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बुखार से किशोर समेत तीन की मौत, मौतों का ग्राफ बढ़ा
Updated Tue, 04 Sep 2018 11:57 PM IST
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बुखार से किशोर समेत तीन की मौत, मौतों का ग्राफ बढ़ा
बुलंदशहर/औरंगाबाद/अनूपशहर। जिले में बुखार से एक के बाद एक की जान जा रही है। मंगलवार को औरंगाबाद क्षेत्र में 10 वर्षीय किशोर, अनूपशहर क्षेत्र में महिला और नगर क्षेत्र युवक की बुखार के कारण मौत हो गई। पिछले 19 दिनों में बुखार की चपेट में आकर अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रहीं मौतों से लोग दहशत में हैं। वहीं स्वास्थ्य अफसर कैंप लगाकर खानापूर्ति करने में लगे हुए है। हैरानी की बात है कि बुखार से लगातार लोगों की जान जा रही, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर गंभीर नहीं है।
जिले में बुखार के कारण मौतों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को औरंगाबाद क्षेत्र के गांव ईलना निवासी वाहिद के 10 वर्षीय पुत्र फिरोज सैफी की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि फिरोज एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित था और उसका इलाज गांव में ही एक अपंजीकृत चिकित्सक द्वारा किया जा रहा था। रविवार शाम को हालत अधिक बिगड़ने पर उसे बुलंदशहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया जहां उसका उपचार चल रहा था, लेकिन मंगलवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। मासूम की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। जानकारी के अनुसार गांव में अब तक एक महिला सहित तीन लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं अनूपशहर क्षेत्र के गांव बगसरा निवासी राजन सिंह की 30 वर्षीय पत्नी मंजू देवी ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार मंजू एक सप्ताह से अधिक समय से बुखार से पीड़ित थी। गांव निवासी चिकित्सक की दवा से फायदा न होने पर मंजू को अलीगढ़ के राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया जहां मंगलवार सुबह उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। दूसरी ओर नगर में 35 वर्षीय अलमारी कारीगर आबिद अल्वी ने अस्पताल ले जाते हुए समय रास्ते में दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि आबिद चार दिन से बुखार से पीड़ित था और उसका उपचार नगर के एक अस्पताल में चल रहा था। सोमवार रात हालत अधिक बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उपचार के लिए हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया, लेकिन आबिद ने रास्ते में दम तोड़ दिया। इसके अलावा जिले के सरकारी अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों में सैकड़ों मरीज बुखार के भर्ती हैं। सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि संबंधित गांवों में कैंप लगाकर लोगों की जांच की जा रहीं है। बुखार से पीड़ित लोगों पर नजर रखने के लिए सभी प्रभारियो को कड़े निर्देश दिए गए हैं। बुखार से पीड़ित मरीज के उपचार में लापरवाही मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बंद पड़े स्वास्थ्य केंद्रों को खुलवाने की मांग
खानपुर। क्षेत्र में बुखार का कहर से अभी तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य कैंप का आयोजन न करने और क्षेत्र में बंद पड़े स्वास्थ्य केंद्रों को खुलवाने की मांग करते हुए मंगलवार को नगर सुधार समिति ने डीएम को पत्र भेजकर मांग की है। जानकारी के अनुसार नगर में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक देरी से पहुंचते हैं। वहीं राजकीय यूनानी चिकित्सालय की सेवाएं राम भरोसे चल रहीं है। चिकित्सालय कब खुलता है कब बंद हो जाता है इसका किसी को नहीं पता चलता। सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने से लोग जहां वंचित रह रहे है वहीं अपंजीकृत क्लीनिक और अस्पताल संचालक जमकर फायदा उठा रहे है। सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि सभी चिकित्सकों को समय से सरकारी चिकित्सालय पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद लापरवाही की जा रहीं है तो मामले की जांच करवाई जाएगी।
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बुलंदशहर/औरंगाबाद/अनूपशहर। जिले में बुखार से एक के बाद एक की जान जा रही है। मंगलवार को औरंगाबाद क्षेत्र में 10 वर्षीय किशोर, अनूपशहर क्षेत्र में महिला और नगर क्षेत्र युवक की बुखार के कारण मौत हो गई। पिछले 19 दिनों में बुखार की चपेट में आकर अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रहीं मौतों से लोग दहशत में हैं। वहीं स्वास्थ्य अफसर कैंप लगाकर खानापूर्ति करने में लगे हुए है। हैरानी की बात है कि बुखार से लगातार लोगों की जान जा रही, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर गंभीर नहीं है।
जिले में बुखार के कारण मौतों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को औरंगाबाद क्षेत्र के गांव ईलना निवासी वाहिद के 10 वर्षीय पुत्र फिरोज सैफी की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि फिरोज एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित था और उसका इलाज गांव में ही एक अपंजीकृत चिकित्सक द्वारा किया जा रहा था। रविवार शाम को हालत अधिक बिगड़ने पर उसे बुलंदशहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया जहां उसका उपचार चल रहा था, लेकिन मंगलवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। मासूम की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। जानकारी के अनुसार गांव में अब तक एक महिला सहित तीन लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं अनूपशहर क्षेत्र के गांव बगसरा निवासी राजन सिंह की 30 वर्षीय पत्नी मंजू देवी ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार मंजू एक सप्ताह से अधिक समय से बुखार से पीड़ित थी। गांव निवासी चिकित्सक की दवा से फायदा न होने पर मंजू को अलीगढ़ के राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया जहां मंगलवार सुबह उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। दूसरी ओर नगर में 35 वर्षीय अलमारी कारीगर आबिद अल्वी ने अस्पताल ले जाते हुए समय रास्ते में दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि आबिद चार दिन से बुखार से पीड़ित था और उसका उपचार नगर के एक अस्पताल में चल रहा था। सोमवार रात हालत अधिक बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उपचार के लिए हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया, लेकिन आबिद ने रास्ते में दम तोड़ दिया। इसके अलावा जिले के सरकारी अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों में सैकड़ों मरीज बुखार के भर्ती हैं। सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि संबंधित गांवों में कैंप लगाकर लोगों की जांच की जा रहीं है। बुखार से पीड़ित लोगों पर नजर रखने के लिए सभी प्रभारियो को कड़े निर्देश दिए गए हैं। बुखार से पीड़ित मरीज के उपचार में लापरवाही मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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बंद पड़े स्वास्थ्य केंद्रों को खुलवाने की मांग
खानपुर। क्षेत्र में बुखार का कहर से अभी तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य कैंप का आयोजन न करने और क्षेत्र में बंद पड़े स्वास्थ्य केंद्रों को खुलवाने की मांग करते हुए मंगलवार को नगर सुधार समिति ने डीएम को पत्र भेजकर मांग की है। जानकारी के अनुसार नगर में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक देरी से पहुंचते हैं। वहीं राजकीय यूनानी चिकित्सालय की सेवाएं राम भरोसे चल रहीं है। चिकित्सालय कब खुलता है कब बंद हो जाता है इसका किसी को नहीं पता चलता। सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने से लोग जहां वंचित रह रहे है वहीं अपंजीकृत क्लीनिक और अस्पताल संचालक जमकर फायदा उठा रहे है। सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि सभी चिकित्सकों को समय से सरकारी चिकित्सालय पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद लापरवाही की जा रहीं है तो मामले की जांच करवाई जाएगी।
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