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अब निजी व सरकारी उद्योग होंगे शिशिक्षु पोर्टल पर दर्ज
Updated Mon, 24 Sep 2018 01:01 AM IST
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अब निजी व सरकारी उद्योग होंगे शिशिक्षु पोर्टल पर दर्ज
- उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए शासन ने डीएम को जारी किए आदेश
- नए उद्योग लगाने के लिए दिया जाएगा प्रशिक्षण
- डीएम की अध्यक्षता में एक समिति का भी होगा गठन
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। उद्योगों को बढ़ावा देने और कार्मिकों को कुशल बनाने के लिए शासन ने तैयारी शुरू कर दी हैं। इसके लिए शासन ने शिशिक्षु पोर्टल बनाकर सभी निजी व सरकारी उद्योगों को पोर्टल पर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
सरकारी व निजी उद्योगों की दशा सुधारने और उन्हें अधिक पारदर्शी बनाने के लिए शासन ने कड़े कदम उठाए हैं। भारत सरकार ने शिशिक्षु अधिनियम 1961 के अधीन संचालित शिक्षुता प्रशिक्षण योजना में सुधार किया है। इसके लिए भारत सरकार ने शिशिक्षु नाम से एक पोर्टल बनाया है। पोर्टल के माध्यम से अकुशल श्रमिक, फ्रेशर, आईटीआई अभ्यर्थियों के साथ सहकारी, सरकारी, निगम, एवं निजी उद्योगों का विवरण पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसके बाद ऑनलाइन पंजीकरण के बाद ही शिशिक्षु के रूप में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। पोर्टल बनाने का मुख्य उद्देश्य है कि शिशिक्षुओं की संख्या 2.3 लाख से बढ़ाकर 2022 तक 50 लाख की जानी है। पूरे कार्य पर देखभाल के लिए डीएम की अध्यक्षता में एक समिति का भी गठन किया गया है। जिसमें सीडीओ, सहायक श्रम आयुक्त, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी, उपायुक्त उद्योग, लीड बैंक मैनेजर, आईटीआई प्रधानाचार्य समेत अन्य को सदस्य बनाया गया है। पोर्टल के सफल संचालन के लिए सचिव भुवनेश कुमार ने डीएम को आदेश जारी कर दिए हैं।
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- उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए शासन ने डीएम को जारी किए आदेश
- नए उद्योग लगाने के लिए दिया जाएगा प्रशिक्षण
- डीएम की अध्यक्षता में एक समिति का भी होगा गठन
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। उद्योगों को बढ़ावा देने और कार्मिकों को कुशल बनाने के लिए शासन ने तैयारी शुरू कर दी हैं। इसके लिए शासन ने शिशिक्षु पोर्टल बनाकर सभी निजी व सरकारी उद्योगों को पोर्टल पर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
सरकारी व निजी उद्योगों की दशा सुधारने और उन्हें अधिक पारदर्शी बनाने के लिए शासन ने कड़े कदम उठाए हैं। भारत सरकार ने शिशिक्षु अधिनियम 1961 के अधीन संचालित शिक्षुता प्रशिक्षण योजना में सुधार किया है। इसके लिए भारत सरकार ने शिशिक्षु नाम से एक पोर्टल बनाया है। पोर्टल के माध्यम से अकुशल श्रमिक, फ्रेशर, आईटीआई अभ्यर्थियों के साथ सहकारी, सरकारी, निगम, एवं निजी उद्योगों का विवरण पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसके बाद ऑनलाइन पंजीकरण के बाद ही शिशिक्षु के रूप में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। पोर्टल बनाने का मुख्य उद्देश्य है कि शिशिक्षुओं की संख्या 2.3 लाख से बढ़ाकर 2022 तक 50 लाख की जानी है। पूरे कार्य पर देखभाल के लिए डीएम की अध्यक्षता में एक समिति का भी गठन किया गया है। जिसमें सीडीओ, सहायक श्रम आयुक्त, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी, उपायुक्त उद्योग, लीड बैंक मैनेजर, आईटीआई प्रधानाचार्य समेत अन्य को सदस्य बनाया गया है। पोर्टल के सफल संचालन के लिए सचिव भुवनेश कुमार ने डीएम को आदेश जारी कर दिए हैं।
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