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वेव मिल का प्रबंधन गायब, पेराई अटकी

Sun, 23 Nov 2014 05:30 AM IST
Bulandshahr
Bulandshahr Updated Sun, 23 Nov 2014 05:30 AM IST
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बुलंदशहर। जिलाधिकारी की सख्ती और मिल प्रबंधन के गायब होने से वेव शुगर मिल के तय समय (25 नवंबर) पर शुरू होने को लेकर संकट खड़ा हो गया है। शनिवार को जिला प्रशासन, गन्ना विभाग के अफसर दिनभर मिल वेव शुगर मिल के एजीएम के फोन पर संपर्क कर स्थिति जानने की कोशिश करते रहे लेकिन फोन बंद रहा। गायब मिल प्रबंधकों की लोकेशन भी अब तक ट्रेस नहीं हो पाई है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अफसर भी दिनभर मिल संबंधी प्रस्ताव को लेकर जिला गन्ना अधिकारी (डीसीओ) से संपर्क में रहे लेकिन वह भी संतुष्ट जवाब नहीं दे सके। गन्ना विभाग के अफसरों का दावा है कि वेव शुगर मिल के मैनेजमेंट से कोशिश के बाद भी संपर्क नहीं हो सका। आलम यह रहा कि शाम तक डीएम के समक्ष मिल की प्रगति संबंधी रिपोर्ट नहीं रखी जा सकी। उधर, डीएम का साफ तौर पर कहना है कि मिल को हर हाल में चलवाया जाएगा। वहीं, इस पूरे प्रकरण से करीब 40 हजार गन्ना किसान परेशान हैं।
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बता दें कि उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सदस्य सचिव ने प्रदूषण संबंधी शिकायतोें के बाद वेव शुगर मिल को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश के बाद से हड़कंप मचा हुआ है।
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शुक्रवार को डीएम ने प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अफसर और जिला गन्ना अधिकारी को मिल चालू करने के संबंध में मानक अनुरूप प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा। सुबह 11 बजे तक डीएम के समक्ष प्रस्ताव रखना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। शाम चार बजे तक जिला गन्ना अधिकारी और प्रदूषण विभाग के अफसर मिल प्रबंधन से फोन से संपर्क साधते रहे, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। प्रशासन के पास जानकारी पहुंची है कि चारों तरफ से घिरने के बाद मिल प्रबंधन गायब हो गया है। मिल के कुछ जिम्मेदार अफसरों का कहना है कि प्रशासन की सख्ती के चलते गिरफ्तारी के भय से आला अफसरों ने अपने आवास छोड़ दिए हैं।
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दरअसल, मौजूदा पेराई सत्र में वेव शुगर मिल को 40 हजार किसानों से करीब 48 लाख क्विंटल गन्ना खरीदना है। मिल 25 नवंबर से शुरू होनी थी। इसी बीच प्रदूषण को लेकर पिछले कई दिनों से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बुलंदशहर शुगर मिल और जिला प्रशासन के बीच तकरार बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। सवाल यह है कि यदि पेराई सत्र शुरू नहीं हुआ या देरी से आरंभ हुआ तो 40 हजार किसानों का क्या होगा। गेहूं की बुवाई किस मोड़ पर ठहरेगी। वहीं, जिला प्रशासन, गन्ना अधिकारी दिनभर वेव शुगर मिल के एजीएम पीके एरन की तलाश की लेकिन उनका फोन बंद रहा। वेव के आला मैनेजमेंट से संपर्क साधा गया। वहां से भी सही जवाब नहीं मिला। \

कोट्स
वेव शुगर मिल को हर हाल में चालू कराया जाएगा। मिल प्रबंधकों की तलाश जारी है। किसानों के साथ धोखा नहीं होने दूंगी। हमारी प्राथमिकता मिल चलवाना है। बी. चंद्रकला, डीएम बुलंदशहर
मिल के आला अफसरों से बमुश्किल से संपर्क किया है। वह जल्द कार्रवाई को कह रहे हैं। बाकी अभी मैं कुछ नहीं कह सकता हूं। प्रशासन पूरे प्रकरण पर नजर रख रहा है। - संजय गुप्ता, जिला गन्ना अधिकारी

मिल से संपर्क कर जिला गन्ना अधिकारी प्रस्ताव विभाग में उपलब्ध कराते। यहां से डीएम के सम्मुख प्रस्ताव को रखा जाता। हमारी कोशिश है, मिल मानक के अनुरूप चले। - एके चौधरी, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण विभाग
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