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जिला पंचायत मॉल प्रकरण: पूर्व एएमए ने दिया आरोपों का जवाब
Updated Thu, 23 Aug 2018 11:40 PM IST
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जिला पंचायत मॉल प्रकरण: पूर्व एएमए ने दिया आरोपों का जवाब
बुलंदशहर। जिला पंचायत द्वारा बनाए गए मॉल के प्रकरण में अब पूर्व एएमए और अध्यक्ष आमने सामने आ गए हैं। अध्यक्ष और वर्तमान एएमए द्वारा लगाए गए आरोपों को तत्कालीन एएमए ने निराधार बताते हुए डीएम और सीडीओ समेत अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर स्थिति स्पष्ट करने की बात कही है।
जिला पंचायत द्वारा नगर के काला आम चौराहे पर 28.5 करोड़ की लागत से एक मॉल का निर्माण कराया गया है। मॉल निर्माण में घोटाले को लेकर गत दिनों अध्यक्ष प्रदीप चौधरी व वर्तमान एएमए ने पूर्व एएमए पर घोटाला करने का आरोप लगाया था। दोनों ने प्रेसवार्ता करते हुए करीब 50 करोड़ के घोटाले की आशंका जताई थी। अध्यक्ष व एएमए के आरोपों के बाद अब तत्कालीन एएमए ने दोनों पर छवि खराब करने का आरोप लगाया है। पूर्व एएमए प्रदीप कुमार ने प्रमुख सचिव व डीएम को पत्र भेजकर बताया कि सभी प्रक्रियाओं से पूर्व संबंधित प्राधिकारी से अनुमति ली गई थी, जिसके बाद ही आगे कोई कदम उठाया गया था। वर्तमान में आगरा एएमए प्रदीप कुमार के अनुसार जानबूझकर छवि खराब करने के लिए निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं। जबकि दस्तावेजों में सब कुछ स्पष्ट है। उन्होंने बताया कि सब कुछ नियमानुसार ही किया गया है।
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बुलंदशहर। जिला पंचायत द्वारा बनाए गए मॉल के प्रकरण में अब पूर्व एएमए और अध्यक्ष आमने सामने आ गए हैं। अध्यक्ष और वर्तमान एएमए द्वारा लगाए गए आरोपों को तत्कालीन एएमए ने निराधार बताते हुए डीएम और सीडीओ समेत अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर स्थिति स्पष्ट करने की बात कही है।
जिला पंचायत द्वारा नगर के काला आम चौराहे पर 28.5 करोड़ की लागत से एक मॉल का निर्माण कराया गया है। मॉल निर्माण में घोटाले को लेकर गत दिनों अध्यक्ष प्रदीप चौधरी व वर्तमान एएमए ने पूर्व एएमए पर घोटाला करने का आरोप लगाया था। दोनों ने प्रेसवार्ता करते हुए करीब 50 करोड़ के घोटाले की आशंका जताई थी। अध्यक्ष व एएमए के आरोपों के बाद अब तत्कालीन एएमए ने दोनों पर छवि खराब करने का आरोप लगाया है। पूर्व एएमए प्रदीप कुमार ने प्रमुख सचिव व डीएम को पत्र भेजकर बताया कि सभी प्रक्रियाओं से पूर्व संबंधित प्राधिकारी से अनुमति ली गई थी, जिसके बाद ही आगे कोई कदम उठाया गया था। वर्तमान में आगरा एएमए प्रदीप कुमार के अनुसार जानबूझकर छवि खराब करने के लिए निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं। जबकि दस्तावेजों में सब कुछ स्पष्ट है। उन्होंने बताया कि सब कुछ नियमानुसार ही किया गया है।
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