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गरीब बच्चों को प्रवेश नहीं देने पर स्कूल को नोटिस
Updated Wed, 01 Aug 2018 11:38 PM IST
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गरीब बच्चों को प्रवेश नहीं देने पर स्कूल को नोटिस
- निजी स्कूलों में 25 फीसदी सीटें होती हैं निर्धारित
- बीएसए ने मांगा स्पष्टीकरण, हो सकती है कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। गरीब बच्चों को प्रवेश नहीं देने पर बीएसए ने एक स्कूल को नोटिस जारी किया है। साथ ही स्कूल को आदेश जारी किया है कि शिक्षा के अधिकार के तहत बच्चों का प्रवेश करना अनिवार्य है।
निजी स्कूलों में गरीब और असहाय बच्चों के लिए शिक्षा के अधिकार के तहत 25 फीसदी सीटें निर्धारित होती हैं। इन सीटों पर प्रत्येक वर्ष बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से गरीब और असहाय बच्चों का प्रवेश करवाया जाता है। इसके लिए इस बार शासन स्तर से आवेदन करने वाले बच्चों का निजी स्कूल में प्रवेश के लिए चयन लाटरी के माध्यम से किया गया। पहली लाटरी में शामिल बच्चों का प्रवेश निजी स्कूलों द्वारा कर लिया गया। जबकि दूसरी लिस्ट में शामिल आठ बच्चों का प्रवेश एक निजी स्कूल में करवाने का निर्णय लिया गया। आरोप है कि इस स्कूल ने स्कूल खुलने का समय अधिक होने के कारण प्रवेश लेने में असमर्थता जताई। इस पर बीएसए ने स्कूल को नोटिस जारी कर हर हाल में प्रवेश करने के आदेश दिए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार का कहना है कि शिक्षा के अधिकार के तहत गरीब व असहाय बच्चों का प्रवेश निजी स्कूलों में कभी भी कराया जा सकता है। ऐसे में स्कूल को नोटिस जारी कर प्रवेश करने के आदेश दिए हैं। यदि प्रवेश नहीं किए तो स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- निजी स्कूलों में 25 फीसदी सीटें होती हैं निर्धारित
- बीएसए ने मांगा स्पष्टीकरण, हो सकती है कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। गरीब बच्चों को प्रवेश नहीं देने पर बीएसए ने एक स्कूल को नोटिस जारी किया है। साथ ही स्कूल को आदेश जारी किया है कि शिक्षा के अधिकार के तहत बच्चों का प्रवेश करना अनिवार्य है।
निजी स्कूलों में गरीब और असहाय बच्चों के लिए शिक्षा के अधिकार के तहत 25 फीसदी सीटें निर्धारित होती हैं। इन सीटों पर प्रत्येक वर्ष बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से गरीब और असहाय बच्चों का प्रवेश करवाया जाता है। इसके लिए इस बार शासन स्तर से आवेदन करने वाले बच्चों का निजी स्कूल में प्रवेश के लिए चयन लाटरी के माध्यम से किया गया। पहली लाटरी में शामिल बच्चों का प्रवेश निजी स्कूलों द्वारा कर लिया गया। जबकि दूसरी लिस्ट में शामिल आठ बच्चों का प्रवेश एक निजी स्कूल में करवाने का निर्णय लिया गया। आरोप है कि इस स्कूल ने स्कूल खुलने का समय अधिक होने के कारण प्रवेश लेने में असमर्थता जताई। इस पर बीएसए ने स्कूल को नोटिस जारी कर हर हाल में प्रवेश करने के आदेश दिए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार का कहना है कि शिक्षा के अधिकार के तहत गरीब व असहाय बच्चों का प्रवेश निजी स्कूलों में कभी भी कराया जा सकता है। ऐसे में स्कूल को नोटिस जारी कर प्रवेश करने के आदेश दिए हैं। यदि प्रवेश नहीं किए तो स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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