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शौचालय निर्माण में धोखाधड़ी, डीएम ने जारी किया नोटिस
Updated Wed, 01 Aug 2018 11:38 PM IST
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शौचालय निर्माण में धोखाधड़ी, डीएम ने जारी किया नोटिस
- कमालपुर गांव के प्रधान को प्रथम दृष्टया पाया गया दोषी
- शौचालय निर्माण में वित्तीय अनियमितता बरतने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। शौचालय निर्माण में लापरवाही बरतने पर डीएम ने एक ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इससे पहले डीएम ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच करवाई थी। जांच अधिकारी को जांच में ग्राम प्रधान के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले हैं। प्रथम दृष्टया प्रधान को दोषी पाया गया है।
कमालपुर ग्राम प्रधान पर गांव के ही कुछ लोगों ने शौचालय निर्माण में अनियमितता बरतने की शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर डीएम ने मामले में 05 अप्रैल 2018 को जांच के लिए जिला उद्यान अधिकारी, अधिशासी अभियंता गंग नहर तृतीय खंड को नियुक्त किया था। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ग्राम प्रधान व प्रधान पुत्र मौके पर मौजूद नहीं मिले। जांच में स्पष्ट हुआ कि एक मकान में मकान मालिक के बजाए किराएदार के नाम पर शौचालय बना दिया है, जबकि कई के नाम पर फर्जी तरीके से शौचालय बनाने का मामला भी प्रकाश में आया है। इसके अलावा कई शौचालय सही स्थिति में पाए गए तो कई जर्जर हालत में मिले। जांच रिपोर्ट के आधार पर अब डीएम ने ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी को स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं।
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- कमालपुर गांव के प्रधान को प्रथम दृष्टया पाया गया दोषी
- शौचालय निर्माण में वित्तीय अनियमितता बरतने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। शौचालय निर्माण में लापरवाही बरतने पर डीएम ने एक ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इससे पहले डीएम ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच करवाई थी। जांच अधिकारी को जांच में ग्राम प्रधान के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले हैं। प्रथम दृष्टया प्रधान को दोषी पाया गया है।
कमालपुर ग्राम प्रधान पर गांव के ही कुछ लोगों ने शौचालय निर्माण में अनियमितता बरतने की शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर डीएम ने मामले में 05 अप्रैल 2018 को जांच के लिए जिला उद्यान अधिकारी, अधिशासी अभियंता गंग नहर तृतीय खंड को नियुक्त किया था। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ग्राम प्रधान व प्रधान पुत्र मौके पर मौजूद नहीं मिले। जांच में स्पष्ट हुआ कि एक मकान में मकान मालिक के बजाए किराएदार के नाम पर शौचालय बना दिया है, जबकि कई के नाम पर फर्जी तरीके से शौचालय बनाने का मामला भी प्रकाश में आया है। इसके अलावा कई शौचालय सही स्थिति में पाए गए तो कई जर्जर हालत में मिले। जांच रिपोर्ट के आधार पर अब डीएम ने ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी को स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं।
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