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जिले में नकली उर्वरक बेचा तो अब खैर नहीं
Updated Mon, 12 Nov 2018 12:43 AM IST
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अब नकली उर्वरक बेचने वालों की खैर नहीं
बुलंदशहर। इस समय गेहूं की फसल की बिजाई का काम जोरों पर है। इसके लिए किसानों को उर्वरक आदि की भी सख्त जरूरत है। इसे देखते हुए नकली उर्वरक बेचने वाले भी सक्रिय हो सकते हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए विभागीय अधिकारियों ने रणनीति बनाते हुए चेकिंग अभियान चलाने का निर्णय लिया है। जिला कृषि अधिकारी की चेतावनी है कि जिले में नकली उर्वरक नहीं बेचने दिया जाएगा।
केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से किसानों की आय दोगुनी करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही किसानों को बीज से लेकर उर्वरक तक अनुदान दिया जा रहा है। शासन और प्रशासन से लेकर विभागीय अधिकारी किसानों को कृषि के माध्यम से मिलने वाले गुणवत्ता युक्त बीज और उर्वरक का इस्तेमाल कराने की बात कह रहे हैं। ताकि फसल अच्छी हो सके और किसानों की आय भी बढ़े। अब गेहूं की फसल की बिजाई का काम तेज होते ही जिले में नकली उर्वरक बेचने वाले सक्रिय हो सकते हैं। विभागीय अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे नकली उर्वरक बेचने वालों का पता लगाया जा रहा है। यदि कोई नकली उर्वरक बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। किसानों को चाहिए कि वह नकली उर्वरक से बचें। साथ ही किसी ऐसे व्यक्ति के बहकावे में ना आएं जो कम रेट में उर्वरक दिलवाने का झांसा दे रहा हो। इस तरह के नकली उर्वरक, जैसे डीएपी में पोटाश की मिलावट होती है। जिला कृषि अधिकारी अश्विनी कुमार सिंह ने कहा कि जिले में नकली उर्वरक नहीं बेचने दिया जाएगा। इसके लिए चेकिंग अभियान चलेगा और ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने के लिए विभाग ने रणनीति तैयार कर ली है।
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बुलंदशहर। इस समय गेहूं की फसल की बिजाई का काम जोरों पर है। इसके लिए किसानों को उर्वरक आदि की भी सख्त जरूरत है। इसे देखते हुए नकली उर्वरक बेचने वाले भी सक्रिय हो सकते हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए विभागीय अधिकारियों ने रणनीति बनाते हुए चेकिंग अभियान चलाने का निर्णय लिया है। जिला कृषि अधिकारी की चेतावनी है कि जिले में नकली उर्वरक नहीं बेचने दिया जाएगा।
केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से किसानों की आय दोगुनी करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही किसानों को बीज से लेकर उर्वरक तक अनुदान दिया जा रहा है। शासन और प्रशासन से लेकर विभागीय अधिकारी किसानों को कृषि के माध्यम से मिलने वाले गुणवत्ता युक्त बीज और उर्वरक का इस्तेमाल कराने की बात कह रहे हैं। ताकि फसल अच्छी हो सके और किसानों की आय भी बढ़े। अब गेहूं की फसल की बिजाई का काम तेज होते ही जिले में नकली उर्वरक बेचने वाले सक्रिय हो सकते हैं। विभागीय अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे नकली उर्वरक बेचने वालों का पता लगाया जा रहा है। यदि कोई नकली उर्वरक बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। किसानों को चाहिए कि वह नकली उर्वरक से बचें। साथ ही किसी ऐसे व्यक्ति के बहकावे में ना आएं जो कम रेट में उर्वरक दिलवाने का झांसा दे रहा हो। इस तरह के नकली उर्वरक, जैसे डीएपी में पोटाश की मिलावट होती है। जिला कृषि अधिकारी अश्विनी कुमार सिंह ने कहा कि जिले में नकली उर्वरक नहीं बेचने दिया जाएगा। इसके लिए चेकिंग अभियान चलेगा और ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने के लिए विभाग ने रणनीति तैयार कर ली है।
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