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लापरवाही...फर्जी कागजों पर छोड़ दी गेहूं से भरी गाड़ी
Updated Tue, 14 Aug 2018 12:26 AM IST
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लापरवाही...फर्जी कागजों पर छोड़ दी गेहूं से भरी गाड़ी
शिकारपुर। अफसरों ने टैक्स चोरी के संदेह में पहले तो गाड़ी को पकड़ा फिर फर्जी कागज दिखाने पर गाड़ी को छोड़ भी दिया। मामला डीएम के संज्ञान में आने पर डीएम ने एसडीएम, मंडी सचिव, तहसीलदार समेत अन्य अफसरों को कड़ी फटकार लगाई है।
जानकारी के अनुसार 9 अगस्त को डिबाई मंडी से एक ट्रक गेहूं लेकर दिल्ली की ओर जा रहा था। शाम के समय चालक ने ट्रक को शिकारपुर क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप पर खड़ा कर लिया। इसी दौरान एसडीएम को मामले की सूचना मिली। जिसके आधार पर तहसीलदार को मौके पर भेजा गया। तहसीलदार को देखकर ट्रक चालक मौके से भाग गया। जिसके बाद गाड़ी को कब्जे में ले लिया गया। नाटकीय रूप से घटना के दो घंटे बाद ट्रक मालिक कागजात लेकर पहुंचते हैं और अफसर बिना जांच पड़ताल किए ट्रक को छोड़ देते हैं। सूत्रों ने दावा किया है कि तहसीलदार ने रात 9.15 बजे ट्रक को शिकारपुर क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर पकड़ा था, जबकि मालिक द्वारा पेश किया गया गेट पास रात बजे का है। ऐसे में मंडी सचिव की कार्यशैली कटघरे में खड़ी है। लोगों की जुबान पर सवाल है कि 9.15 बजे गाड़ी डिबाई से शिकारपुर पहुंच गई, जिसके बाद अफसरों द्वारा गाड़ी पकड़े जाने पर रात 10 बजे क्यों गेट पास जारी किया गया। दावा किया है कि मामला डीएम के संज्ञान में पहुंचा तो एसडीएम, तहसीलदार, मंडी सचिव को कड़ी फटकार लगाई है। तहसीलदार अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि एसडीएम के आदेश पर मौके पर पहुंचे थे। कागज दो घंटे बाद दिखाए जाने पर एसडीएम के आदेश पर गाड़ी छोड़ी गई थी। मंडी सचिव प्रेमपाल सिंह ने बताया कि मौके पर पहुंचकर कागजों की जानकारी करते हुए स्थिति के बारे में एसडीएम को अवगत करा दिया गया था। एसडीएम के आदेश पर ही गाड़ी को छोड़ा गया था।
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शिकारपुर। अफसरों ने टैक्स चोरी के संदेह में पहले तो गाड़ी को पकड़ा फिर फर्जी कागज दिखाने पर गाड़ी को छोड़ भी दिया। मामला डीएम के संज्ञान में आने पर डीएम ने एसडीएम, मंडी सचिव, तहसीलदार समेत अन्य अफसरों को कड़ी फटकार लगाई है।
जानकारी के अनुसार 9 अगस्त को डिबाई मंडी से एक ट्रक गेहूं लेकर दिल्ली की ओर जा रहा था। शाम के समय चालक ने ट्रक को शिकारपुर क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप पर खड़ा कर लिया। इसी दौरान एसडीएम को मामले की सूचना मिली। जिसके आधार पर तहसीलदार को मौके पर भेजा गया। तहसीलदार को देखकर ट्रक चालक मौके से भाग गया। जिसके बाद गाड़ी को कब्जे में ले लिया गया। नाटकीय रूप से घटना के दो घंटे बाद ट्रक मालिक कागजात लेकर पहुंचते हैं और अफसर बिना जांच पड़ताल किए ट्रक को छोड़ देते हैं। सूत्रों ने दावा किया है कि तहसीलदार ने रात 9.15 बजे ट्रक को शिकारपुर क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर पकड़ा था, जबकि मालिक द्वारा पेश किया गया गेट पास रात बजे का है। ऐसे में मंडी सचिव की कार्यशैली कटघरे में खड़ी है। लोगों की जुबान पर सवाल है कि 9.15 बजे गाड़ी डिबाई से शिकारपुर पहुंच गई, जिसके बाद अफसरों द्वारा गाड़ी पकड़े जाने पर रात 10 बजे क्यों गेट पास जारी किया गया। दावा किया है कि मामला डीएम के संज्ञान में पहुंचा तो एसडीएम, तहसीलदार, मंडी सचिव को कड़ी फटकार लगाई है। तहसीलदार अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि एसडीएम के आदेश पर मौके पर पहुंचे थे। कागज दो घंटे बाद दिखाए जाने पर एसडीएम के आदेश पर गाड़ी छोड़ी गई थी। मंडी सचिव प्रेमपाल सिंह ने बताया कि मौके पर पहुंचकर कागजों की जानकारी करते हुए स्थिति के बारे में एसडीएम को अवगत करा दिया गया था। एसडीएम के आदेश पर ही गाड़ी को छोड़ा गया था।
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