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कुम्हार सहित 17 जातियां 22 को करेंगी धरना-प्रदर्शन
Bulandshahr
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
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बुलंदशहर। सूबे में कुम्हार सहित 17 जातियों के कर्मचारी 22 नवंबर को हड़ताल पर रहेंगे। अपनी जातियों को एससी श्रेणी में शामिल कराने के लिए ‘दा डिप्रेस्ड एंड दा मोस्ट बैकवर्ड वेलफेयर एसोसिएशन’ के नेतृत्व में जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपेंगे। संगठन का आरोप है कि इथेनोग्राफिक रिपोर्ट सात साल से एससी शोध संस्थान लखनऊ में लंबित पड़ी है। इसको केन्द्र सरकार को भेजा जाना है। यूपी, मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड से यह रिपोर्ट केंद्र सरकार को जानी है। अभी तक केवल बिहार ने रिपोर्ट भेजी है।
दरअसल, वर्ष 1955 में कुम्हार-धीमर आदि जातियों ने खुद को एससी श्रेणी में शामिल करने की मांग की थी। तब से यह मांग लगातार चली आ रही है। एससी-एसटी आयोग, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक यह मामला जा चुका है। पिछले दिनों कोर्ट की सलाह पर एससी-एसटी आयोग के साथ संगठन के पदाधिकारियों की वार्ता हुई थी। इसमें स्टेट गर्वमेंट से प्रस्ताव केन्द्र को भेजने की बात रखी गई। सपा ने इस प्रस्ताव को केन्द्र को भेजने का वादा अपने घोषणापत्र में किया था।
ये जातियां हैं शामिल
धरना प्रदर्शन में ये जातियां एकजुट हो गई हैं। कुम्हार, प्रजापति, कश्यप, धीमर, केवट , मांझी, माली, मछुआ, मल्लाह, मछुआरे, बिंद, बाथम, गौड, भर, राजभर आदि जातियां अब आंदोलन की राह पर चल निकली हैं।
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दरअसल, वर्ष 1955 में कुम्हार-धीमर आदि जातियों ने खुद को एससी श्रेणी में शामिल करने की मांग की थी। तब से यह मांग लगातार चली आ रही है। एससी-एसटी आयोग, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक यह मामला जा चुका है। पिछले दिनों कोर्ट की सलाह पर एससी-एसटी आयोग के साथ संगठन के पदाधिकारियों की वार्ता हुई थी। इसमें स्टेट गर्वमेंट से प्रस्ताव केन्द्र को भेजने की बात रखी गई। सपा ने इस प्रस्ताव को केन्द्र को भेजने का वादा अपने घोषणापत्र में किया था।
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ये जातियां हैं शामिल
धरना प्रदर्शन में ये जातियां एकजुट हो गई हैं। कुम्हार, प्रजापति, कश्यप, धीमर, केवट , मांझी, माली, मछुआ, मल्लाह, मछुआरे, बिंद, बाथम, गौड, भर, राजभर आदि जातियां अब आंदोलन की राह पर चल निकली हैं।
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