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सवालों के घेरे में ब्लॉक का ओडीएफ गांव
Updated Sat, 02 Sep 2017 10:56 PM IST
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सवालों के घेरे में ब्लॉक का ओडीएफ गांव
-ग्रामीणों ने फर्जी आंकड़े पेश करने का लगाया आरोप
-ब्लॉक प्रशासन ने 11 गांव के ओडीएफ होने का किया था दावा
अमर उजाला ब्यूरो
सिकंदराबाद। ब्लॉक की 11 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त कराने के ब्लॉक अधिकारियों के दावे पर किशनपुर-बिशनपुर के ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों के दावों को हवाई बताया।
डीएम ने जनपद को खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए सभी बीडीओ, संबंधित अधिकारियों को 31 दिसंबर तक का समय दिया था। बीडीओ सुरेंद्र बहादुर सिंह ने ब्लॉक के गांव धमैड़ानारा, बहोराबास, मोहम्मदपुर केहरी, मलपुर, किशनपुर-बिशनपुर, जटौली, सराय जगन्नाथ, सांवली, सनौटा, नूरपुर, नगलाकाला, आजमपुर-हुसैनपुर को खुले में शौच से मुक्त होने का दावा किया था। ग्राम किशनपुर-बिशनपुर के हेमंत शर्मा, हरिभगवान, सुभाषचंद, प्रमोद, रजनीश, विनोद, जगरोशनी, विनेश, ब्रिजेश, दिगंबर, आरके कोशिक ने ब्लॉक के दावे को नकार दिया। बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत उनके गांव में एक भी शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया। ब्लॉक द्वार केवल ग्राम पंचायत के राजस्व गांव राजारामपुर में ही शौचालयों का निर्माण कराया गया। वह भी चालू हालत में नहीं है। ग्रामीणों ने एसडीएम से ब्लॉक के दावे की जांच कराने की मांग करते हुए झूठे आंकड़े पेश करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। एडीओ ग्राम पंचायत गब्बर सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत किशन-बिशनपुर में 200 शौंचालयों के निर्माण की राशि ग्राम पंचायत के खाते में पहुंच चुकी है। राजारामपुर को खुले में शौच से मुक्त कराया गया है।
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-ग्रामीणों ने फर्जी आंकड़े पेश करने का लगाया आरोप
-ब्लॉक प्रशासन ने 11 गांव के ओडीएफ होने का किया था दावा
अमर उजाला ब्यूरो
सिकंदराबाद। ब्लॉक की 11 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त कराने के ब्लॉक अधिकारियों के दावे पर किशनपुर-बिशनपुर के ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों के दावों को हवाई बताया।
डीएम ने जनपद को खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए सभी बीडीओ, संबंधित अधिकारियों को 31 दिसंबर तक का समय दिया था। बीडीओ सुरेंद्र बहादुर सिंह ने ब्लॉक के गांव धमैड़ानारा, बहोराबास, मोहम्मदपुर केहरी, मलपुर, किशनपुर-बिशनपुर, जटौली, सराय जगन्नाथ, सांवली, सनौटा, नूरपुर, नगलाकाला, आजमपुर-हुसैनपुर को खुले में शौच से मुक्त होने का दावा किया था। ग्राम किशनपुर-बिशनपुर के हेमंत शर्मा, हरिभगवान, सुभाषचंद, प्रमोद, रजनीश, विनोद, जगरोशनी, विनेश, ब्रिजेश, दिगंबर, आरके कोशिक ने ब्लॉक के दावे को नकार दिया। बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत उनके गांव में एक भी शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया। ब्लॉक द्वार केवल ग्राम पंचायत के राजस्व गांव राजारामपुर में ही शौचालयों का निर्माण कराया गया। वह भी चालू हालत में नहीं है। ग्रामीणों ने एसडीएम से ब्लॉक के दावे की जांच कराने की मांग करते हुए झूठे आंकड़े पेश करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। एडीओ ग्राम पंचायत गब्बर सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत किशन-बिशनपुर में 200 शौंचालयों के निर्माण की राशि ग्राम पंचायत के खाते में पहुंच चुकी है। राजारामपुर को खुले में शौच से मुक्त कराया गया है।
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