{"_id":"110-22310","slug":"Bulandshahr-22310-110","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्राईसाइकिल मामले की जांच पूरी, हेडक्वार्टर पहुंची रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्राईसाइकिल मामले की जांच पूरी, हेडक्वार्टर पहुंची रिपोर्ट
Bulandshahr
Updated Thu, 15 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुलंदशहर। केंद्रीय विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के डॉक्टर जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट पर निशक्तों को उपकरण देने के नाम पर अनियमितता के आरोपों की जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने स्थानीय स्तर पर पूरी कर ली है। रिपोर्ट पर कार्रवाई की संस्तुति अब ईओडब्ल्यू मुख्यालय को करनी है। खुद डीजी ईओडब्ल्यू इसकी निगरानी कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक जांच रिपोर्ट में विकलांगों के फर्जी नाम पर ट्राई साइकिल और दूसरे उपकरण बांटने की पुष्टि हुई है। टीम ने फर्जी नाम दर्शाए विकलांग के बयान, शिविर संचालित करने वालों से जुड़े लोगों के बयान, शिविर रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने वाले समाज कल्याण विभाग के अफसरों और कर्मचारियों को जांच का आधार बनाया है। बताया गया कि ईओडब्ल्यूू इस मामले को हाईप्रोफाइल होने के कारण जांच में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती। शासन को रिपोर्ट सौंपने से पहले हर पहलू पर छानबीन की जा रही है। जिन अफसरों के नाम शिविर लगने की रिपोर्ट पर दर्ज हैं, उनके हस्ताक्षरों और मौजूदा लिखावट का नमूना लेकर मिलान कराया जा रहा है। यहां भी तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी का कार्यभार देख रही रश्मि (वर्तमान में बागपत में तैनात) के नमूने भी पड़ताल की लिस्ट में शामिल हैं।
ईओडब्ल्यू मेरठ सेक्टर के जांच निरीक्षक ओमप्रकाश का कहना है कि जांच गोपनीय है। शासन स्तर से मॉनीटरिंग की जा रही है। हम कुछ नहीं कह सकते। जांच में दूध का दूध और पानी का पानी होगा।
विज्ञापन
यह था मामला
डॉक्टर जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट की तरफ से 2011 में जहांगीराबाद समेत जिले में कई जगह शिविर लगाकर विकलांगों को मदद पहुंचाने के लिए ट्राई साइकिल और अन्य उपकरण वितरित करने का दावा किया गया था। इंडिया अगेंस्ट करप्शन के अरविंद केजरीवाल ने संस्था पर उपकरण के नाम पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया था। जांच में यहां कई विकलांगों ने खुद को उपकरण मिलने और शिविर में खुद के शामिल होने से ही इनकार कर दिया था।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक जांच रिपोर्ट में विकलांगों के फर्जी नाम पर ट्राई साइकिल और दूसरे उपकरण बांटने की पुष्टि हुई है। टीम ने फर्जी नाम दर्शाए विकलांग के बयान, शिविर संचालित करने वालों से जुड़े लोगों के बयान, शिविर रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने वाले समाज कल्याण विभाग के अफसरों और कर्मचारियों को जांच का आधार बनाया है। बताया गया कि ईओडब्ल्यूू इस मामले को हाईप्रोफाइल होने के कारण जांच में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती। शासन को रिपोर्ट सौंपने से पहले हर पहलू पर छानबीन की जा रही है। जिन अफसरों के नाम शिविर लगने की रिपोर्ट पर दर्ज हैं, उनके हस्ताक्षरों और मौजूदा लिखावट का नमूना लेकर मिलान कराया जा रहा है। यहां भी तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी का कार्यभार देख रही रश्मि (वर्तमान में बागपत में तैनात) के नमूने भी पड़ताल की लिस्ट में शामिल हैं।
विज्ञापन
ईओडब्ल्यू मेरठ सेक्टर के जांच निरीक्षक ओमप्रकाश का कहना है कि जांच गोपनीय है। शासन स्तर से मॉनीटरिंग की जा रही है। हम कुछ नहीं कह सकते। जांच में दूध का दूध और पानी का पानी होगा।
विज्ञापन
यह था मामला
डॉक्टर जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट की तरफ से 2011 में जहांगीराबाद समेत जिले में कई जगह शिविर लगाकर विकलांगों को मदद पहुंचाने के लिए ट्राई साइकिल और अन्य उपकरण वितरित करने का दावा किया गया था। इंडिया अगेंस्ट करप्शन के अरविंद केजरीवाल ने संस्था पर उपकरण के नाम पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया था। जांच में यहां कई विकलांगों ने खुद को उपकरण मिलने और शिविर में खुद के शामिल होने से ही इनकार कर दिया था।