन 200 किलो था।
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घटना के समय लोहे की कीमत अधिकतम 20 रुपये प्रति किलो के हिसाब से भी चोरी का माल 4 हजार रुपये से अधिक का नहीं था। आरोपी पहले ही 14 जनवरी से 25 जनवरी 2006 यानि 12 दिन तक जिला कारागार में रह चुका था। इन सभी तथ्यों को देखते हुए कोर्ट ने राजेंद्र सिंह को आईपीसी की धारा 379 और 411 के तहत 12 दिन के कारावास और 2 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
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