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जीवित महिला को मृत दर्शाकर दर्ज की फर्जी विरासत
Updated Thu, 19 Jul 2018 11:33 PM IST
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जीवित महिला को मृत दर्शाकर कागजों में दर्ज की फर्जी विरासत
- पीड़िता ने लेखपाल पर आरोप लगाते हुए एसडीएम से की शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो।
बुलंदशहर/शिकारपुर। तहसील में तैनात लेखपाल ने जीवित महिला को मृत दर्शाकर उसके भूमि सम्बन्धी अभिलेखों में विरासत दर्ज कर दी। पीड़िता को जब इसकी भनक लगी तो वह शिकायत लेकर एसडीएम के पास पहुंची, एसडीएम ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
शिकारपुर तहसील क्षेत्र के परगना पहासू क्षेत्र के गांव कुंवरपुर निवासी ओमवती पत्नी सुरेन्द्र प्रकाश का नाम ग्राम स्थित भूमि के गाटा संख्या 127 व 128 में पुत्र दिनेश चन्द व राजीव कुमार के साथ बतौर सह खातेदार दर्ज हैं। 2 जनवरी 2018 को राजस्व निरीक्षक के आदेश पर महिला का नाम मृतक के रूप में दर्ज कर उनके स्थान पर पुत्र दिनेश व राजेश का नाम बतौर वारिश दर्ज करा दिए। महिला ने एसडीएम हिमांशु गुप्ता को शिकायत पत्र देकर भूमि अभिलेख में गलत व फर्जी तरीके से दर्ज की गई विरासत को हटवाने तथा गलत विरासत दर्ज कराने वाले लेखपाल के खिलाफ कार्यवाई की मांग की। मामले की शिकायत एसडीएम के दरबार में पहुंची तो तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीएम ने मामले की जांच कर फर्जी विरासत को हटाने के निर्देश दिये हैं।
खुली बैठक में बताया था मृत
जानकारी के अनुसार गांव में वारिसान बदलवाने के लिए खुली बैठक का आयोजन कराया था। बताया जा रहा है कि बैठक में ग्रामीणों ने महिला को मृत बता दिया था। जिसके आधार पर वारिसान से महिला का नाम हटा दिया गया था।
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कोट-
विरासत दर्ज कराने के लिये गांव गांव अभियान चलाया गया था। चूंकि महिला अलीगढ़ में रहती है। खुली बैठक में ग्रामीणों द्वारा उसे मृत बता दिया गया। महिला जिंदा है उसकी विरासत को रद कर अभिलेखों में पूर्व की भांति उसका नाम दर्ज कराने के निर्देश दे दिये गए हैं। - हिमांशु गुप्ता, एसडीएम शिकारपुर
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- पीड़िता ने लेखपाल पर आरोप लगाते हुए एसडीएम से की शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो।
बुलंदशहर/शिकारपुर। तहसील में तैनात लेखपाल ने जीवित महिला को मृत दर्शाकर उसके भूमि सम्बन्धी अभिलेखों में विरासत दर्ज कर दी। पीड़िता को जब इसकी भनक लगी तो वह शिकायत लेकर एसडीएम के पास पहुंची, एसडीएम ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
शिकारपुर तहसील क्षेत्र के परगना पहासू क्षेत्र के गांव कुंवरपुर निवासी ओमवती पत्नी सुरेन्द्र प्रकाश का नाम ग्राम स्थित भूमि के गाटा संख्या 127 व 128 में पुत्र दिनेश चन्द व राजीव कुमार के साथ बतौर सह खातेदार दर्ज हैं। 2 जनवरी 2018 को राजस्व निरीक्षक के आदेश पर महिला का नाम मृतक के रूप में दर्ज कर उनके स्थान पर पुत्र दिनेश व राजेश का नाम बतौर वारिश दर्ज करा दिए। महिला ने एसडीएम हिमांशु गुप्ता को शिकायत पत्र देकर भूमि अभिलेख में गलत व फर्जी तरीके से दर्ज की गई विरासत को हटवाने तथा गलत विरासत दर्ज कराने वाले लेखपाल के खिलाफ कार्यवाई की मांग की। मामले की शिकायत एसडीएम के दरबार में पहुंची तो तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीएम ने मामले की जांच कर फर्जी विरासत को हटाने के निर्देश दिये हैं।
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खुली बैठक में बताया था मृत
जानकारी के अनुसार गांव में वारिसान बदलवाने के लिए खुली बैठक का आयोजन कराया था। बताया जा रहा है कि बैठक में ग्रामीणों ने महिला को मृत बता दिया था। जिसके आधार पर वारिसान से महिला का नाम हटा दिया गया था।
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कोट-
विरासत दर्ज कराने के लिये गांव गांव अभियान चलाया गया था। चूंकि महिला अलीगढ़ में रहती है। खुली बैठक में ग्रामीणों द्वारा उसे मृत बता दिया गया। महिला जिंदा है उसकी विरासत को रद कर अभिलेखों में पूर्व की भांति उसका नाम दर्ज कराने के निर्देश दे दिये गए हैं। - हिमांशु गुप्ता, एसडीएम शिकारपुर