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अब नहीं रहेगा कोई अपात्र, राशन कार्डों का होगा सत्यापन
Updated Fri, 20 Jul 2018 11:28 PM IST
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राशन कार्डों के सत्यापन के लिए बनी टीम
- खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बने राशन कार्डों का होगा सत्यापन
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत बने राशन कार्डों का फिर से सत्यापन होगा। योजना के तहत राशन कार्ड बनने में आ रही गड़बड़ियों व अपात्रों को शामिल करने की शिकायतों को देखते हुए डीएम अनुज कुमार झा ने सत्यापन के लिए कमेटी बना दी है।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जिले में 6.50 लाख परिवार जुड़े हुए हैं। इन परिवारों के करीब 26 लाख सदस्य हैं। इन सभी को पांच किलो राशन प्रति सदस्य का वितरण हर माह होता है। इस राशन में दो किलो चावल तीन रुपये और तीन किलो गेहूं दो रुपये प्रति किलो के हिसाब से दिया जाता है। जनवरी 2016 से शुरू हुई यह योजना जिले में शुरू से ही विवादों में रही। योजना में अपात्र शामिल होने के आरोप-प्रत्यारोप भी लगते रहे। पात्र परिवार इस योजना से जुड़ने के लिए भटकते रहे। कई बार राशन कार्डों का सत्यापन हुआ और घर-घर जाकर सर्वे भी किया गया। इस दौरान बड़ी अपात्र सामने आए। विभाग की ओर से अपात्रों को योजना से बाहर कर पात्रों को शामिल करने का काम किया गया। इस बार राशन वितरण के दौरान 10 लाख से अधिक सदस्यों को राशन नहीं मिला। इसका कारण यह रहा कि उन्होंने अपने आधार कार्ड नंबर राशन कार्ड से लिंक नहीं करवाए। योजना में अपात्रों के शामिल होने की शिकायत के मद्देनजर शासन ने राशन कार्डों के सत्यापन के आदेश दिए हैं। इस पर डीएम अनुज कुमार झा ने सत्यापन के लिए विभाग की ओर लगभग सभी तैयारी पूरी कर ली हैं और इसके लिए कई विभागों के अफसर और कर्मचारियों को भी नियुक्त कर दिया है। जिला पूर्ति अधिकारी केबी सिंह का कहना है कि राशन कार्डों के सत्यापन का काम जल्द शुरू होगा। डीएम के निर्देश पर सत्यापन का काम शुरू होगा।
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- खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बने राशन कार्डों का होगा सत्यापन
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत बने राशन कार्डों का फिर से सत्यापन होगा। योजना के तहत राशन कार्ड बनने में आ रही गड़बड़ियों व अपात्रों को शामिल करने की शिकायतों को देखते हुए डीएम अनुज कुमार झा ने सत्यापन के लिए कमेटी बना दी है।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जिले में 6.50 लाख परिवार जुड़े हुए हैं। इन परिवारों के करीब 26 लाख सदस्य हैं। इन सभी को पांच किलो राशन प्रति सदस्य का वितरण हर माह होता है। इस राशन में दो किलो चावल तीन रुपये और तीन किलो गेहूं दो रुपये प्रति किलो के हिसाब से दिया जाता है। जनवरी 2016 से शुरू हुई यह योजना जिले में शुरू से ही विवादों में रही। योजना में अपात्र शामिल होने के आरोप-प्रत्यारोप भी लगते रहे। पात्र परिवार इस योजना से जुड़ने के लिए भटकते रहे। कई बार राशन कार्डों का सत्यापन हुआ और घर-घर जाकर सर्वे भी किया गया। इस दौरान बड़ी अपात्र सामने आए। विभाग की ओर से अपात्रों को योजना से बाहर कर पात्रों को शामिल करने का काम किया गया। इस बार राशन वितरण के दौरान 10 लाख से अधिक सदस्यों को राशन नहीं मिला। इसका कारण यह रहा कि उन्होंने अपने आधार कार्ड नंबर राशन कार्ड से लिंक नहीं करवाए। योजना में अपात्रों के शामिल होने की शिकायत के मद्देनजर शासन ने राशन कार्डों के सत्यापन के आदेश दिए हैं। इस पर डीएम अनुज कुमार झा ने सत्यापन के लिए विभाग की ओर लगभग सभी तैयारी पूरी कर ली हैं और इसके लिए कई विभागों के अफसर और कर्मचारियों को भी नियुक्त कर दिया है। जिला पूर्ति अधिकारी केबी सिंह का कहना है कि राशन कार्डों के सत्यापन का काम जल्द शुरू होगा। डीएम के निर्देश पर सत्यापन का काम शुरू होगा।
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