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प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए भूमि का हुआ चयन
Updated Sat, 04 Aug 2018 11:34 PM IST
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900 प्रधानमंत्री आवासों का रास्ता साफ, भूमि चिह्नित
- तहसील के पास कृषि विभाग की जमीन का प्रस्ताव शासन को भेजा
- 2.65 हेक्टेयर जमीन पर बनाए जाएंगे 900 आवास
- 1600 और आवासों के लिए जमीन की तलाश जारी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जिले में 900 प्रधानमंत्री आवासों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। अधिकारियों ने सदर तहसील से सटी कृषि विभाग की भूमि का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। इस भूमि पर 900 आवासों का निर्माण कराया जा सकता है। 1600 और आवासों के लिए सिकंदराबाद और जहांगीराबाद में जमीन की तलाश की जा रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में 2500 आवासों का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए जमीन की तलाश के लिए शासन ने अफसरों को आदेश दिए थे। शासन के आदेश पर अफसरों ने बुलंदशहर, जहांगीराबाद व सिकंदराबाद में जमीन की तलाश शुरू की थी। अब अफसरों को बुलंदशहर में सदर तहसील के पास 2.65 हेक्टेयर जमीन मिल गई है, लेकिन अब भी सिकंदराबाद व जहांगीराबाद में जमीन की तलाश की जा रही है। सदर तहसील के पास चिन्ह्ति की गई कृषि विभाग की जमीन का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। पहले कृषि विभाग की जमीन की नोहैयत बदली जाएगी। इसके बाद उसे आवासीय भूमि में दर्ज किया जाएगा। सदर तहसील के पास मिली जमीन पर 900 प्रधानमंत्री आवास बनाए जाने का रास्ता अब लगभग साफ हो चुका है। नोहैयत बदलने के बाद इस जमीन पर आवास निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
प्रमुख सचिव ने दिए थे आदेश
बीडीए और नगर पालिका अफसरों को प्रमुख सचिव ने जमीन तलाशने के आदेश दिए थे। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से 15 दिनों में जमीन की तलाश कर रिपोर्ट के निर्देश दिए थे। अफसरों ने स्याना बस अड्डे के पास पालिका की जमीन देखी भी, लेकिन अफसरों को उक्त जमीन आवास निर्माण के लिए ठीक नहीं लगी।
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अगले माह शुरू हो सकते हैं आवेदन
चिन्ह्ति की गई जमीन की नोहैयत बदलने पर अगले माह आवासों के आवेदन शुरू हो सकते हैं। जानकारी के अनुसार इन मकानों के लिए डूडा विभाग में आवेदन किया जाएगा। जबकि निर्माण बुलंदशहर विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा।
कोट-
प्रमुख सचिव के आदेश पर जमीन चिन्ह्ति की गई है। डीएम द्वारा जमीन की नोहैयत बदलने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। नोहैयत बदलते ही आवास निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। - शफकत कमाल, उपाध्यक्ष बीडीए
अब आवास प्लस दिलाएगा सपनों का आशियाना
- प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से छूटे जरूरतमंदों का होगा ऑनलाइन चयन
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की उम्मीद खो चुके जरूरतमंदों के सिर पर पक्की छत होगी। उनके इस ख्वाब को पूरा करने के लिए भारत सरकार ने आवास प्लस एप बनाया है। यह जनगणना 2011 की लिस्ट से छूटे पात्रों को आवास दिलाएगा। इस बार सूची की बजाए पात्रों का ऑनलाइन चयन होगा। इस काम के लिए विशेष टीम बनाई जाएगी जो गांव-गांव सर्वे कर पात्रों की जरूरत को परखेगी। साथ ही पात्र होने पर सीधे ऑनलाइन फीडिंग की जाएगी।
केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के गरीब और जरूरतमंदों के साथ खुले आसमान में रहने वाले लोगों को आवास उपलब्ध करवाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरूआत की है। इस योजना के तहत जनगणना 2011 की लिस्ट में शामिल पात्रों को आवास का लाभ दिया जा रहा है। हाल ही में जिले में सर्वे कर करीब सात हजार ऐसे परिवारों का चयन किया था जो अब भी पक्के मकान का सपना देख रहे हैं। जिला स्तर यह लिस्ट केंद्र सरकार को भेज दी थी। इसके साथ ही केंद्र सरकार की ओर से नया आदेश जारी किया गया था कि अब कच्चे मकान वाले पात्रों के ही प्रधानमंत्री आवास बनेंगे। इसके साथ ही इस वर्ष योजना के तहत जिले को 94 प्रधानमंत्री आवास की सौगात मिल चुकी है। अब केंद्र सरकार ने जनगणना 2011 की लिस्ट में शामिल जरूरतमंदों को योजना का लाभ देने के लिए एक और पहल शुरू की है। इसके लिए आवास प्लस एप बनाया है और इसके जरिए अब सूची की बजाय पात्रों का ऑनलाइन चयन किया जाएगा।
पारदर्शिता के साथ जियो टैगिंग भी होगी
आवास प्लस एप की प्रक्रिया काफी तेजी से चलेगी। पात्रों का चयन करने के लिए ब्लॉक स्तर से टीम लगाई जाएंगी। टीम में खंड विकास अधिकारी पारदर्शिता के लिए ईमानदार व साफ छवि वाले कर्मियों को लगाएंगे। टीम में खासकर ग्राम विकास अधिकारी, रोजगार प्रेरक व टेक्निकल असिस्टेंट लिए जाएंगे, जो छूटे पात्रों से बात कर पड़ताल करेंगे। इसमें ग्राम विकास अधिकारी, रोजगार प्रेरक व टेक्निकल असिस्टेंट इस जिम्मेदारी को निभाएंगे। इनके पास स्मार्ट फोन होगा जो मौके पर जाकर आवास योजना से किसी कारण छूटे पात्रों का पता लगाएंगे। लाभार्थी मिलने पर नाम, पता व गांव की मोबाइल से एप पर फीडिंग करेंगे। यह पूरा विवरण भारत सरकार की वेबसाइट पर दर्ज होगा। इसमें नाम काटने या सुविधा शुल्क लेने जैसे आरोप नहीं लगेंगे। मौके पर आवास बनाने की जगह देखी जाएगी। इसकी फोटो खींचकर जियो टैगिंग भी होगी।
जनगणना 2011 की सूची में शामिल जिन पात्रों को प्रधानमंत्री आवास नहीं मिले हैं, उन्हें आवास का लाभ देने की तैयारी है। इसके लिए भारत सरकार ने आवास प्लस एप बनाया है। यह वंचित पात्रों का आनलाइन चयन करेगा। - सर्वेश चंद, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, बुलंदशहर
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- तहसील के पास कृषि विभाग की जमीन का प्रस्ताव शासन को भेजा
- 2.65 हेक्टेयर जमीन पर बनाए जाएंगे 900 आवास
- 1600 और आवासों के लिए जमीन की तलाश जारी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जिले में 900 प्रधानमंत्री आवासों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। अधिकारियों ने सदर तहसील से सटी कृषि विभाग की भूमि का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। इस भूमि पर 900 आवासों का निर्माण कराया जा सकता है। 1600 और आवासों के लिए सिकंदराबाद और जहांगीराबाद में जमीन की तलाश की जा रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में 2500 आवासों का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए जमीन की तलाश के लिए शासन ने अफसरों को आदेश दिए थे। शासन के आदेश पर अफसरों ने बुलंदशहर, जहांगीराबाद व सिकंदराबाद में जमीन की तलाश शुरू की थी। अब अफसरों को बुलंदशहर में सदर तहसील के पास 2.65 हेक्टेयर जमीन मिल गई है, लेकिन अब भी सिकंदराबाद व जहांगीराबाद में जमीन की तलाश की जा रही है। सदर तहसील के पास चिन्ह्ति की गई कृषि विभाग की जमीन का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। पहले कृषि विभाग की जमीन की नोहैयत बदली जाएगी। इसके बाद उसे आवासीय भूमि में दर्ज किया जाएगा। सदर तहसील के पास मिली जमीन पर 900 प्रधानमंत्री आवास बनाए जाने का रास्ता अब लगभग साफ हो चुका है। नोहैयत बदलने के बाद इस जमीन पर आवास निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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प्रमुख सचिव ने दिए थे आदेश
बीडीए और नगर पालिका अफसरों को प्रमुख सचिव ने जमीन तलाशने के आदेश दिए थे। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से 15 दिनों में जमीन की तलाश कर रिपोर्ट के निर्देश दिए थे। अफसरों ने स्याना बस अड्डे के पास पालिका की जमीन देखी भी, लेकिन अफसरों को उक्त जमीन आवास निर्माण के लिए ठीक नहीं लगी।
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अगले माह शुरू हो सकते हैं आवेदन
चिन्ह्ति की गई जमीन की नोहैयत बदलने पर अगले माह आवासों के आवेदन शुरू हो सकते हैं। जानकारी के अनुसार इन मकानों के लिए डूडा विभाग में आवेदन किया जाएगा। जबकि निर्माण बुलंदशहर विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा।
कोट-
प्रमुख सचिव के आदेश पर जमीन चिन्ह्ति की गई है। डीएम द्वारा जमीन की नोहैयत बदलने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। नोहैयत बदलते ही आवास निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। - शफकत कमाल, उपाध्यक्ष बीडीए
अब आवास प्लस दिलाएगा सपनों का आशियाना
- प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से छूटे जरूरतमंदों का होगा ऑनलाइन चयन
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की उम्मीद खो चुके जरूरतमंदों के सिर पर पक्की छत होगी। उनके इस ख्वाब को पूरा करने के लिए भारत सरकार ने आवास प्लस एप बनाया है। यह जनगणना 2011 की लिस्ट से छूटे पात्रों को आवास दिलाएगा। इस बार सूची की बजाए पात्रों का ऑनलाइन चयन होगा। इस काम के लिए विशेष टीम बनाई जाएगी जो गांव-गांव सर्वे कर पात्रों की जरूरत को परखेगी। साथ ही पात्र होने पर सीधे ऑनलाइन फीडिंग की जाएगी।
केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के गरीब और जरूरतमंदों के साथ खुले आसमान में रहने वाले लोगों को आवास उपलब्ध करवाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरूआत की है। इस योजना के तहत जनगणना 2011 की लिस्ट में शामिल पात्रों को आवास का लाभ दिया जा रहा है। हाल ही में जिले में सर्वे कर करीब सात हजार ऐसे परिवारों का चयन किया था जो अब भी पक्के मकान का सपना देख रहे हैं। जिला स्तर यह लिस्ट केंद्र सरकार को भेज दी थी। इसके साथ ही केंद्र सरकार की ओर से नया आदेश जारी किया गया था कि अब कच्चे मकान वाले पात्रों के ही प्रधानमंत्री आवास बनेंगे। इसके साथ ही इस वर्ष योजना के तहत जिले को 94 प्रधानमंत्री आवास की सौगात मिल चुकी है। अब केंद्र सरकार ने जनगणना 2011 की लिस्ट में शामिल जरूरतमंदों को योजना का लाभ देने के लिए एक और पहल शुरू की है। इसके लिए आवास प्लस एप बनाया है और इसके जरिए अब सूची की बजाय पात्रों का ऑनलाइन चयन किया जाएगा।
पारदर्शिता के साथ जियो टैगिंग भी होगी
आवास प्लस एप की प्रक्रिया काफी तेजी से चलेगी। पात्रों का चयन करने के लिए ब्लॉक स्तर से टीम लगाई जाएंगी। टीम में खंड विकास अधिकारी पारदर्शिता के लिए ईमानदार व साफ छवि वाले कर्मियों को लगाएंगे। टीम में खासकर ग्राम विकास अधिकारी, रोजगार प्रेरक व टेक्निकल असिस्टेंट लिए जाएंगे, जो छूटे पात्रों से बात कर पड़ताल करेंगे। इसमें ग्राम विकास अधिकारी, रोजगार प्रेरक व टेक्निकल असिस्टेंट इस जिम्मेदारी को निभाएंगे। इनके पास स्मार्ट फोन होगा जो मौके पर जाकर आवास योजना से किसी कारण छूटे पात्रों का पता लगाएंगे। लाभार्थी मिलने पर नाम, पता व गांव की मोबाइल से एप पर फीडिंग करेंगे। यह पूरा विवरण भारत सरकार की वेबसाइट पर दर्ज होगा। इसमें नाम काटने या सुविधा शुल्क लेने जैसे आरोप नहीं लगेंगे। मौके पर आवास बनाने की जगह देखी जाएगी। इसकी फोटो खींचकर जियो टैगिंग भी होगी।
जनगणना 2011 की सूची में शामिल जिन पात्रों को प्रधानमंत्री आवास नहीं मिले हैं, उन्हें आवास का लाभ देने की तैयारी है। इसके लिए भारत सरकार ने आवास प्लस एप बनाया है। यह वंचित पात्रों का आनलाइन चयन करेगा। - सर्वेश चंद, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, बुलंदशहर