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अब लखनऊ से जारी होंगे ड्राइविंग लाइसेंस
Updated Wed, 26 Sep 2018 11:34 PM IST
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अब लखनऊ से जारी होंगे ड्राइविंग लाइसेंस
बुलंदशहर। अब एआरटीओ कार्यालय की जगह लखनऊ से ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाएंगे। एआरटीओ कार्यालय पर सिर्फ लर्निंग लाइसेंस जारी होंगे। शासन ने स्थायी लाइसेंस बनाने का अधिकार लखनऊ परिवहन आयुक्त कार्यालय को सौंप दिया है। आवेदन के 10 दिन बाद घर पर डीएल न पहुंचने पर कंपनी पर जुर्माना लगाने के आदेश दिए गए हैं।
एआरटीओ कार्यालय में प्रतिदिन करीब 100 से 150 ड्राइविंग लाइसेंस बनते है। लर्निंग लाइसेंस टेस्ट के एक-दो घंटे बाद ऑनलाइन मिल जाता है। जबकि स्थायी लाइसेंस प्रिंट होकर आवेदक के पास डाक द्वारा भेजे जाने का नियम है। मगर, एआरटीओ कार्यालयों के पास बैठे दलाल ग्रामीणों को अपने झांसे में फंसा लेते हैं। ग्रामीणों की सभी प्रकिया करवाने के बाद दलाल कार्यालय से आवेदक का डीएल बनने के बाद अपने पास रख लेते हैं। इसकी एवज में दलाल आवेदक से मोटी रकम ऐंठते रहते हैं। वहीं आवेदक समय से डीएल घर पर नहीं पहुंचने पर आवेदक एआरटीओ प्रशासन से लेकर शासन तक डीएम न मिलने की शिकायत करते रहते हैं। ऐसे में अब शासन ने समय से आवेदक के घर डीएल पहुंचाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने पैन कार्ड की तरह एक संस्था को प्रिटिंग एवं डीएल भेजने की जिम्मेदारी सौंपी है। दस दिन के अंदर डीएल आवेदक के पास न पहुंचने पर संबंधित संस्था पर रोजाना दस रुपये की दर से पेनाल्टी भी लगाई जाएगी।
एआरटीओ प्रशासन मुहम्मद कय्यूम ने बताया कि शासन ने स्थायी लाइसेंस को परिवहन आयुक्त कार्यालय से जारी करने की योजना बनाई है। नई व्यवस्था जारी होने तक कार्यालय से स्थायी लाइसेंस का कार्य जारी रहेगा। बताया कि नई व्यवस्था के तहत आवेदक का लाइसेंस बनते ही मोबाइल पर एसएमएस आ जाएगा। यदि आवेदक को डीएल नहीं मिला तो कॉल सेंटर पर फोन से जानकारी ली जा सकेगी।
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बुलंदशहर। अब एआरटीओ कार्यालय की जगह लखनऊ से ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाएंगे। एआरटीओ कार्यालय पर सिर्फ लर्निंग लाइसेंस जारी होंगे। शासन ने स्थायी लाइसेंस बनाने का अधिकार लखनऊ परिवहन आयुक्त कार्यालय को सौंप दिया है। आवेदन के 10 दिन बाद घर पर डीएल न पहुंचने पर कंपनी पर जुर्माना लगाने के आदेश दिए गए हैं।
एआरटीओ कार्यालय में प्रतिदिन करीब 100 से 150 ड्राइविंग लाइसेंस बनते है। लर्निंग लाइसेंस टेस्ट के एक-दो घंटे बाद ऑनलाइन मिल जाता है। जबकि स्थायी लाइसेंस प्रिंट होकर आवेदक के पास डाक द्वारा भेजे जाने का नियम है। मगर, एआरटीओ कार्यालयों के पास बैठे दलाल ग्रामीणों को अपने झांसे में फंसा लेते हैं। ग्रामीणों की सभी प्रकिया करवाने के बाद दलाल कार्यालय से आवेदक का डीएल बनने के बाद अपने पास रख लेते हैं। इसकी एवज में दलाल आवेदक से मोटी रकम ऐंठते रहते हैं। वहीं आवेदक समय से डीएल घर पर नहीं पहुंचने पर आवेदक एआरटीओ प्रशासन से लेकर शासन तक डीएम न मिलने की शिकायत करते रहते हैं। ऐसे में अब शासन ने समय से आवेदक के घर डीएल पहुंचाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने पैन कार्ड की तरह एक संस्था को प्रिटिंग एवं डीएल भेजने की जिम्मेदारी सौंपी है। दस दिन के अंदर डीएल आवेदक के पास न पहुंचने पर संबंधित संस्था पर रोजाना दस रुपये की दर से पेनाल्टी भी लगाई जाएगी।
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एआरटीओ प्रशासन मुहम्मद कय्यूम ने बताया कि शासन ने स्थायी लाइसेंस को परिवहन आयुक्त कार्यालय से जारी करने की योजना बनाई है। नई व्यवस्था जारी होने तक कार्यालय से स्थायी लाइसेंस का कार्य जारी रहेगा। बताया कि नई व्यवस्था के तहत आवेदक का लाइसेंस बनते ही मोबाइल पर एसएमएस आ जाएगा। यदि आवेदक को डीएल नहीं मिला तो कॉल सेंटर पर फोन से जानकारी ली जा सकेगी।
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