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मानकों को ताक पर रखकर चहेते ठेकेदार को दिए लाखों के टेंडर
Updated Wed, 04 Jul 2018 11:08 PM IST
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चहेते को ठेका देने के लिए ताक पर रखे मानक
- मानक पूरा न होने पर निरस्त कर दिया गया था ठेकेदार का आवेदन
- पावर कॉरपोरेशन के सर्किल दो व तीन में निकाले गए थे लाखों के टेंडर
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। पावर कॉरपोरेशन में एक चहेते ठेकेदार को टेंडर देने के लिए अफसरों ने मानकों को ताक पर रख दिया। टेंडर के लिए आवेदन करने पर पहले तो अफसरों ने ठेकेदार के आवेदन पर आपत्ति लगा दी, जबकि बाद में उक्त ठेकेदार को ही टेंडर जारी कर दिया। पूरे मामले में मुख्यमंत्री समेत उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई है।
अप्रैल माह में पावर कॉरपोरेशन के सर्किल दो व तीन में टीजीटू समेत अन्य संविदा कर्मचारियों के लाखों रुपये के टेंडर निकाले गए थे। अफसरों ने टेंडर विज्ञप्ति निकालते हुए टेंडर आवेदन किए। जिसमें चार फर्मों ने आवेदन किए। एक फर्म के आवेदन को अफसरों ने अद्योमानक बताते हुए उस पर आपत्ति लगा दी, लेकिन कुछ समय बाद अफसरों ने उसी फर्म के ठेकेदार को लाखों रुपये का टेंडर जारी कर दिए। पूरे मामले में एक व्यक्ति द्वारा मुख्यमंत्री को शिकायत की गई तो अफसरों में हड़कंप मच गया। इस मामले में शिकायत प्रकोष्ठ के एसई ने मामले में जांच के लिए आदेश जारी किए हैं। एसई अजय अग्रवाल ने बताया कि मानकों को ताक पर नहीं रखा गया था। सब कुछ मानकों के अनुसार किया गया है।
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- मानक पूरा न होने पर निरस्त कर दिया गया था ठेकेदार का आवेदन
- पावर कॉरपोरेशन के सर्किल दो व तीन में निकाले गए थे लाखों के टेंडर
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। पावर कॉरपोरेशन में एक चहेते ठेकेदार को टेंडर देने के लिए अफसरों ने मानकों को ताक पर रख दिया। टेंडर के लिए आवेदन करने पर पहले तो अफसरों ने ठेकेदार के आवेदन पर आपत्ति लगा दी, जबकि बाद में उक्त ठेकेदार को ही टेंडर जारी कर दिया। पूरे मामले में मुख्यमंत्री समेत उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई है।
अप्रैल माह में पावर कॉरपोरेशन के सर्किल दो व तीन में टीजीटू समेत अन्य संविदा कर्मचारियों के लाखों रुपये के टेंडर निकाले गए थे। अफसरों ने टेंडर विज्ञप्ति निकालते हुए टेंडर आवेदन किए। जिसमें चार फर्मों ने आवेदन किए। एक फर्म के आवेदन को अफसरों ने अद्योमानक बताते हुए उस पर आपत्ति लगा दी, लेकिन कुछ समय बाद अफसरों ने उसी फर्म के ठेकेदार को लाखों रुपये का टेंडर जारी कर दिए। पूरे मामले में एक व्यक्ति द्वारा मुख्यमंत्री को शिकायत की गई तो अफसरों में हड़कंप मच गया। इस मामले में शिकायत प्रकोष्ठ के एसई ने मामले में जांच के लिए आदेश जारी किए हैं। एसई अजय अग्रवाल ने बताया कि मानकों को ताक पर नहीं रखा गया था। सब कुछ मानकों के अनुसार किया गया है।
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