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अब मानसून की बारिश दे सकती है धोखा
Updated Wed, 04 Jul 2018 11:08 PM IST
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अब मानसून की बारिश भी दे सकती है धोखा
- पारे में लगातार बढ़ोतरी के कारण बन रही संभावना
- किसानों की बढ़ी चिंता, नहर और रजवाहों में नहीं पहुंचा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। मानसून के बादल कम होने लगे हैं और तपिश में भी इजाफा होना शुरू हो गया है। आगामी दिनों में पारा बढ़ने और मौसम साफ रहने की संभावना बनने लगी है। ऐसे में अब ऐसा लग रहा है कि मानसून की बारिश धोखा दे सकती है। बारिश न होने से किसानों की परेशानी बढ़ी दिख रही है। बुधवार को पारा बढ़ गया और सुबह से निकली धूप ने पसीना छुड़ाने का काम कर दिया। अब मौसम साफ रहने की संभावना जताई जा रही है। बुधवार को अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम 28 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान बढक़र 38 और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस होने की संभावना है। लगातार बढ़ती धूप और उमस के कारण किसानों की परेशानी बढ़ती दिख रही है। किसानों को आस थी कि मानसून की बारिश होने पर राहत मिलेगी, लेकिन अच्छी बारिश न होने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। बारिश न होने के कारण नहर और रजवाहों में पानी नहीं पहुंचा और तालाब भी सूखे पड़े हैं। ऐसे में किसान सिंचाई को लेकर चिंतित हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. विवेकराज का कहना है कि मानसून के बादल कम होने लगे हैं और अब मौसम साफ रहने के साथ तापमान में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है। बार-बार मौसम की बदल रही रंगत और बिगड़ रहे आंकड़ों के गणित को देखकर कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है।
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- पारे में लगातार बढ़ोतरी के कारण बन रही संभावना
- किसानों की बढ़ी चिंता, नहर और रजवाहों में नहीं पहुंचा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। मानसून के बादल कम होने लगे हैं और तपिश में भी इजाफा होना शुरू हो गया है। आगामी दिनों में पारा बढ़ने और मौसम साफ रहने की संभावना बनने लगी है। ऐसे में अब ऐसा लग रहा है कि मानसून की बारिश धोखा दे सकती है। बारिश न होने से किसानों की परेशानी बढ़ी दिख रही है। बुधवार को पारा बढ़ गया और सुबह से निकली धूप ने पसीना छुड़ाने का काम कर दिया। अब मौसम साफ रहने की संभावना जताई जा रही है। बुधवार को अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम 28 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान बढक़र 38 और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस होने की संभावना है। लगातार बढ़ती धूप और उमस के कारण किसानों की परेशानी बढ़ती दिख रही है। किसानों को आस थी कि मानसून की बारिश होने पर राहत मिलेगी, लेकिन अच्छी बारिश न होने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। बारिश न होने के कारण नहर और रजवाहों में पानी नहीं पहुंचा और तालाब भी सूखे पड़े हैं। ऐसे में किसान सिंचाई को लेकर चिंतित हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. विवेकराज का कहना है कि मानसून के बादल कम होने लगे हैं और अब मौसम साफ रहने के साथ तापमान में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है। बार-बार मौसम की बदल रही रंगत और बिगड़ रहे आंकड़ों के गणित को देखकर कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है।
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