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बुखार से मौत मामले की जांच करने पहुंची शासन की टीम

Sun, 16 Sep 2018 12:11 AM IST
Updated Sun, 16 Sep 2018 12:11 AM IST
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बुखार से मौत मामले की जांच करने पहुंची शासन की टीम
बुखार से मौत मामले की जांच करने लखनऊ से पहुंची टीम
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बुलंदशहर/अनूपशहर। जिले में बुखार का प्रकोप कम तो हुआ है, लेकिन मरने वालों का सिलसिला अब भी नहीं थम पा रहा है। अफसरों के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव दौरा कर रही हैं। शनिवार को लखनऊ से आई चार सदस्यीय टीम ने भी मृतकों और बुखार से पीड़ित गांवों का भ्रमण कर हालात का जायजा लिया और स्लाइड जांच के लिए भेजी। साथ ही मृतकों का उपचार करने वाले चिकित्सकों और जांच करने वाली पैथोलॉजी लैब की जांच करने के निर्देश दिए। वहीं, स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार गांवों में स्वास्थ्य कैंप का आयोजन होने के बाद भी अस्पतालों में बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या घटने का नाम नहीं ले रही है।
जिले में एक माह में 44 से अधिक लोगों की बुखार की चपेट में आकर मौत हो चुकी है। जिले में लगातार मौत होने का मामला शासन तक पहुंचा और शासन ने मामले की जांच करने के लिए चार सदस्यीय टीम को जांच करने के निर्देश दिए गए। शासन की टीम शुक्रवार से जिले में बुखार से पीड़ित गांवों और मृतकों के घर-घर जाकर मौत के कारणों का पता कर रहीं है। जानकारी के अनुसार शासन की चार सदस्यीय टीम ने 15 से अधिक गांवों का दौरा कर पीड़ितों से जानकारी हासिल की। अनूपशहर क्षेत्र के गांव मलकपुर में शासन की टीम ने बुखार से मृतक महिला के परिजनों से पूछताछ की और 10 से अधिक बुखार पीड़ितों के ब्लड सैंपल की जांच कराई। साथ ही मृतक के परिजनों की स्लाइड लेकर लखनऊ में जांच करने के लिए साथ ले ली। टीम में शामिल संयुक्त निदेशक डॉ. एके वर्मा ने बताया कि मृतका का उपचार अपंजीकृत चिकित्सक द्वारा किया गया और उसकी ब्लड की जांच भी अपंजीकृत पैथोलॉजी लैब द्वारा की गई। इन दोनों की जांच के लिए अफसरों को निर्देश दिए गए है।
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अपंजीकृत चिकित्सकों से न कराएं उपचार: संयुक्त निदेशक
संयुक्त निदेशक डॉ. एके वर्मा ने जिले के लोगों से अपील की है कि वह अपंजीकृत चिकित्सक से उपचार न कराएं। बताया कि अधिकांश लोगों की मौत का कारण अपंजीकृत चिकित्सक रहें। इन लोगों को समय से बेहतर उपचार मिल जाता तो इन सभी की जान बचाई जा सकती थी। बताया कि अपंजीकृत से सस्ते इलाज के कारण वह अपनी जान से खिलवाड़ न कराएं। सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग में रजिस्टर्ड चिकित्सकों से ही अपना उपचार कराएं।
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कोट
शासन की चार सदस्यीय टीम ने बुखार से पीड़ित गांवों के साथ मृतक के परिजनों से पूछताछ की है। टीम की जांच में अभी तक अपंजीकृत चिकित्सकों की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। बुखार से मौत की पुष्टि करने के लिए टीम ने स्लाइड भी ली है। जिनकी रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट स्थिति का पता चल सकेगा। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
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