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2010 के बाद तैनात सभी शिक्षकों की खंगाली जाएगी कुंडली
Updated Tue, 07 Aug 2018 06:16 PM IST
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2010 के बाद तैनात सभी शिक्षकों की खंगाली जाएगी कुंडली
बुलंदशहर। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में वर्ष 2010 के बाद तैनात किए गए शिक्षकों की अब कुंडली खंगाली जाएगी। ऐसे अधिकतर शिक्षकों पर फर्जी दस्तावेज और अन्य कागजात लगाकर नौकरी पाने का आरोप लगा है। प्रदेश भर से शिकायत मिलने पर शासन ने डीएम के पास जांच के लिए आदेश भेज दिए हैं। इस कार्य को अंजाम देने के लिए आगामी रणनीति बनाई जा रही है।
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में तैनात शिक्षकों पर फर्जी दस्तावेज आदि से नौकरी पाने के मामले पूर्व में भी उजागर होते रहे हैं। अब शासन को प्रदेश भर से लगातार फर्जी दस्तावेज आदि लगाकर अधिकतर शिक्षकों पर नौकरी पाने के आरोप लग रहे हैं। इन शिकायतों को शासन ने गंभीरता से लेते हुए वर्ष 2010 के बाद नियुक्त हुए शिक्षकों की कुंडली खंगालने का निर्णय लिया है। शासन की ओर से जारी आदेश डीएम के पास पहुंच गया है। आदेश है कि शिक्षकों की कुंडली का पता लगाने के लिए एक समिति बनाई जाए और वर्ष 2010 के बाद जितने भी शिक्षक तैनात हुए हैँ। उनके दस्तावेज आदि की जांच की जाए। यदि किसी दस्तावेज में गड़बड़ी की शंका है तो उसकी जांच करवाएं। शासन के इस आदेश से विभाग में खलबली मच गई है। चर्चा यह भी है कि यदि शिक्षकों की कुंडली खंगाली जाती है तो अनेक शिक्षकों द्वारा किया गया फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आएगा। साथ ही शासन से मिले आदेश के बाद डीएम स्तर से आगामी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार का कहना है कि यह आदेश डीएम अनुज कुमार झा को प्राप्त हुआ है। डीएम के आदेश पर ही शिक्षकों के दस्तावेज आदि की जांच होगी। इससे पहले एक कमेटी का गठन होगा। इस कार्य में उनसे जो भी सहयोग मांगा जाएगा या आदेश जारी किया जाएगा। उसका पालन करेंगे।
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बुलंदशहर। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में वर्ष 2010 के बाद तैनात किए गए शिक्षकों की अब कुंडली खंगाली जाएगी। ऐसे अधिकतर शिक्षकों पर फर्जी दस्तावेज और अन्य कागजात लगाकर नौकरी पाने का आरोप लगा है। प्रदेश भर से शिकायत मिलने पर शासन ने डीएम के पास जांच के लिए आदेश भेज दिए हैं। इस कार्य को अंजाम देने के लिए आगामी रणनीति बनाई जा रही है।
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में तैनात शिक्षकों पर फर्जी दस्तावेज आदि से नौकरी पाने के मामले पूर्व में भी उजागर होते रहे हैं। अब शासन को प्रदेश भर से लगातार फर्जी दस्तावेज आदि लगाकर अधिकतर शिक्षकों पर नौकरी पाने के आरोप लग रहे हैं। इन शिकायतों को शासन ने गंभीरता से लेते हुए वर्ष 2010 के बाद नियुक्त हुए शिक्षकों की कुंडली खंगालने का निर्णय लिया है। शासन की ओर से जारी आदेश डीएम के पास पहुंच गया है। आदेश है कि शिक्षकों की कुंडली का पता लगाने के लिए एक समिति बनाई जाए और वर्ष 2010 के बाद जितने भी शिक्षक तैनात हुए हैँ। उनके दस्तावेज आदि की जांच की जाए। यदि किसी दस्तावेज में गड़बड़ी की शंका है तो उसकी जांच करवाएं। शासन के इस आदेश से विभाग में खलबली मच गई है। चर्चा यह भी है कि यदि शिक्षकों की कुंडली खंगाली जाती है तो अनेक शिक्षकों द्वारा किया गया फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आएगा। साथ ही शासन से मिले आदेश के बाद डीएम स्तर से आगामी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार का कहना है कि यह आदेश डीएम अनुज कुमार झा को प्राप्त हुआ है। डीएम के आदेश पर ही शिक्षकों के दस्तावेज आदि की जांच होगी। इससे पहले एक कमेटी का गठन होगा। इस कार्य में उनसे जो भी सहयोग मांगा जाएगा या आदेश जारी किया जाएगा। उसका पालन करेंगे।
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