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प्रभावित परिवारों की सीबीआई जांच की मांग
Bulandshahr
Updated Tue, 21 Oct 2014 05:33 AM IST
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शिकारपुर। बस सिलेंडर विस्फोट मामले में शासन और प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवारों की मदद और सीबीआई जांच की मांग को लेकर तहसील परिसर में सोमवार को सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया गया। कुतुबपुर बस विस्फोट कांड संघर्ष समिति के बैनर तले पीड़ित परिवारों और क्षेत्र के लोगों ने इंसाफ की गुहार लगाई। जिला पंचायत सदस्य अमन चौधरी ने कहा कि बस कांड में अब तक 42 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई लोग अब भी अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं लेकिन शासन उदासीन है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख मुकेश पंडित ने कहा कि शासन द्वारा घायलों को दो दो लाख जबकि मृतकों को दस दस लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। समिति के अध्यक्ष बच्चू सिंह ने कहा कि बस कांड एक जघन्य हत्याकांड है, वह इसकी घोर शब्दों में निंदा करते हैं। उन्होंने इस घटना को आतंकवादी घटना करार दिया। साथ ही सीबीआई जांच की मांग भी की। बार एसोशिएशन शिकारपुर के अधिवक्ता और भाकियू भानु गुट ने भी सांकेतिक धरना प्रदर्शन को समर्थन दिया। जाट आरक्षण समिति के प्रदेश महासचिव कुंवर सौरभ चौधरी, कर्नल जयप्रकाश, मुकेश जखैता, विकाश शर्मा, गंगा प्रसाद पिलानिया, पिन्टू चौधरी, डा.जुगेन्द्र सिंह, शिवकुमार शर्मा आदि ने भी विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष सतपाल सिंह ने तथा संचालन धर्मेंद्र हुड्डा तथा अनिल अजनारा ने सामूहिक रूप से किया। बाद में संघर्ष समिति द्वारा पांच सूत्रीय व चार सूत्री मांगों का क्रमश: मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सुनील कुमार सिंह को सौंपा। उल्लेखनीय है कि 22 सितंबर को कुतुबपुर के पास शिकारपुर से जहांगीराबाद जा रही प्राइवेट बस में पांच किलो के एलपीजी सिलेंडर के फटने से लगी आग में 90 लोग गंभीर रूप से झुलसकर घायल हो गए थे। इनमें अब तक 42 लोगों के मौत हो चुकी है।
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