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Bulandshahar News: 321 जोड़ों ने लिए सात फेरे, 80 ने कहा कबूल है
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संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। नुमाइश ग्राउंड में सोमवार को वैदिक मंत्र और कुरान के आयात की गूंज रही। इस दौरान 401 जोड़े परिणय सूत्र में बंध गए। इनमें से 321 जोड़ों ने सात फेरे लिए तो 80 जोड़ों का निकाह पढ़ा गया। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुए विवाह समारोह में अतिथियों ने नव दंपत्तियों को सुखमय जीवन का आशीर्वाद दिया।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी करवाने वाले वर-वधू विवाह स्थल पर सुबह से ही परिजनों के साथ पहुंचना शुरू हो गए थे। पंडाल शहनाइयों से गूंजता रहा। सबसे पहले 80 जोड़ों का निकाह पढ़ा गया और सभी वर-वधू ने एक-दूसरे को कबूल किया। इसके बाद मंत्रोच्चारण के साथ वर-वधुओं ने सात फेरे लेकर एक-दूसरे ने सात जन्मों तक साथ रहने की कसम खाई। जिला प्रशासन की ओर से वर-वधू के साथ आए परिजनों के लिए दावत की भी व्यवस्था की। इस मौके पर डीएम सीपी सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल सिसौदिया, सीडीओ कुलदीप मीना, डीडीओ सुभाष नेमा, समाज कल्याण अधिकारी वीके तिवारी और जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी पारस नाथ समेत अन्य अतिथियों ने सभी जोड़ों को सुखमय जीवन का आशीर्वाद दिया। विवाह समारोह का संचालन शिक्षिका अनीता त्यागी एवं दीप्ति सिंह ने किया।
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दान स्वरूप दिया यह सामान
योजना के तहत एक विवाह पर 51 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। 35 हजार रुपये वधू के खाते में भेजे जाएंगे। 10 हजार रुपये की राशि से प्रत्येक वधू को लहंगा, शूट चांदी की पायल, बिछुआ, कंबल, शॉल, कूकर, डिनर सेट और वर के लिए गर्म सूट आदि सामान दिया गया। दान स्वरूप मिले सामान को पाकर वर-वधू काफी खुश दिखाई दिए।
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कई जोड़ों ने नहीं लिए फेरे
विवाह समारोह में कई जोड़े ऐसे दिखाई दिए जो मंडप में शामिल होने तो पहुंचे, लेकिन जब पंडितों का मंत्रोच्चारण शुरू हुआ तो वह चुपचाप बैठे रहे। ऐसे जोड़ों ने न तो किसी तरह की रस्म पूरी की और न ही सात फेरे लिए। इनमें से जब कुछ से सवाल किया गया तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। ऐसे जोड़ों पर विभागीय अधिकारियों ने भी शक जताया है। वहीं, दूसरी ओर कई वधू ऐसी रही, जिन्होंने मंडप में सात फेरे तो लिए, लेकिन उसके बाद वर के साथ ससुराल नहीं गई। एक परिजन ने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। बताया कि वर अहार क्षेत्र के गांव जटवाई का है और वधू अनूपशहर क्षेत्र के करनपुर गांव की है। वधू के परिजनों का कहना है कि वह घर पर शादी कर विदा करेंगे और योजना से मिला सामान भी अपने साथ ले गए।
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बुलंदशहर। नुमाइश ग्राउंड में सोमवार को वैदिक मंत्र और कुरान के आयात की गूंज रही। इस दौरान 401 जोड़े परिणय सूत्र में बंध गए। इनमें से 321 जोड़ों ने सात फेरे लिए तो 80 जोड़ों का निकाह पढ़ा गया। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुए विवाह समारोह में अतिथियों ने नव दंपत्तियों को सुखमय जीवन का आशीर्वाद दिया।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी करवाने वाले वर-वधू विवाह स्थल पर सुबह से ही परिजनों के साथ पहुंचना शुरू हो गए थे। पंडाल शहनाइयों से गूंजता रहा। सबसे पहले 80 जोड़ों का निकाह पढ़ा गया और सभी वर-वधू ने एक-दूसरे को कबूल किया। इसके बाद मंत्रोच्चारण के साथ वर-वधुओं ने सात फेरे लेकर एक-दूसरे ने सात जन्मों तक साथ रहने की कसम खाई। जिला प्रशासन की ओर से वर-वधू के साथ आए परिजनों के लिए दावत की भी व्यवस्था की। इस मौके पर डीएम सीपी सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल सिसौदिया, सीडीओ कुलदीप मीना, डीडीओ सुभाष नेमा, समाज कल्याण अधिकारी वीके तिवारी और जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी पारस नाथ समेत अन्य अतिथियों ने सभी जोड़ों को सुखमय जीवन का आशीर्वाद दिया। विवाह समारोह का संचालन शिक्षिका अनीता त्यागी एवं दीप्ति सिंह ने किया।
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दान स्वरूप दिया यह सामान
योजना के तहत एक विवाह पर 51 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। 35 हजार रुपये वधू के खाते में भेजे जाएंगे। 10 हजार रुपये की राशि से प्रत्येक वधू को लहंगा, शूट चांदी की पायल, बिछुआ, कंबल, शॉल, कूकर, डिनर सेट और वर के लिए गर्म सूट आदि सामान दिया गया। दान स्वरूप मिले सामान को पाकर वर-वधू काफी खुश दिखाई दिए।
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कई जोड़ों ने नहीं लिए फेरे
विवाह समारोह में कई जोड़े ऐसे दिखाई दिए जो मंडप में शामिल होने तो पहुंचे, लेकिन जब पंडितों का मंत्रोच्चारण शुरू हुआ तो वह चुपचाप बैठे रहे। ऐसे जोड़ों ने न तो किसी तरह की रस्म पूरी की और न ही सात फेरे लिए। इनमें से जब कुछ से सवाल किया गया तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। ऐसे जोड़ों पर विभागीय अधिकारियों ने भी शक जताया है। वहीं, दूसरी ओर कई वधू ऐसी रही, जिन्होंने मंडप में सात फेरे तो लिए, लेकिन उसके बाद वर के साथ ससुराल नहीं गई। एक परिजन ने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। बताया कि वर अहार क्षेत्र के गांव जटवाई का है और वधू अनूपशहर क्षेत्र के करनपुर गांव की है। वधू के परिजनों का कहना है कि वह घर पर शादी कर विदा करेंगे और योजना से मिला सामान भी अपने साथ ले गए।
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