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औरंगाबाद चेयरमैन पर भूमियाओं को शरण देने का आरोप
Updated Wed, 11 Jul 2018 11:28 PM IST
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औरंगाबाद चेयरमैन पर भूमाफिया को शरण देने का आरोप
एसडीएम कोर्ट ने जारी किया समन, तीन वर्ष के लिए निजी मुचलके में पाबंद
- कब्जा मुक्त की गई जमीन पर दोबारा कब्जा कराने में मिलीभगत आई सामने
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
औरंगाबाद नगर पंचायत चेयरमैन पर भूमाफिया को शरण देने के आरोप में एसडीएम कोर्ट से समन जारी किया गया है। एसडीएम कोर्ट से जारी आदेशों के अनुसार चेयरमैन को तीन वर्ष के लिए निजी मुचलके में पाबंद किया गया है, जबकि पांच-पांच लाख रुपये की दो जमानतें (दोनों ग्रुप ए के गैजेटेड ऑफिसर) देने के आदेश दिए हैं।
नगर पंचायत औरंगाबाद में गत दिनों ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर अरविंद सिंह ने पंचायत अफसरों और तहसील की टीम के साथ सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटवाया था, लेकिन इसके बाद भी अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। क्षेत्र के लोगों ने मामले में एसडीएम से शिकायत की थी। साथ ही गत दिनों नगर पंचायत के एक अफसर ने भी पंचायत चेयरमैन पर भूमाफिया को शरण देने का आरोप लगाते हुए एसडीएम के पास शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद एसडीएम सदर कोर्ट ने चेयरमैन हाजी अख्तर मेवाती के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 का संज्ञान लेते हुए सीआरपीसी की धारा 110 (एफ) 2 के तहत तीन साल के लिए तीन लाख रुपये का निजी मुचलका व पांच-पांच लाख की दो जमानतें देने के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने चेयरमैन को समन भी जारी किया है। वहीं, नगर पंचायत चेयरमैन हाजी अख्तर मेवाती ने बताया कि भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई में उन्होंने सहयोग दिया था। उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। राजनीतिक द्वेष के चलते मुझे जानबूझकर फंसाया जा रहा है।
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एसडीएम कोर्ट ने जारी किया समन, तीन वर्ष के लिए निजी मुचलके में पाबंद
- कब्जा मुक्त की गई जमीन पर दोबारा कब्जा कराने में मिलीभगत आई सामने
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
औरंगाबाद नगर पंचायत चेयरमैन पर भूमाफिया को शरण देने के आरोप में एसडीएम कोर्ट से समन जारी किया गया है। एसडीएम कोर्ट से जारी आदेशों के अनुसार चेयरमैन को तीन वर्ष के लिए निजी मुचलके में पाबंद किया गया है, जबकि पांच-पांच लाख रुपये की दो जमानतें (दोनों ग्रुप ए के गैजेटेड ऑफिसर) देने के आदेश दिए हैं।
नगर पंचायत औरंगाबाद में गत दिनों ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर अरविंद सिंह ने पंचायत अफसरों और तहसील की टीम के साथ सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटवाया था, लेकिन इसके बाद भी अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। क्षेत्र के लोगों ने मामले में एसडीएम से शिकायत की थी। साथ ही गत दिनों नगर पंचायत के एक अफसर ने भी पंचायत चेयरमैन पर भूमाफिया को शरण देने का आरोप लगाते हुए एसडीएम के पास शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद एसडीएम सदर कोर्ट ने चेयरमैन हाजी अख्तर मेवाती के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 का संज्ञान लेते हुए सीआरपीसी की धारा 110 (एफ) 2 के तहत तीन साल के लिए तीन लाख रुपये का निजी मुचलका व पांच-पांच लाख की दो जमानतें देने के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने चेयरमैन को समन भी जारी किया है। वहीं, नगर पंचायत चेयरमैन हाजी अख्तर मेवाती ने बताया कि भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई में उन्होंने सहयोग दिया था। उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। राजनीतिक द्वेष के चलते मुझे जानबूझकर फंसाया जा रहा है।
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