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हकीम हत्याकांडः मंत्रालय तक पहुंची महविश की गुहार
Bulandshahr
Updated Fri, 14 Dec 2012 05:30 AM IST
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बुलंदशहर। भाटगढ़ी के अब्दुल हकीम की हत्या का मामला महिला एवं बाल विकास मंत्रालय पहुंच गया है। अखिल भारतीय लोकतांत्रिक महिला संगठन की पदाधिकारियों ने मंत्री कृष्ण तीरथ को पत्र भेजकर मामले से अवगत कराया है। साथ ही महविश, उसकी बेटियों को सुरक्षा और रोजगार दिलाने की मांग की है।
22 नवंबर को अब्दुल हकीम की हत्या के बाद तीस नवंबर को अखिल भारतीय लोकतांत्रिक महिला संगठन की टीम भाटगढ़ी पहुंची थी। टीम में केरला राज्य सभा की सांसद टीएन सीमा, संगठन की उपाध्यक्ष जगमती सांगवान आदि पदाधिकारी शामिल थीं। टीम ने महविश और हकीम के परिजनों से पूरे प्रकरण की जानकारी ली थी और रिपोर्ट महिला आयोग एवं अन्य महिला संगठनों को सौंपने की बात कही थी। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की मंत्री कृष्णा तीरथ को भेजी गई रिपोर्ट में बताया है कि यह गंभीर केस है। पुलिस इसे विवाद में हुई हत्या मान रही है, जबकि यह ऑनर किलिंग है। हकीम की हत्या का संबंध उसकी लव मैरिज से है। उसकी मौत के बाद महविश और उसकी बेटी को भी जान का खतरा है। हकीम की मौत के बाद उसके पास अपना और बेटियों के जीवन यापन का भी साधन नहीं है। भूमि भी नहीं है। संगठन ने मंत्रालय से महविश को सुरक्षा और रोजगार दिलाने की मांग की है। पत्र भेजने वालों में एमपी की राज्य सभा सांसद झरना दास भी शामिल हैं।
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22 नवंबर को अब्दुल हकीम की हत्या के बाद तीस नवंबर को अखिल भारतीय लोकतांत्रिक महिला संगठन की टीम भाटगढ़ी पहुंची थी। टीम में केरला राज्य सभा की सांसद टीएन सीमा, संगठन की उपाध्यक्ष जगमती सांगवान आदि पदाधिकारी शामिल थीं। टीम ने महविश और हकीम के परिजनों से पूरे प्रकरण की जानकारी ली थी और रिपोर्ट महिला आयोग एवं अन्य महिला संगठनों को सौंपने की बात कही थी। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की मंत्री कृष्णा तीरथ को भेजी गई रिपोर्ट में बताया है कि यह गंभीर केस है। पुलिस इसे विवाद में हुई हत्या मान रही है, जबकि यह ऑनर किलिंग है। हकीम की हत्या का संबंध उसकी लव मैरिज से है। उसकी मौत के बाद महविश और उसकी बेटी को भी जान का खतरा है। हकीम की मौत के बाद उसके पास अपना और बेटियों के जीवन यापन का भी साधन नहीं है। भूमि भी नहीं है। संगठन ने मंत्रालय से महविश को सुरक्षा और रोजगार दिलाने की मांग की है। पत्र भेजने वालों में एमपी की राज्य सभा सांसद झरना दास भी शामिल हैं।
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