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Bulandshahar News: दीपावली की छुट्टी के बाद संस्कृत विद्यालय वापस नहीं जाना चाहता था अभिषेक
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अहार। तीन दिन से लापता संस्कृत विद्यालय के छात्र का शव गंगा किनारे पेड़ से लटका मिला। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को परिजन बच्चे के शव को ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस मामले में शिकायत का इंतजार कर रही है। विद्यालय स्टाफ ने बताया कि दीपावली पर अभिषेक घर गया था। वह वापस नहीं आना चाहता था।
अलीगढ़ के गांव पोहाना निवासी अभिषेक पचौरी क्षेत्र स्थित संस्कृत विद्यालय में कक्षा 10 का विद्यार्थी था। पिछले पांच वर्षों से वह संस्कृत विद्यालय में ही शिक्षा ग्रहण कर रहा था। बताया जा रहा है कि तीन दिसंबर को वह संदिग्ध परिस्थितियों में विद्यालय से लापता हो गया था। जिसके बाद उसके परिजनों को सूचना देते हुए पुलिस को गुमशुदगी की शिकायत दी थी। मंगलवार को अभिषेक का शव गंगा किनारे एक पेड़ से फंदे से लटका मिला। अभिषेक को पढ़ाने वाले आचार्य तुलसी भारद्वाज ने बताया कि दिवाली के अवसर पर छुट्टियों में अभिषेक घर गया था। इसके बाद वह स्कूल में वापस नहीं आना चाहता था, लेकिन परिजनों के समझाने के बाद वह स्कूल वापस आया था। जब परिजनों से इस मामले में पूछा गया कि अभिषेक स्कूल क्यों नहीं आना चाहता था तो उन्होंने इस मामले में कुछ भी नहीं बताया था। मामले में सीओ पूर्णिमा सिंह ने बताया कि अभी तक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। परिजनों की ओर से भी कोई शिकायत नहीं मिली है।
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अलीगढ़ के गांव पोहाना निवासी अभिषेक पचौरी क्षेत्र स्थित संस्कृत विद्यालय में कक्षा 10 का विद्यार्थी था। पिछले पांच वर्षों से वह संस्कृत विद्यालय में ही शिक्षा ग्रहण कर रहा था। बताया जा रहा है कि तीन दिसंबर को वह संदिग्ध परिस्थितियों में विद्यालय से लापता हो गया था। जिसके बाद उसके परिजनों को सूचना देते हुए पुलिस को गुमशुदगी की शिकायत दी थी। मंगलवार को अभिषेक का शव गंगा किनारे एक पेड़ से फंदे से लटका मिला। अभिषेक को पढ़ाने वाले आचार्य तुलसी भारद्वाज ने बताया कि दिवाली के अवसर पर छुट्टियों में अभिषेक घर गया था। इसके बाद वह स्कूल में वापस नहीं आना चाहता था, लेकिन परिजनों के समझाने के बाद वह स्कूल वापस आया था। जब परिजनों से इस मामले में पूछा गया कि अभिषेक स्कूल क्यों नहीं आना चाहता था तो उन्होंने इस मामले में कुछ भी नहीं बताया था। मामले में सीओ पूर्णिमा सिंह ने बताया कि अभी तक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। परिजनों की ओर से भी कोई शिकायत नहीं मिली है।
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