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Bulandshahar News: 33,807 किसानों की होगी ई-केवाईसी और सत्यापन
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बुलंदशहर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़े जिले के 33,807 किसानों की चेहरे से ई-केवाईसी और सत्यापन होगा। यह डाटा शासन ने विभाग को भेजा है। कृषि विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर ई-केवाईसी और सत्यापन पूरा करेंगे।
उप कृषि निदेशक डाॅ. रघुराज सिंह ने बताया कि इस समय प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना से जिले के करीब साढ़े चार लाख किसान जुड़े हुए हैं। इनमें से लगभग 4.25 किसानों को लगातार योजना का लाभ मिल रहा है। शासन से विभाग को 33,807 किसानों की सूची प्राप्त हुई है। इसमें वर्ष 2022-23 के 17,594 और वर्ष 2023-24 के 16,213 किसान शामिल हैं। शासन का निर्देश है कि इन किसानों के चेहरे के साथ ई-केवाईसी कराई जाए साथ ही उनका सत्यापन किया जाए। सत्यापन के लिए एक 22 कॉलम का आवेदन भी किसान को भरना होगा। इसमें नाम, गांव व अन्य जानकारी देनी होगी। इसके भरने के बाद ही किसान का सत्यापन का कार्य पूरा होगा। सूची में शामिल किसान यदि इस कार्य को पूरा नहीं कराते हैं तो उनकी सम्मान निधि रुक सकती है।
ढूंढे नहीं मिल रहे 17 हजार किसान
कृषि विभाग 17 हजार किसानों की लगातार तलाश कर रहा है। पोर्टल पर दर्ज इन किसानों का पता नहीं है। जिले के 16 ब्लॉकों के गांवों में इन किसानों को ढूंढने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। आवेदन के दौरान दिए गए मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ हैं। तीन बार विभाग की ओर से इन किसानों का सत्यापन कराया जा चुका है लेकिन पता नहीं चल रहा है। माना जा रहा है कि यह किसान जिले से बाहर रहते हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यदि जल्द ही यह किसान नहीं मिले तो कार्रवाई की जाएगी।
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उप कृषि निदेशक डाॅ. रघुराज सिंह ने बताया कि इस समय प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना से जिले के करीब साढ़े चार लाख किसान जुड़े हुए हैं। इनमें से लगभग 4.25 किसानों को लगातार योजना का लाभ मिल रहा है। शासन से विभाग को 33,807 किसानों की सूची प्राप्त हुई है। इसमें वर्ष 2022-23 के 17,594 और वर्ष 2023-24 के 16,213 किसान शामिल हैं। शासन का निर्देश है कि इन किसानों के चेहरे के साथ ई-केवाईसी कराई जाए साथ ही उनका सत्यापन किया जाए। सत्यापन के लिए एक 22 कॉलम का आवेदन भी किसान को भरना होगा। इसमें नाम, गांव व अन्य जानकारी देनी होगी। इसके भरने के बाद ही किसान का सत्यापन का कार्य पूरा होगा। सूची में शामिल किसान यदि इस कार्य को पूरा नहीं कराते हैं तो उनकी सम्मान निधि रुक सकती है।
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ढूंढे नहीं मिल रहे 17 हजार किसान
कृषि विभाग 17 हजार किसानों की लगातार तलाश कर रहा है। पोर्टल पर दर्ज इन किसानों का पता नहीं है। जिले के 16 ब्लॉकों के गांवों में इन किसानों को ढूंढने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। आवेदन के दौरान दिए गए मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ हैं। तीन बार विभाग की ओर से इन किसानों का सत्यापन कराया जा चुका है लेकिन पता नहीं चल रहा है। माना जा रहा है कि यह किसान जिले से बाहर रहते हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यदि जल्द ही यह किसान नहीं मिले तो कार्रवाई की जाएगी।
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