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सूदखोर गिरफ्तार
Bulandshahr
Updated Sat, 16 Jun 2012 12:00 PM IST
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5.50 लाख कर्ज पर देकर 18 लाख ब्याज वसूला,10 लाख बकाया
पुलिस समझौता कराने का भी प्रयास करती रही
पीड़ित के परिजनों ने घर से निकलना बंद किया
सिकंदराबाद। बेखौफ सूदखोर सीधे-साधे लोगों को ब्याज पर रकम देकर उनका शोषण करने से बाज नहीं आ रहे हैं। गैर कानूनी धंधा करने वाले इन सूदखोरों को न कानून का डर है और न ही प्रशासन के डंडे की चिंता। शुक्रवार को ऐसे ही एक सूदखोर के खिलाफ पुलिस ने जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इस सूदखोर ने 5.50 लाख रुपये कर्ज पर देकर पीड़ित से 18 लाख रुपये ब्याज वसूल लिया। आरोपी ने पीड़ित पर 10 लाख रुपये और बताकर उसका मानसिक-शारीरिक उत्पीड़न शुरू कर दिया।
पुलिस के अनुसार, चौधरीवाड़ा निवासी त्रिलोकचंद ने वर्ष-2005 में सुनील तायल से 5.50 लाख रुपये कर्ज मासिक ब्याज दर पर लिया था। त्रिलोक का कहना है वह तब से अब तक सुनील को करीब 18 लाख रुपये का भुगतान किश्तों में कर चुका है। भुगतान के बावजूद सुनील उस पर 10 लाख रुपये और निकाल रहा है। हिसाब की बात करने पर सुनील मारपीट और गाली-गलौच उतर आता है। अब हालत यह है कि सुनील उसे सेलफोन पर जान से मारने की धमकी दे रहा है। ऐसे में उसके परिवार वालों ने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया है। इसे लेकर बृहस्पतिवार की रात दोनों पक्ष कोतवाली पहुंचे और पुलिस के सामने अपना-अपना पक्ष रखा। पुलिस ने पहले दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया। बात नहीं बनने पर सुनील के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे शुक्रवार को जेल भेज दिया।
जरूरी है लाइसेंस
एसडीएम अली हसन कर्नी यदि कोई व्यक्ति ब्याज पर कर्ज देता है तो उसके लिए कानून है। कारोबारी को फर्म रजिस्टर्ड करानी होगी। प्रशासन से लाइसेंस लेना होगा। अगर प्रशासन की अनुमति के बगैर कोई शख्य ब्याज पर कर्ज दे रहा है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
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20 फीसदी पर बांटा जा रहा कर्ज
सूदखोर, लोगों की जरूरत को भांपकर ऊंची ब्याज दरों पर कर्ज मुहैया करा रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक नगर में करीब 800 व्यक्ति ब्याज का धंधा कर चांदी काट रहे हैं। कमर तोड़ महंगाई में ऊंची ब्याज दर के चलन के लिए सरकारी सिस्टम भी बराबर का जिम्मेदार है। किसानों का कहना है कि बैंक में केसीसी नहीं बनने से उन्हें बाजार से ब्याज पर रुपये लेने पड़ते हैं।
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पुलिस समझौता कराने का भी प्रयास करती रही
पीड़ित के परिजनों ने घर से निकलना बंद किया
सिकंदराबाद। बेखौफ सूदखोर सीधे-साधे लोगों को ब्याज पर रकम देकर उनका शोषण करने से बाज नहीं आ रहे हैं। गैर कानूनी धंधा करने वाले इन सूदखोरों को न कानून का डर है और न ही प्रशासन के डंडे की चिंता। शुक्रवार को ऐसे ही एक सूदखोर के खिलाफ पुलिस ने जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इस सूदखोर ने 5.50 लाख रुपये कर्ज पर देकर पीड़ित से 18 लाख रुपये ब्याज वसूल लिया। आरोपी ने पीड़ित पर 10 लाख रुपये और बताकर उसका मानसिक-शारीरिक उत्पीड़न शुरू कर दिया।
पुलिस के अनुसार, चौधरीवाड़ा निवासी त्रिलोकचंद ने वर्ष-2005 में सुनील तायल से 5.50 लाख रुपये कर्ज मासिक ब्याज दर पर लिया था। त्रिलोक का कहना है वह तब से अब तक सुनील को करीब 18 लाख रुपये का भुगतान किश्तों में कर चुका है। भुगतान के बावजूद सुनील उस पर 10 लाख रुपये और निकाल रहा है। हिसाब की बात करने पर सुनील मारपीट और गाली-गलौच उतर आता है। अब हालत यह है कि सुनील उसे सेलफोन पर जान से मारने की धमकी दे रहा है। ऐसे में उसके परिवार वालों ने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया है। इसे लेकर बृहस्पतिवार की रात दोनों पक्ष कोतवाली पहुंचे और पुलिस के सामने अपना-अपना पक्ष रखा। पुलिस ने पहले दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया। बात नहीं बनने पर सुनील के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे शुक्रवार को जेल भेज दिया।
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जरूरी है लाइसेंस
एसडीएम अली हसन कर्नी यदि कोई व्यक्ति ब्याज पर कर्ज देता है तो उसके लिए कानून है। कारोबारी को फर्म रजिस्टर्ड करानी होगी। प्रशासन से लाइसेंस लेना होगा। अगर प्रशासन की अनुमति के बगैर कोई शख्य ब्याज पर कर्ज दे रहा है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
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20 फीसदी पर बांटा जा रहा कर्ज
सूदखोर, लोगों की जरूरत को भांपकर ऊंची ब्याज दरों पर कर्ज मुहैया करा रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक नगर में करीब 800 व्यक्ति ब्याज का धंधा कर चांदी काट रहे हैं। कमर तोड़ महंगाई में ऊंची ब्याज दर के चलन के लिए सरकारी सिस्टम भी बराबर का जिम्मेदार है। किसानों का कहना है कि बैंक में केसीसी नहीं बनने से उन्हें बाजार से ब्याज पर रुपये लेने पड़ते हैं।