{"_id":"69837bf4823115fb3d096bb9","slug":"76-roads-leading-to-sugarcane-purchasing-centres-will-be-constructed-costing-more-than-rs-125-crore-bulandshahr-news-c-133-1-bul1002-148132-2026-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: गन्ना क्रय केंद्र को जाने वाले 76 मार्गों का होगा निर्माण, खर्च होंगे 125 करोड़ से अधिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: गन्ना क्रय केंद्र को जाने वाले 76 मार्गों का होगा निर्माण, खर्च होंगे 125 करोड़ से अधिक
विज्ञापन
बुलंदशहर। जिले के गन्ना क्रय केंद्र, चीनी मिलों को जाने वाले मुख्य मार्गों तक किसानों की आसानी के साथ पहुंच बढ़ाने के लिए लोक निर्माण विभाग जनपद के 76 ऐसे मार्गों पर तारकोल रोड का निर्माण कराएगा। फिलहाल ये मार्ग अब तक कच्चे हैं या खडंजा है। लोक निर्माण विभाग की ओर से 331 किलोमीटर से लंबे इन मार्गों को चिह्नित कर लिया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इन सभी मार्गों के निर्माण पर 125 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा रहा है।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार शासन के निर्देश पर जनपद के गन्ना किसानों की गन्ना क्रय केंद्रों, चीनी मिल तक आसानी के साथ पहुंच बढ़ाने के लिए ऐसे संपर्क मार्गों, जंगल के मार्गों को चिन्हित करने के निर्देश दिया गया था, जो या तो कच्चे हैं, या उनपर खडंजा लगा हुआ है। मार्ग के चिह्नीकरण के लिए गन्ना विभाग, सिंचाई विभाग लोक निर्माण के अधिकारियों की कमेटी गठित की गई थी। तीनों विभागों के कर्मियों ने जनपद में ऐसे 76 मार्गों का चिह्नीकरण किया है।
331 किलोमीटर दूरी के इन सभी मार्गों पर करीब 125 करोड़ रुपये की लागत आएगी। निर्माण कार्य के अन्तर्गत मार्ग पर दो सेंटीमीटर की तारकोल लेयर डाली जाएगी। सभी मार्गों के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। बता दें कि जिले में चार चीनी मिल संचालित हैं। इनमें अनूपशहर चीनी मिल, वेव शुगर मिल, साबितगढ़ चीनी मिल और अगौता चीनी मिल संचालित हैं। इनके जिले में अलग-अलग गन्ना क्रय केंद्र संचालित हैं। साथ ही जिले के गन्ना किसानों का गैर जनपद हापुड़ की दो, अमरोहा की एक और संभल की एक चीनी मिल भी गन्ना खरीद करती हैं। इन मिलों के भी जिले में गन्ना क्रय केंद्र संचालित हैं।
विज्ञापन
इन गन्ना क्रय केंद्रों को जाने वाले अधिकतर मार्ग कच्चे या उन पर खड़ंजा हैं, जिसके चलते इन से होकर गुजरना मुश्किल हो जाता है। लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन प्रताप सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर गन्ना क्रय केंद्रों को जाने वाले मार्ग का निर्माण होगा। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। संभावना है कि जल्द ही शासन से इस प्रस्ताव पर मंजूरी मिल जाएगी।
विज्ञापन
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार शासन के निर्देश पर जनपद के गन्ना किसानों की गन्ना क्रय केंद्रों, चीनी मिल तक आसानी के साथ पहुंच बढ़ाने के लिए ऐसे संपर्क मार्गों, जंगल के मार्गों को चिन्हित करने के निर्देश दिया गया था, जो या तो कच्चे हैं, या उनपर खडंजा लगा हुआ है। मार्ग के चिह्नीकरण के लिए गन्ना विभाग, सिंचाई विभाग लोक निर्माण के अधिकारियों की कमेटी गठित की गई थी। तीनों विभागों के कर्मियों ने जनपद में ऐसे 76 मार्गों का चिह्नीकरण किया है।
विज्ञापन
331 किलोमीटर दूरी के इन सभी मार्गों पर करीब 125 करोड़ रुपये की लागत आएगी। निर्माण कार्य के अन्तर्गत मार्ग पर दो सेंटीमीटर की तारकोल लेयर डाली जाएगी। सभी मार्गों के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। बता दें कि जिले में चार चीनी मिल संचालित हैं। इनमें अनूपशहर चीनी मिल, वेव शुगर मिल, साबितगढ़ चीनी मिल और अगौता चीनी मिल संचालित हैं। इनके जिले में अलग-अलग गन्ना क्रय केंद्र संचालित हैं। साथ ही जिले के गन्ना किसानों का गैर जनपद हापुड़ की दो, अमरोहा की एक और संभल की एक चीनी मिल भी गन्ना खरीद करती हैं। इन मिलों के भी जिले में गन्ना क्रय केंद्र संचालित हैं।
विज्ञापन
इन गन्ना क्रय केंद्रों को जाने वाले अधिकतर मार्ग कच्चे या उन पर खड़ंजा हैं, जिसके चलते इन से होकर गुजरना मुश्किल हो जाता है। लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन प्रताप सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर गन्ना क्रय केंद्रों को जाने वाले मार्ग का निर्माण होगा। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। संभावना है कि जल्द ही शासन से इस प्रस्ताव पर मंजूरी मिल जाएगी।