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कूड़े के ढेर में पड़ा मिला नवजात
Updated Wed, 29 Aug 2018 12:26 AM IST
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कूड़े के ढेर में पड़ा मिला नवजात
बुलंदशहर। जन्म देने वाली मां ने जरूर पैदा होते ही मासूम को छोड़ दिया, लेकिन और भी एक मां हैं जो इस नवजात का ख्याल रख रही है। मामला औरंगाबाद थाना क्षेत्र के गांव मूढीबकापुर का है, जहां देर रात कूड़े के ढेर पर रो रहे नवजात को उठाकर घर लेकर आए एक परिवार के साथ ग्रामीणों का इतना प्यार मिला कि उसे एहसास भी न हो रहा होगा कि अपनों ने किस कदर उसके साथ बेरुखी दिखाई। उसे देखने वाला हर शख्स उसकी मुस्कान पर फिदा हो जाता है। वहीं, दनकौर निवासी एक दंपति ने नवजात के पालन-पोषण की जिम्मेदारी लेकर गोद ले लिया।
औरंगाबाद थाना क्षेत्र के गांव मूढीबकापुर में सोमवार देर रात खेत पर कार्य करने जा रहे एक किसान को बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर किसान वापस घर आ गया और पड़ोस के लोगों और कुछ महिलाओं को साथ लेकर बच्चे के रोने वाले स्थान पर पहुंच गया। किसान जगवीर शर्मा ने बताया कि कूड़े के ढेर पर एक मासूम पड़ा हुआ था। जिसे उठाकर ओमवीर सिंह अपने घर ले गया। सुबह ओमवीर ने अपनी बहन को नवजात मिलने की बात बताई तो बहन गीता ने उसे गोद लेने की बात कही और गांव पहुंच गई। कूड़े के ढेर पर नवजात मिलने की सूचना पूरे गांव में आग की तरह फैल गई और ओमवीर के घर महिलाओं और ग्रामीणों की भारी भीड़ लग गई। ग्रामीण ओमवीर सिंह ने बताया नवजात को गांव के एक चिकित्सक को दिखाया गया, जहां नवजात की स्थिति स्थिर बताई गई। बाद में प्रधान से वार्ता कर दनकौर निवासी दंपति को शपथपत्र देने के बाद गोद दे दिया।
बच्चे का रखा जाएगा पूरा ख्याल
दनकौर निवासी गिरधारी सिंह ने बताया कि उसकी शादी करीब 18 वर्ष पूर्व हुई थी और एक बेटी है। शादी के बाद से बेटे की आस थी जो आज पूरी हो गई। बताया कि नवजात की हालत सामान्य है। बच्चे में शारीरिक रूप से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन उसे अभी काफी देखभाल की जरूरत है। उसका पूरी तरह खयाल रखा जा रहा है। पत्नी गीता न सिर्फ उसकी सेहत का ख्याल रख रही हैं, बल्कि उसे बेटे समान प्यार दुलारती भी हैं। उसकी एक मुस्कान से सभी के चेहरे पर खुशी आ जाती है।
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बुलंदशहर। जन्म देने वाली मां ने जरूर पैदा होते ही मासूम को छोड़ दिया, लेकिन और भी एक मां हैं जो इस नवजात का ख्याल रख रही है। मामला औरंगाबाद थाना क्षेत्र के गांव मूढीबकापुर का है, जहां देर रात कूड़े के ढेर पर रो रहे नवजात को उठाकर घर लेकर आए एक परिवार के साथ ग्रामीणों का इतना प्यार मिला कि उसे एहसास भी न हो रहा होगा कि अपनों ने किस कदर उसके साथ बेरुखी दिखाई। उसे देखने वाला हर शख्स उसकी मुस्कान पर फिदा हो जाता है। वहीं, दनकौर निवासी एक दंपति ने नवजात के पालन-पोषण की जिम्मेदारी लेकर गोद ले लिया।
औरंगाबाद थाना क्षेत्र के गांव मूढीबकापुर में सोमवार देर रात खेत पर कार्य करने जा रहे एक किसान को बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर किसान वापस घर आ गया और पड़ोस के लोगों और कुछ महिलाओं को साथ लेकर बच्चे के रोने वाले स्थान पर पहुंच गया। किसान जगवीर शर्मा ने बताया कि कूड़े के ढेर पर एक मासूम पड़ा हुआ था। जिसे उठाकर ओमवीर सिंह अपने घर ले गया। सुबह ओमवीर ने अपनी बहन को नवजात मिलने की बात बताई तो बहन गीता ने उसे गोद लेने की बात कही और गांव पहुंच गई। कूड़े के ढेर पर नवजात मिलने की सूचना पूरे गांव में आग की तरह फैल गई और ओमवीर के घर महिलाओं और ग्रामीणों की भारी भीड़ लग गई। ग्रामीण ओमवीर सिंह ने बताया नवजात को गांव के एक चिकित्सक को दिखाया गया, जहां नवजात की स्थिति स्थिर बताई गई। बाद में प्रधान से वार्ता कर दनकौर निवासी दंपति को शपथपत्र देने के बाद गोद दे दिया।
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बच्चे का रखा जाएगा पूरा ख्याल
दनकौर निवासी गिरधारी सिंह ने बताया कि उसकी शादी करीब 18 वर्ष पूर्व हुई थी और एक बेटी है। शादी के बाद से बेटे की आस थी जो आज पूरी हो गई। बताया कि नवजात की हालत सामान्य है। बच्चे में शारीरिक रूप से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन उसे अभी काफी देखभाल की जरूरत है। उसका पूरी तरह खयाल रखा जा रहा है। पत्नी गीता न सिर्फ उसकी सेहत का ख्याल रख रही हैं, बल्कि उसे बेटे समान प्यार दुलारती भी हैं। उसकी एक मुस्कान से सभी के चेहरे पर खुशी आ जाती है।
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