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फर्जी रिपोर्टिंग में सीडीपीओ-एसीएमओ समेत तीन अफसरों पर गाज

Sun, 30 Sep 2018 11:50 PM IST
Updated Sun, 30 Sep 2018 11:50 PM IST
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फर्जी रिपोर्टिंग में सीडीपीओ-एसीएमओ समेत तीन अफसरों पर गाज
फर्जी आंकड़े देने पर सीडीपीओ-एसीएमओ समेत 3 अफसरों पर गाज
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बुलंदशहर। शासन की योजनाओं का लक्ष्य पूरा करने में नाकाम अफसर अब फर्जी रिपोर्ट देने लगे हैं। इसका खुलासा डीएम की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय पोषण मिशन की बैठक में हुआ। डीएम ने फर्जी रिपोर्ट देने पर अफसरों को कड़ी फटकार लगाते हुए सीडीपीओ, एसीएमओ समेत तीन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की है। साथ ही मामले में अफसरों को वास्तविक आंकड़ों का सर्वे करने के निर्देश दिए हैं।
कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए शासन के आदेश पर जिले में पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है। हजारों की संख्या में कर्मचारियों को कुपोषित बच्चों को पोषित आहार उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये की सामग्री खर्च की जा रही है। उसके बाद भी जिले में कुपोषण पर रोक नहीं लग पा रही थी। जबकि अफसर जमीनी स्तर पर काम करने की बजाय केवल फर्जी रिपोर्ट देने में लगे हुए हैं। रविवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित राज्य पोषण मिशन की बैठक में जब अफसरों ने डीएम के समक्ष आंकड़े प्रस्तुत किए तो अफसरों की फर्जी रिपोर्टिंग का खुलासा हुआ। अगस्त में प्रत्येक अधिकारी को दो गांवों के सत्यापन का कार्य सौंपे जाने की रिपोर्ट मांगी। अफसरों की रिपोर्ट में बच्चों के वजन किए जाने के फर्जी आंकड़े दर्ज किए गए थे। डीएम ने प्रभारी सीडीपीओ केपी सिंह को कड़ी फटकार लगाते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए वेतन रोकने के आदेश दिए, साथ ही एक सप्ताह में स्पष्टीकरण पेश करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कुपोषण से मुक्ति के लिए शासन के आदेशों के अनुसार समिति का गठन किया जाना था, लेकिन जिला कार्यक्रम अधिकारी ने शासन के आदेशों को ताक पर रखते हुए कोई कदम उठाने की जहमत नहीं उठाई। जिसके चलते डीएम ने जिला कार्यक्रम अधिकारी शुभांगी कुलकर्णी को फटकार लगाते हुए कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति की है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण की सर्वे रिपोर्ट में लापरवाही बरतने, कार्य में रुचि न लेने और बैठक से बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर स्वास्थ्य विभाग के एसीएमओ डॉ. नरेश गोयल का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण लेने के आदेश सीएमओ को दिए हैं। साथ ही कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति रिपोर्ट भी भेजी गई है।
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दफ्तरों में बैठकर तैयार की जा रही हैं रिपोर्ट
पोषण माह की रिपोर्टिंग अफसरों द्वारा दफ्तरों में बैठकर की जा रही है। डीएम की जांच में खुलासा हुआ है कि सीडीपीओ केपी सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी शुभांगी कुलकर्णी और एसीएमओ डॉ. नरेश गोयल ने फील्ड में जाने के बजाए दफ्तर में बैठकर ही सरकारी योजनाओं की रिपोर्ट तैयार कर दी।
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वजन के लिए नहीं पहुंची अभी तक मशीनें
यूं तो कुपोषण से लड़ाई के लिए पोषण माह चल रहा है, लेकिन अभी तक बच्चों के वजन के लिए मशीनें केन्द्रों पर नहीं पहुंच पाई हैं। जबकि बड़ी संख्या में केन्द्रों पर मौजूद मशीनों की हालत खस्ता है। जबकि पूर्व में सीडीओ ने खराब मशीनों को बदलने और नई मशीनें खरीदने के आदेश दिए थे, लेकिन अभी तक विभागीय अफसरों ने ग्राम प्रधानों से संपर्क करने की जहमत तक नहीं उठाई है।

जिले में 8303 बच्चे अति कुपोषित की श्रेणी में
सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 40323 बच्चे कुपोषित की श्रेणी में हैं। इनमें से 24492 बच्चे पीली श्रेणी में जबकि 8303 बच्चे अति कुपोषण की श्रेणी में हैं। पोषण माह के अभियान के तहत इन बच्चों को पोषित आहार उपलब्ध कराते हुए उन्हें कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाना था।



कोट-
सीडीपीओ और जिला कार्यक्रम अधिकारी ने पोषण सप्ताह में बच्चों के वजन और एसीएमओ द्वारा गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण की फर्जी रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी। जिसके चलते तीनों पर कार्रवाई करते हुए वेतन रोकने और शासन को कार्रवाई की संस्तुति की रिपोर्ट भेजी है। किसी भी हाल में सरकारी योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - अनुज कुमार झा, डीएम
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