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छठ पर्व: अस्ताचलगामी सूर्य को आज देंगे अर्घ्य
Bulandshahr
Updated Wed, 29 Oct 2014 05:33 AM IST
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बुलंदशहर/सिकंदराबाद/ अनूपशहर। छठ पर्व पर व्रत रखने वालों में खासा उत्साह है। सोमवार को नहाय खाय के बाद दूसरे दिन मंगलवार को व्रतियों ने खरना का प्रसाद बांटा। अब बुधवार को तीसरे दिन अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगे।
उधर, औद्योगिक क्षेत्र के जोखाबाद और सरकारी कॉलोनी आदि इलाकों में लोगों ने व्रत और पूजा में उपयोगी, सूप, फल आदि सामानों की खरीददारी की। साफ-सफाई कर प्रसाद चढ़ाने के लिए पकवान आदि बनाए गए।
छठ पर्व के दूसरे दिन कार्तिक शुक्ल की पंचमी को व्रतियों ने उपवास रखने के बाद शाम के समय भोजन किया। खरना को लोहंडा भी कहा जाता है। खरना का प्रसाद लेने के लिए आसपास के सभी लोगों को आमंत्रित किया गया। प्रसाद के रूप में गन्ने के रस में बने चावल की खीर के साथ दूध और चावल का पिट्ठा तथा घी चुपड़ी रोटी बनाने के बाद इसका प्रसाद बांटा गया। इसमें नमक या चीनी का प्रयोग नहीं किया जाता है।
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तीसरे दिन बृहस्पतिवार को छठ प्रसाद बनाया जाएगा। प्रसाद के रूप में ठेकुआ के अलावा चावल के लड्डू, सांचा और फल का वितरण किया जाएगा। बुधवार शाम को पूरी तैयारी के साथ बांस की टोकरी में अर्घ्य का सूप सजाया जाएगा।
व्रती के साथ परिवार और पड़ोसी अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने नहर, पोखर या तालाब पर पहुंचेंगे। यहां सामूहिक रूप से अर्घ्य दान संपन्न किया जाएगा। सूर्य को जल और दूध का अर्घ्य देकर छठी मैया के प्रसाद और भरे सूप की पूजा की जाएगी।
छठ पूजा कमेटी बुलंदशहर के अध्यक्ष बृजेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि इस पर्व गंगनहर बलीपुरा के स्नान घाट पर मनाया जाएगा। यहां मेले जैसा माहौल रहेगा। कमेटी ने पर्व को श्रद्धा और उल्लास से मनाने के लिए सभी व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा के लिए पुलिस भी तैनात रहेगी।
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उधर, औद्योगिक क्षेत्र के जोखाबाद और सरकारी कॉलोनी आदि इलाकों में लोगों ने व्रत और पूजा में उपयोगी, सूप, फल आदि सामानों की खरीददारी की। साफ-सफाई कर प्रसाद चढ़ाने के लिए पकवान आदि बनाए गए।
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छठ पर्व के दूसरे दिन कार्तिक शुक्ल की पंचमी को व्रतियों ने उपवास रखने के बाद शाम के समय भोजन किया। खरना को लोहंडा भी कहा जाता है। खरना का प्रसाद लेने के लिए आसपास के सभी लोगों को आमंत्रित किया गया। प्रसाद के रूप में गन्ने के रस में बने चावल की खीर के साथ दूध और चावल का पिट्ठा तथा घी चुपड़ी रोटी बनाने के बाद इसका प्रसाद बांटा गया। इसमें नमक या चीनी का प्रयोग नहीं किया जाता है।
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तीसरे दिन बृहस्पतिवार को छठ प्रसाद बनाया जाएगा। प्रसाद के रूप में ठेकुआ के अलावा चावल के लड्डू, सांचा और फल का वितरण किया जाएगा। बुधवार शाम को पूरी तैयारी के साथ बांस की टोकरी में अर्घ्य का सूप सजाया जाएगा।
व्रती के साथ परिवार और पड़ोसी अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने नहर, पोखर या तालाब पर पहुंचेंगे। यहां सामूहिक रूप से अर्घ्य दान संपन्न किया जाएगा। सूर्य को जल और दूध का अर्घ्य देकर छठी मैया के प्रसाद और भरे सूप की पूजा की जाएगी।
छठ पूजा कमेटी बुलंदशहर के अध्यक्ष बृजेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि इस पर्व गंगनहर बलीपुरा के स्नान घाट पर मनाया जाएगा। यहां मेले जैसा माहौल रहेगा। कमेटी ने पर्व को श्रद्धा और उल्लास से मनाने के लिए सभी व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा के लिए पुलिस भी तैनात रहेगी।