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अब हर पौधा देगा अपने स्वस्थ होने की गवाही
Updated Wed, 22 Aug 2018 12:54 AM IST
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अब हर पौधा देगा अपने स्वस्थ होने की गवाही
बुलंदशहर। स्वतंत्रता दिवस पर जिले में रोपे गए 16 लाख पौधे अपने स्वस्थ होने की खुद ही गवाही देंगे। यह पौधरोपण अभियान सिर्फ पौधा लगाने और फोटो खिंचवाने तक ही सीमित न रह जाए। इसके लिए एक-एक पौधे की हाईटेक पहरेदारी की जाएगी। इसके लिए पौधरोपण के स्थान की जियोग्राफिक इमेज बनाकर इसे सेटेलाइट से जोड़ा गया है। इसकी लगातार निगरानी की जाएगी और पौधरोपण की जगहों को इंटरनेट की मदद से जियोग्राफिकल टैगिंग से देखा जा सकेगा। पौधों को सुरक्षित रखने के इंतजामों को भी परखा जाएगा।
15 अगस्त को प्रदेश भर में 9 करोड़ पौधे रोपने का सरकारी लक्ष्य था। इसमें जिले में 16 लाख पौधे लगाए जाने थे। इसके लिए वन विभाग के अलावा अन्य सरकारी विभागों को भी अलग-अलग लक्ष्य दिया गया था। शासन का मानना है कि पौधरोपण अभियान तो हर साल चलाया जाता है, लेकिन पौधे लगाने के बाद इसकी देखरेख न होने से यह बढ़ नहीं पाते। ऐसे में सरकार की मंशा पूरी नहीं हो पाती है। इसे देखते हुए शासन ने इस बार सभी पौधरोपण के स्थानों की जियोग्राफिक इमेज बनवाई हैं जिन्हें सेटेलाइट से जोड़ दिया गया है। इसकी निगरानी समय-समय पर जियोग्राफिक टैगिंग से की जाएगी। जहां भी पौधों को सुरक्षित रखने के इंतजाम दुरुस्त नहीं होंगे वहां के जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग के अफसरों ने बताया कि पौधरोपण के दौरान बनाई गई जियोग्राफिक इमेज को सेटेलाइट मैप से जोड़ा गया है। अब सभी फॉरेस्ट रेंजरों को एक डिवाइस दी जाएगी जिससे वह पौधरोपण के स्थान की जानकारी के साथ-साथ कौन सा पौधा हरा है और कौन सा पौधा सूख रहा है। इसकी जानकारी सेटेलाइट से मिलेगी। उसके बाद रेंजर वहां जाकर पौधे को देखेंगे और इसकी सुरक्षा का बंदोबस्त करेंगे। मुख्य विकास अधिकारी ईशा दुहन ने बताया कि शासन ने इस बार पौधे रोपित करने के साथ उसके सरंक्षण की ओर भी विशेष ध्यान दिया है। इसके तहत जिले में 15 अगस्त को रोपे गए 16 लाख पौधों की निगरानी समय-समय पर जियोग्राफिक टैगिंग से होगी। यदि किसी तरह की लापरवाही पाई जाती है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।
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बुलंदशहर। स्वतंत्रता दिवस पर जिले में रोपे गए 16 लाख पौधे अपने स्वस्थ होने की खुद ही गवाही देंगे। यह पौधरोपण अभियान सिर्फ पौधा लगाने और फोटो खिंचवाने तक ही सीमित न रह जाए। इसके लिए एक-एक पौधे की हाईटेक पहरेदारी की जाएगी। इसके लिए पौधरोपण के स्थान की जियोग्राफिक इमेज बनाकर इसे सेटेलाइट से जोड़ा गया है। इसकी लगातार निगरानी की जाएगी और पौधरोपण की जगहों को इंटरनेट की मदद से जियोग्राफिकल टैगिंग से देखा जा सकेगा। पौधों को सुरक्षित रखने के इंतजामों को भी परखा जाएगा।
15 अगस्त को प्रदेश भर में 9 करोड़ पौधे रोपने का सरकारी लक्ष्य था। इसमें जिले में 16 लाख पौधे लगाए जाने थे। इसके लिए वन विभाग के अलावा अन्य सरकारी विभागों को भी अलग-अलग लक्ष्य दिया गया था। शासन का मानना है कि पौधरोपण अभियान तो हर साल चलाया जाता है, लेकिन पौधे लगाने के बाद इसकी देखरेख न होने से यह बढ़ नहीं पाते। ऐसे में सरकार की मंशा पूरी नहीं हो पाती है। इसे देखते हुए शासन ने इस बार सभी पौधरोपण के स्थानों की जियोग्राफिक इमेज बनवाई हैं जिन्हें सेटेलाइट से जोड़ दिया गया है। इसकी निगरानी समय-समय पर जियोग्राफिक टैगिंग से की जाएगी। जहां भी पौधों को सुरक्षित रखने के इंतजाम दुरुस्त नहीं होंगे वहां के जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग के अफसरों ने बताया कि पौधरोपण के दौरान बनाई गई जियोग्राफिक इमेज को सेटेलाइट मैप से जोड़ा गया है। अब सभी फॉरेस्ट रेंजरों को एक डिवाइस दी जाएगी जिससे वह पौधरोपण के स्थान की जानकारी के साथ-साथ कौन सा पौधा हरा है और कौन सा पौधा सूख रहा है। इसकी जानकारी सेटेलाइट से मिलेगी। उसके बाद रेंजर वहां जाकर पौधे को देखेंगे और इसकी सुरक्षा का बंदोबस्त करेंगे। मुख्य विकास अधिकारी ईशा दुहन ने बताया कि शासन ने इस बार पौधे रोपित करने के साथ उसके सरंक्षण की ओर भी विशेष ध्यान दिया है। इसके तहत जिले में 15 अगस्त को रोपे गए 16 लाख पौधों की निगरानी समय-समय पर जियोग्राफिक टैगिंग से होगी। यदि किसी तरह की लापरवाही पाई जाती है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।
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