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बहेगी विकास की बयार, जिले के दो गांव बनेंगे टूरिज्म विलेज
Updated Wed, 01 Aug 2018 11:38 PM IST
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बहेगी विकास की बयार, जिले के दो गांव बनेंगे टूरिज्म विलेज
पर्यटन मंत्रालय गोमुख से गंगासागर तक 24 गांवों को बनाएगा टूरिज्म विलेज
- बुलंदशहर में गंगा किनारे के बक्शी खेड़ा और सिरोरा गांव योजना में शामिल
- उत्तर प्रदेश के 10 और उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार व झारखंड के 14 गांव
आशीष शुक्ला
बुलंदशहर।
देश में पर्यटन को बढ़ाने और गंगा की निर्मलता को बरकरार रखने के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने गंगा किनारे बसे कुछ गांवों को टूरिज्म विलेज के तौर पर विकसित करने की योजना बनाई है। इसके तहत गोमुख से गंगासागर तक चुने गए पांच प्रदेशों के 24 गांवों में जनपद के भी दो गांव शामिल हैं। टूरिज्म विलेज योजना में शामिल होने के बाद गांवों में कई विकास कार्य होंगे। इसके साथ ही यह दोनों गांव देश विदेश में भी जनपद का नाम रोशन करेंगे।
पिछले दिनों पर्यटन मंत्रालय से जारी हुए आदेश के तहत गंगा को निर्मल व स्वच्छ बनाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने गोमुख से गंगा सागर ‘उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड’ तक के पांच प्रदेशों के कुल 24 गांवों को टूरिज्म विलेज के रूप में विकसित करेगा। इस योजना में बुलंदशहर के अनूूपशहर तहसील के बक्शीखेड़ा गांव और सिरौरा गांव का चयन हुआ है। इनके अलावा योजना में प्रदेश के 8 अन्य गांव भी शामिल हैं। बाकी के 14 गांव अन्य चार प्रदेशों में हैं। योजना के तहत ज्यादातर वे गांव चयनित हुए हैं, जिनका आध्यात्मिक महत्व है। खास बात यह है कि गांव बक्शीखेड़ा और सिरौरा का चयन योजना में होने के बाद गांव की तस्वीर तो बदल ही जाएगी, साथ ही विश्व पटल पर भी जनपद का नाम होगा। जिला प्रशासन ने योजना के तहत गांव में होने वाले विकास कार्यों का खाका खींच लिया है। अफसर योजना के तहत गांवों में जल्द काम शुरू कराने की बात कह रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के यह गांव हैं शामिल
पर्यटन मंत्रालय ने टूरिज्म विलेज बनाने के लिए उत्तर प्रदेश में गंगा किनारे वाले बुलंदशहर में बक्शी खेड़ा और सिरोरा, बनारस में कैथी, ढाका, सिरगोवर्धनपुर और माधोपुरा, इलाहाबाद में लाक्षागृह, काकरा उपरेहर और सिंगरौर, हापुड़ में पूठ गांव को शामिल किया गया है।
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चयनित गांवों में सभी विभाग करेंगे कार्य
पर्यटन मंत्रालय द्वारा गंगा किनारे वाले जिन गांवों का चयन टूरिज्म विलेज बनाने के लिए किया गया है इन गांवों में नमामि गंगे योजना समेत सभी विभागों के सौजन्य से कार्य कराए जाएंगे। पंचायती राज विभाग सफाई, शौचालय आदि की व्यवस्थाएं देखेगा, बिजली विभाग विद्युत सप्लाई, वन विभाग पपौधरोपण करेगा। इसके अलावा गंगा किनारे घाट आदि का निर्माण कराया जाएगा। पर्यटन स्थल में तबदील होने वाले गांवों की सूरत बदलेगी और उनमें शहर जैसी सुविधाएं होंगी। जिले के दोनों गांवों में सड़क व गली पक्की होंगी और पानी निकासी के लिए खास प्रबंध किए जाएंगे। गांव का पानी गंगा में नहीं जाएगा। साफ-सफाई की उचित व्यवस्था की जाएगी। कूड़ा डालने के लिए कूड़ेदान रखा जाएगा।
कोट
पर्यटन मंत्रालय द्वारा सिरोरा और बक्शी खेड़ा गांव को टूरिज्म विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। दोनों गांवों को पर्यटन स्थल में तब्दील करने का काम शुरू हो गया है। इन गांवों की सूरत बदलने के लिए कई विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नमामि गंगे योजना के तहत भी इन गांवों में विकास कार्य कराए जाएंगे। - अमरजीत सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी, बुलंदशहर
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पर्यटन मंत्रालय गोमुख से गंगासागर तक 24 गांवों को बनाएगा टूरिज्म विलेज
- बुलंदशहर में गंगा किनारे के बक्शी खेड़ा और सिरोरा गांव योजना में शामिल
- उत्तर प्रदेश के 10 और उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार व झारखंड के 14 गांव
आशीष शुक्ला
बुलंदशहर।
देश में पर्यटन को बढ़ाने और गंगा की निर्मलता को बरकरार रखने के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने गंगा किनारे बसे कुछ गांवों को टूरिज्म विलेज के तौर पर विकसित करने की योजना बनाई है। इसके तहत गोमुख से गंगासागर तक चुने गए पांच प्रदेशों के 24 गांवों में जनपद के भी दो गांव शामिल हैं। टूरिज्म विलेज योजना में शामिल होने के बाद गांवों में कई विकास कार्य होंगे। इसके साथ ही यह दोनों गांव देश विदेश में भी जनपद का नाम रोशन करेंगे।
पिछले दिनों पर्यटन मंत्रालय से जारी हुए आदेश के तहत गंगा को निर्मल व स्वच्छ बनाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने गोमुख से गंगा सागर ‘उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड’ तक के पांच प्रदेशों के कुल 24 गांवों को टूरिज्म विलेज के रूप में विकसित करेगा। इस योजना में बुलंदशहर के अनूूपशहर तहसील के बक्शीखेड़ा गांव और सिरौरा गांव का चयन हुआ है। इनके अलावा योजना में प्रदेश के 8 अन्य गांव भी शामिल हैं। बाकी के 14 गांव अन्य चार प्रदेशों में हैं। योजना के तहत ज्यादातर वे गांव चयनित हुए हैं, जिनका आध्यात्मिक महत्व है। खास बात यह है कि गांव बक्शीखेड़ा और सिरौरा का चयन योजना में होने के बाद गांव की तस्वीर तो बदल ही जाएगी, साथ ही विश्व पटल पर भी जनपद का नाम होगा। जिला प्रशासन ने योजना के तहत गांव में होने वाले विकास कार्यों का खाका खींच लिया है। अफसर योजना के तहत गांवों में जल्द काम शुरू कराने की बात कह रहे हैं।
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उत्तर प्रदेश के यह गांव हैं शामिल
पर्यटन मंत्रालय ने टूरिज्म विलेज बनाने के लिए उत्तर प्रदेश में गंगा किनारे वाले बुलंदशहर में बक्शी खेड़ा और सिरोरा, बनारस में कैथी, ढाका, सिरगोवर्धनपुर और माधोपुरा, इलाहाबाद में लाक्षागृह, काकरा उपरेहर और सिंगरौर, हापुड़ में पूठ गांव को शामिल किया गया है।
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चयनित गांवों में सभी विभाग करेंगे कार्य
पर्यटन मंत्रालय द्वारा गंगा किनारे वाले जिन गांवों का चयन टूरिज्म विलेज बनाने के लिए किया गया है इन गांवों में नमामि गंगे योजना समेत सभी विभागों के सौजन्य से कार्य कराए जाएंगे। पंचायती राज विभाग सफाई, शौचालय आदि की व्यवस्थाएं देखेगा, बिजली विभाग विद्युत सप्लाई, वन विभाग पपौधरोपण करेगा। इसके अलावा गंगा किनारे घाट आदि का निर्माण कराया जाएगा। पर्यटन स्थल में तबदील होने वाले गांवों की सूरत बदलेगी और उनमें शहर जैसी सुविधाएं होंगी। जिले के दोनों गांवों में सड़क व गली पक्की होंगी और पानी निकासी के लिए खास प्रबंध किए जाएंगे। गांव का पानी गंगा में नहीं जाएगा। साफ-सफाई की उचित व्यवस्था की जाएगी। कूड़ा डालने के लिए कूड़ेदान रखा जाएगा।
कोट
पर्यटन मंत्रालय द्वारा सिरोरा और बक्शी खेड़ा गांव को टूरिज्म विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। दोनों गांवों को पर्यटन स्थल में तब्दील करने का काम शुरू हो गया है। इन गांवों की सूरत बदलने के लिए कई विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नमामि गंगे योजना के तहत भी इन गांवों में विकास कार्य कराए जाएंगे। - अमरजीत सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी, बुलंदशहर