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Bulandshahr: ट्रेन में गूंजी किलकारी, परिवार साथ गाजियाबाद जा रही महिला ने कोच में ही दिया बच्चे को जन्म
Mon, 05 Jan 2026 10:08 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
Published by: विजय पुंडीर
Updated Mon, 05 Jan 2026 10:08 AM IST
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ट्रेन में बच्चे को दिया जन्म
- फोटो : अमर उजाला
परिवार के साथ गाजियाबाद निवासी रिश्तेदार के यहां जा रही महिला ने ट्रेन में बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद खुर्जा जंक्शन पर जच्चा और बच्चा को साइकिल एंबुलेंस से जटिया महिला अस्पताल भेजा गया। जहां दोनों का उपचार चल रहा है।
बिहार के शिवान जिला निवासी रंजीत दुबे ने बताया कि उनके बड़े भाई गाजियाबाद के छपरौला में रहते हैं। सोमवार को उनके बेटे की सगाई थी, जिसमें शामिल होने के लिए वह अपनी नौ माह की गर्भवती पत्नी निभा देवी और दो बच्चों के साथ वैशाली एक्सप्रेस में बैठकर जा रहे थे।
जब ट्रेन अलीगढ़ स्टेशन से आगे चली तो निभा के प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। दर्द ज्यादा होने के कारण बोगी में बैठे महिला यात्रियों से मदद ली गई और ट्रेन में ही निभा का प्रसव हुआ। गनीमत रही की निभा और बच्चे को कोई परेशानी नहीं हुई। निभा ने ट्रेन में ही चेक कुशल बच्चे को जन्म दिया।
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परिजनों ने हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दी, जिसके बाद ट्रेन को खुर्जा जंक्शन पर रोका गया। जहां से एंबुलेंस के माध्यम से जच्चा और बच्चा को खुर्जा के राजकीय महिला अस्पताल में पहुंचाया, जहां दोनों का उपचार चल रहा है। रंजीत ने बताया कि उनके पहले दो बच्चे हैं। ट्रेन प्रसव को लेकर चिंता और परेशानी तो हुई थी, लेकिन स्वस्थ्य बच्चे को देखकर अब सब कुछ अच्छा लग रहा। अब परिवार के साथ गाजियाबाद जाएंगे।
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बिहार के शिवान जिला निवासी रंजीत दुबे ने बताया कि उनके बड़े भाई गाजियाबाद के छपरौला में रहते हैं। सोमवार को उनके बेटे की सगाई थी, जिसमें शामिल होने के लिए वह अपनी नौ माह की गर्भवती पत्नी निभा देवी और दो बच्चों के साथ वैशाली एक्सप्रेस में बैठकर जा रहे थे।
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जब ट्रेन अलीगढ़ स्टेशन से आगे चली तो निभा के प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। दर्द ज्यादा होने के कारण बोगी में बैठे महिला यात्रियों से मदद ली गई और ट्रेन में ही निभा का प्रसव हुआ। गनीमत रही की निभा और बच्चे को कोई परेशानी नहीं हुई। निभा ने ट्रेन में ही चेक कुशल बच्चे को जन्म दिया।
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परिजनों ने हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दी, जिसके बाद ट्रेन को खुर्जा जंक्शन पर रोका गया। जहां से एंबुलेंस के माध्यम से जच्चा और बच्चा को खुर्जा के राजकीय महिला अस्पताल में पहुंचाया, जहां दोनों का उपचार चल रहा है। रंजीत ने बताया कि उनके पहले दो बच्चे हैं। ट्रेन प्रसव को लेकर चिंता और परेशानी तो हुई थी, लेकिन स्वस्थ्य बच्चे को देखकर अब सब कुछ अच्छा लग रहा। अब परिवार के साथ गाजियाबाद जाएंगे।