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बजट की आस में तड़प रही बुलंदशहर-सिकंदराबाद नगर पालिका
Updated Wed, 19 Sep 2018 12:40 AM IST
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बजट की आस में बुलंदशहर-सिकंदराबाद नगर पालिका
बुलंदशहर/सिकंदराबाद। बुलंदशहर में करीब एक वर्ष तो सिकंदराबाद में छह माह से बजट का इंतजार हो रहा है। बजट न होने के कारण नगर पालिका के नए बोर्ड के गठन के बाद क्षेत्र में विकास ठप है। नगर पालिका बुलंदशहर में फंड की कमी और सिकंदराबाद के ईओ, जेई के स्थानांतरण के बाद कार्यवाहक ईओ, नवनियुक्त जेई के हस्ताक्षर शासन में प्रमाणित नहीं हो पाने से पालिकाओं के दस करोड़ से अधिक के विकास कार्य अटक गए है।
सिकंदराबाद नगर पालिका की बोर्ड बैठक में नगर के विकास के लिए पांच करोड़ के प्रस्ताव पास किए गए थे। इसमें इंटरलाकिंग सड़क का निर्माण, नाला निर्माण, प्रकाश एवं पेयजल की व्यवस्था आदि शामिल थे। मगर प्रस्ताव के पास हुए करीब पांच महीने बीत गए, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। निर्माण कार्यों के लिए की गई ई-टेंडर प्रक्रिया भी निर्धारित समय में नहीं खुलने के कारण निरस्त हो गई। पांच माह से नगर में विकास कार्य नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण कार्यों के नहीं होने से नगर जलभराव, समेत अन्य समस्याओं से जूझ रहा है। सिकंदराबाद नगर पालिका की चेयर पर्सन बब्बो प्रवीन ने बताया कि करीब चाह माह पूर्व ईओ और जेई का स्थानांतरण हो गया था। ईओ का चार्ज एसडीएम वेद प्रकाश मिश्रा के पास है। जेई की भी करीब एक माह पहले नियुक्ती हुई है। ईओ, जेई के हस्ताक्षर अभी शासन में प्रमाणित नहीं हुए है। इस कारण टेंडर प्रक्रिया नहीं हो पा रही है।
सिकंदराबाद पालिका में पास बजट
निर्माण कार्यों पर 3.5 करोड़
नाली खडंजा, इंटरलाकिंग आदि का निर्माण कार्य शामिल है।
नालों की सफाई के लिए 20 लाख रुपये का बजट पास किया गया था।
सफाई, पेयजल, प्रकाश पालिकों के अन्य मदों के लिए करीब 1.5 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया।
नहीं हुई नालों की सफाई
बरसात के दिनों में नगरवासियों को जलभराव से निजात दिलाने के लिए पालिका ने बरसात से पहले ही नालों की सफाई करने के लिए पूरा खाका तैयार कर लिया था। नालों की सफाई के लिए बोर्ड बैठक में करीब 20 लाख रुपये का बजट भी पास किया गया था। मगर पूरी बरसात बीत जाने के बाद भी नाला सफाई का कार्य नहीं किया गया। रास्तों में पानी भर जाने से स्थिति दयनीय है। लोगों को घर आने जाने के लिए कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। जल निकासी की व्यवस्था, रास्तों को बनाने के मांग को लेकर हाल ही में राधा कृष्ण कालोनी के लोगों ने पालिका के खिलाफ प्रदर्शन किया था। लोगों ने भाजपा नेताओं का भी घेराव कर रास्तों को ठीक कराने की मांग की थी।
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नहीं हो रहा विकास
नगर पालिका बुलंदशहर की स्थिति भी चिंताजनक होती जा रही हैं। पालिका की बोर्ड बैठकों का आयोजन तो किया जा रहा है और प्रस्तावों पर मोहर भी लग रही है, लेकिन विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहे हैं। कुटेशन के कार्य भी ठेकेदारों की कमी के कारण अटके हुए हैं। हालांकि अफसर लगातार दावा कर रहे हैं कि जल्द ही धनराशि मिलने की उम्मीद है। इसी उम्मीद में एक वर्ष बीत गया।
कोट-
हस्ताक्षर प्रमाणित कराने के लिए शासन को भेजे गए हैं। हस्ताक्षर के प्रमाणित होते ही टेंडर प्रक्रिया की जाएगी। - डॉ. वेदप्रकाश मिश्र, एसडीएम सिकंदराबाद
22 को बोर्ड बैठक का आयोजन किया जा रहा है। इसमें प्रस्तावों पर सहमति बनने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - एके सिंह, ईओ नगर पालिका
बुलंदशहर/सिकंदराबाद। बुलंदशहर में करीब एक वर्ष तो सिकंदराबाद में छह माह से बजट का इंतजार हो रहा है। बजट न होने के कारण नगर पालिका के नए बोर्ड के गठन के बाद क्षेत्र में विकास ठप है। नगर पालिका बुलंदशहर में फंड की कमी और सिकंदराबाद के ईओ, जेई के स्थानांतरण के बाद कार्यवाहक ईओ, नवनियुक्त जेई के हस्ताक्षर शासन में प्रमाणित नहीं हो पाने से पालिकाओं के दस करोड़ से अधिक के विकास कार्य अटक गए है।
सिकंदराबाद नगर पालिका की बोर्ड बैठक में नगर के विकास के लिए पांच करोड़ के प्रस्ताव पास किए गए थे। इसमें इंटरलाकिंग सड़क का निर्माण, नाला निर्माण, प्रकाश एवं पेयजल की व्यवस्था आदि शामिल थे। मगर प्रस्ताव के पास हुए करीब पांच महीने बीत गए, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। निर्माण कार्यों के लिए की गई ई-टेंडर प्रक्रिया भी निर्धारित समय में नहीं खुलने के कारण निरस्त हो गई। पांच माह से नगर में विकास कार्य नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण कार्यों के नहीं होने से नगर जलभराव, समेत अन्य समस्याओं से जूझ रहा है। सिकंदराबाद नगर पालिका की चेयर पर्सन बब्बो प्रवीन ने बताया कि करीब चाह माह पूर्व ईओ और जेई का स्थानांतरण हो गया था। ईओ का चार्ज एसडीएम वेद प्रकाश मिश्रा के पास है। जेई की भी करीब एक माह पहले नियुक्ती हुई है। ईओ, जेई के हस्ताक्षर अभी शासन में प्रमाणित नहीं हुए है। इस कारण टेंडर प्रक्रिया नहीं हो पा रही है।
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सिकंदराबाद पालिका में पास बजट
निर्माण कार्यों पर 3.5 करोड़
नाली खडंजा, इंटरलाकिंग आदि का निर्माण कार्य शामिल है।
नालों की सफाई के लिए 20 लाख रुपये का बजट पास किया गया था।
सफाई, पेयजल, प्रकाश पालिकों के अन्य मदों के लिए करीब 1.5 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया।
नहीं हुई नालों की सफाई
बरसात के दिनों में नगरवासियों को जलभराव से निजात दिलाने के लिए पालिका ने बरसात से पहले ही नालों की सफाई करने के लिए पूरा खाका तैयार कर लिया था। नालों की सफाई के लिए बोर्ड बैठक में करीब 20 लाख रुपये का बजट भी पास किया गया था। मगर पूरी बरसात बीत जाने के बाद भी नाला सफाई का कार्य नहीं किया गया। रास्तों में पानी भर जाने से स्थिति दयनीय है। लोगों को घर आने जाने के लिए कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। जल निकासी की व्यवस्था, रास्तों को बनाने के मांग को लेकर हाल ही में राधा कृष्ण कालोनी के लोगों ने पालिका के खिलाफ प्रदर्शन किया था। लोगों ने भाजपा नेताओं का भी घेराव कर रास्तों को ठीक कराने की मांग की थी।
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नहीं हो रहा विकास
नगर पालिका बुलंदशहर की स्थिति भी चिंताजनक होती जा रही हैं। पालिका की बोर्ड बैठकों का आयोजन तो किया जा रहा है और प्रस्तावों पर मोहर भी लग रही है, लेकिन विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहे हैं। कुटेशन के कार्य भी ठेकेदारों की कमी के कारण अटके हुए हैं। हालांकि अफसर लगातार दावा कर रहे हैं कि जल्द ही धनराशि मिलने की उम्मीद है। इसी उम्मीद में एक वर्ष बीत गया।
कोट-
हस्ताक्षर प्रमाणित कराने के लिए शासन को भेजे गए हैं। हस्ताक्षर के प्रमाणित होते ही टेंडर प्रक्रिया की जाएगी। - डॉ. वेदप्रकाश मिश्र, एसडीएम सिकंदराबाद
22 को बोर्ड बैठक का आयोजन किया जा रहा है। इसमें प्रस्तावों पर सहमति बनने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - एके सिंह, ईओ नगर पालिका