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संशोधन की आस में शिक्षक पहुंचे बीएसए के द्वार
Updated Tue, 31 Jul 2018 12:10 AM IST
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संशोधन की आस में शिक्षक पहुंचे बीएसए के द्वार
बुलंदशहर। दूसरे जिले से स्थानांतरण होकर आए शिक्षकों को स्कूलों का आवंटन हो चुका है लेकिन मनपसंद स्कूल न मिलने के कारण वह अभी भी संशोधन की आस लगाए बैठे है। इसी आस में सोमवार को शिक्षक बीएसए के पास पहुंचे तथा अपना दुखड़ा रोया लेकिन बीएसए ने साफ कर दिया कि अब किसी भी शिक्षक का संशोधन नहीं होगा।
अंतर जनपदीय स्थानांतरण के तहत दूसरे जिलों से 268 शिक्षक आए हैं। इन शिक्षकों की शुरूआत से ही पहली पसंद सिकंदराबाद ब्लॉक के स्कूल रहे। इसके लिए वह सिफारिश और जुगाड़ लगाने में लगे रहे। लेकिन काउंसिलिंग के बाद उन्हें ऐसे स्कूल आवंटित किए गए जो शिक्षक विहीन और एकल थे। लेकिन मनपसंद स्कूल की चाह में अधिकतर शिक्षकों ने अभी तक ज्वाइन नहीं किया। इसी आस में शिक्षक सोमवार को कार्यालय पहुंचे और बीएसए को स्कूल आवंटन में संशोधन करने की मांग की। किसी ने स्कूल दूर बताया तो किसी ने बीमारी का बहाना बनाकर स्कूल बदलने की मांग की। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अम्बरीष कुमार ने इन शिक्षकों को साफ तौर पर बता दिया कि अब उनका संशोधन नहीं होगा। शासन की ओर से भी आदेश प्राप्त हो गया कि अब संशोधन और अन्य कार्य के लिए किसी तरह का दबाव नहीं बनाया जाएगा। सभी शिक्षकों को उन्हीं स्कूल में ड्यूटी करनी होगी, जो स्कूल उन्हें आवंटित किए गए हैं।
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बुलंदशहर। दूसरे जिले से स्थानांतरण होकर आए शिक्षकों को स्कूलों का आवंटन हो चुका है लेकिन मनपसंद स्कूल न मिलने के कारण वह अभी भी संशोधन की आस लगाए बैठे है। इसी आस में सोमवार को शिक्षक बीएसए के पास पहुंचे तथा अपना दुखड़ा रोया लेकिन बीएसए ने साफ कर दिया कि अब किसी भी शिक्षक का संशोधन नहीं होगा।
अंतर जनपदीय स्थानांतरण के तहत दूसरे जिलों से 268 शिक्षक आए हैं। इन शिक्षकों की शुरूआत से ही पहली पसंद सिकंदराबाद ब्लॉक के स्कूल रहे। इसके लिए वह सिफारिश और जुगाड़ लगाने में लगे रहे। लेकिन काउंसिलिंग के बाद उन्हें ऐसे स्कूल आवंटित किए गए जो शिक्षक विहीन और एकल थे। लेकिन मनपसंद स्कूल की चाह में अधिकतर शिक्षकों ने अभी तक ज्वाइन नहीं किया। इसी आस में शिक्षक सोमवार को कार्यालय पहुंचे और बीएसए को स्कूल आवंटन में संशोधन करने की मांग की। किसी ने स्कूल दूर बताया तो किसी ने बीमारी का बहाना बनाकर स्कूल बदलने की मांग की। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अम्बरीष कुमार ने इन शिक्षकों को साफ तौर पर बता दिया कि अब उनका संशोधन नहीं होगा। शासन की ओर से भी आदेश प्राप्त हो गया कि अब संशोधन और अन्य कार्य के लिए किसी तरह का दबाव नहीं बनाया जाएगा। सभी शिक्षकों को उन्हीं स्कूल में ड्यूटी करनी होगी, जो स्कूल उन्हें आवंटित किए गए हैं।
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