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बिना हेलमेट के मिला पेट्रोल
Bulandshahr
Updated Thu, 01 Nov 2012 12:00 PM IST
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यातायात माह,परिवहन मंत्री का आदेश बुलंदशहर में ताक पर
बुलंदशहर। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन मंत्री के आदेश से बुधवार को चालक, पेट्रोल पंप संचालक और पुलिस तीनों ही बेपरवाह रहे। पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के ही चालक दिन भर पेट्रोल भरवाते नजर आए। लेकिन न तो संचालकों ने इसकी सुधी ली और न ही पुलिस ने ही कोई कार्रवाई की।
सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और ट्रैफिक नियम के पालन के उद्देश्य से परिवहन मंत्री अरिदमन सिंह ने मंगलवार को कहा था कि अधिकांश सड़क हादसे में दोपहिया सवारों के सिर में चोट लगने के कारण उनकी जान चली जाती है। इसलिए हेलमेट पहनकर वाहन चलाना अति आवश्यक है। उनहोंने वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करने को पेट्रोल पंप संचालकों को और पुलिस को आदेश दिया था कि वह बिना हेलमेट पहले दोपहिया चालकों को पेट्रोल न दें। यह आदेश उन्होंने बुधवार से पूरे प्रदेश में प्रभावी किया था। इसके बावजूद जिले के पेट्रोल पंप पर परिवहन मंत्री के आदेश का कोई असर दिखाई नहीं िदिखा। सभी पेट्रोल पंप पर सेल्समैन रोजाना की तरह सभी वाहनों में पेट्रोल डालते रहे।
औपचारिकताएं ज्यादा व्यवस्थाएं आधी
बुलंदशहर। आज से यातायात माह शुरू होने वाला है। लोगों को जागरूक किया जाएगा। लेकिन हर बार की तरह यह कोशिश रस्मअदायगी न रह जाए। असल में यातायात पुलिस के सामने जिले को जाम मुक्त कराना सबसे बड़ी चुनौती है। कई सालों से अफसर लोगों को जाम से निजात दिलाने का आश्वासन देते आए हैं, लेकिन साल-दर-साल मुसीबत बढ़ती जा रही है। अब स्थिति यह हो गई है कि शहर में रोज चौतरफा जाम लगता है तो वहीं खुर्जा और सिकंदराबाद में समस्या विकट हो गई है। इसका सबसे बड़ा कारण बढ़ता वाहनों का दबाव और नियमों का सख्ती से पालन न होना है। यातायात पुलिसकर्मियों की कमी भी एक बड़ा कारण है।
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पिछले एक दशक में बुलंदशहर में टूव्हीलर्स और फोरव्हीलर्स वाहनों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। लेकिन ट्रैफिक सिस्टम वही पुराना है। दिन की शुरुआत के साथ ही सड़कों पर वाहनों की संख्या बढ़ जाती है। जल्दबाजी के चक्कर में जाम लग जाता है। प्रतिबंध के बावजूद नोएंट्री में दिन भर भारी वाहनों का प्रवेश होता है। जिले भर में आए दिन हादसे होने और लोगों की जान जाने के बावजूद डग्गामार वाहनों के संचालन में कोई कमी नहीं आई है। बसों और डग्गामारों की छत पर बैठकर दिनभर में हजारों यात्री सफर करते हैं। अतिक्रमण के कारण मुख्य मार्ग संकीर्ण हो जाते हैं और जाम की स्थिति पैदा होती है।
क्या बोले अफसर
एक नवंबर से जनपद में अभियान चलाकर आदेश का पालन किया जाएगा। नियम और आदेश का उल्लंघन करने वाले चालकों और पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
- वैभव कृष्ण, एएसपी यातायात
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बुलंदशहर। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन मंत्री के आदेश से बुधवार को चालक, पेट्रोल पंप संचालक और पुलिस तीनों ही बेपरवाह रहे। पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के ही चालक दिन भर पेट्रोल भरवाते नजर आए। लेकिन न तो संचालकों ने इसकी सुधी ली और न ही पुलिस ने ही कोई कार्रवाई की।
सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और ट्रैफिक नियम के पालन के उद्देश्य से परिवहन मंत्री अरिदमन सिंह ने मंगलवार को कहा था कि अधिकांश सड़क हादसे में दोपहिया सवारों के सिर में चोट लगने के कारण उनकी जान चली जाती है। इसलिए हेलमेट पहनकर वाहन चलाना अति आवश्यक है। उनहोंने वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करने को पेट्रोल पंप संचालकों को और पुलिस को आदेश दिया था कि वह बिना हेलमेट पहले दोपहिया चालकों को पेट्रोल न दें। यह आदेश उन्होंने बुधवार से पूरे प्रदेश में प्रभावी किया था। इसके बावजूद जिले के पेट्रोल पंप पर परिवहन मंत्री के आदेश का कोई असर दिखाई नहीं िदिखा। सभी पेट्रोल पंप पर सेल्समैन रोजाना की तरह सभी वाहनों में पेट्रोल डालते रहे।
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बुलंदशहर। आज से यातायात माह शुरू होने वाला है। लोगों को जागरूक किया जाएगा। लेकिन हर बार की तरह यह कोशिश रस्मअदायगी न रह जाए। असल में यातायात पुलिस के सामने जिले को जाम मुक्त कराना सबसे बड़ी चुनौती है। कई सालों से अफसर लोगों को जाम से निजात दिलाने का आश्वासन देते आए हैं, लेकिन साल-दर-साल मुसीबत बढ़ती जा रही है। अब स्थिति यह हो गई है कि शहर में रोज चौतरफा जाम लगता है तो वहीं खुर्जा और सिकंदराबाद में समस्या विकट हो गई है। इसका सबसे बड़ा कारण बढ़ता वाहनों का दबाव और नियमों का सख्ती से पालन न होना है। यातायात पुलिसकर्मियों की कमी भी एक बड़ा कारण है।
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पिछले एक दशक में बुलंदशहर में टूव्हीलर्स और फोरव्हीलर्स वाहनों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। लेकिन ट्रैफिक सिस्टम वही पुराना है। दिन की शुरुआत के साथ ही सड़कों पर वाहनों की संख्या बढ़ जाती है। जल्दबाजी के चक्कर में जाम लग जाता है। प्रतिबंध के बावजूद नोएंट्री में दिन भर भारी वाहनों का प्रवेश होता है। जिले भर में आए दिन हादसे होने और लोगों की जान जाने के बावजूद डग्गामार वाहनों के संचालन में कोई कमी नहीं आई है। बसों और डग्गामारों की छत पर बैठकर दिनभर में हजारों यात्री सफर करते हैं। अतिक्रमण के कारण मुख्य मार्ग संकीर्ण हो जाते हैं और जाम की स्थिति पैदा होती है।
क्या बोले अफसर
एक नवंबर से जनपद में अभियान चलाकर आदेश का पालन किया जाएगा। नियम और आदेश का उल्लंघन करने वाले चालकों और पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
- वैभव कृष्ण, एएसपी यातायात