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उचित मुआवजे के लिए जाएंगे कोर्ट
Bulandshahr
Updated Tue, 16 Oct 2012 12:00 PM IST
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सिकंदराबाद। हदीमपुर गांव में सोमवार को चोला क्षेत्र के करीब 12 गावों के काश्तकारों ने महापंचायत कर सरकार के खिलाफ भड़ास निकाली। पंचायत में किसानों ने दो कहा यदि सरकार जबरदस्ती करेगी तो किसान चुप नहीं बैठेंगे। मुआवजा और भूमि अधिग्रहण की लड़ाई खेत से लेकर कोर्ट तक लड़ी जाएगी।
सोमवार को तहसील क्षेत्र के गांव हदीमपुर में मुआवजा एवं भूमि अधिग्रहण के लेकर किसानों की पंचायत हुई। पंचायत की अध्यक्षता करते हुए निरंजन सिंह ने कहा कि सरकार ने 13 से 21 रुपये मीटर की दर से कीमती कृषि भूमि हथिया ली। यूपीएसआईडीसी ने चौला औद्योगिक क्षेत्र का अब तक विकास नहीं कराया है। संयोजक किसान संघर्ष समिति अजीत दौला ने कहा कि भूमि अधिग्रहण करते समय सरकारी तंत्र ने प्रत्येक किसान परिवार को रोजगार और माकूल मुआवजा देने का वादा किया था। सरकार अपने वादे पर खरी नहीं उतरी तो किसान अपनी कीमती जमीन को कोड़ियों के भाव क्यों दे। सरकार नए सिरे से कृषि जमीन का रेट तय करें। चेतावनी दी कि सरकार ने जबरन जमीन कब्जाने की कोशिश की तो अंजाम ठीक नहीं होगा। संचालन रामपाल सिंह ने किया। मलखान सिंह कन्हैया लाल, दुर्जन सिंह, प्रकाश यादव, मेहकार नागर, केशराम, खेमचंद बाली, प्रेमपाल, राम कैलाश आदि रहे।
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सोमवार को तहसील क्षेत्र के गांव हदीमपुर में मुआवजा एवं भूमि अधिग्रहण के लेकर किसानों की पंचायत हुई। पंचायत की अध्यक्षता करते हुए निरंजन सिंह ने कहा कि सरकार ने 13 से 21 रुपये मीटर की दर से कीमती कृषि भूमि हथिया ली। यूपीएसआईडीसी ने चौला औद्योगिक क्षेत्र का अब तक विकास नहीं कराया है। संयोजक किसान संघर्ष समिति अजीत दौला ने कहा कि भूमि अधिग्रहण करते समय सरकारी तंत्र ने प्रत्येक किसान परिवार को रोजगार और माकूल मुआवजा देने का वादा किया था। सरकार अपने वादे पर खरी नहीं उतरी तो किसान अपनी कीमती जमीन को कोड़ियों के भाव क्यों दे। सरकार नए सिरे से कृषि जमीन का रेट तय करें। चेतावनी दी कि सरकार ने जबरन जमीन कब्जाने की कोशिश की तो अंजाम ठीक नहीं होगा। संचालन रामपाल सिंह ने किया। मलखान सिंह कन्हैया लाल, दुर्जन सिंह, प्रकाश यादव, मेहकार नागर, केशराम, खेमचंद बाली, प्रेमपाल, राम कैलाश आदि रहे।
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