{"_id":"5b1c1cc24f1c1b644d8b5bc6","slug":"152856903110-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गिनीज बुक में नाम दर्ज करवाने वाली टीम में जिले की छात्रा रुचिका भी शामिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गिनीज बुक में नाम दर्ज करवाने वाली टीम में जिले की छात्रा रुचिका भी शामिल
Updated Sun, 10 Jun 2018 12:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गिनीज बुक में नाम दर्ज करवाने वाली टीम में जिले की छात्रा रुचिका भी शामिल
बुलंदशहर। पर्यावरण दिवस पर दिल्ली के शिवाजी स्टेडियम में संपन्न हुई चित्रकला प्रतियोगिता की टीम ने गिनीज बुक में अपना नाम दर्ज करवाया है। इस टीम में जिले की छात्रा रुचिका श्रीवास्तव भी शामिल रही। इस प्रतियोगिता में बुगरासी की अंकिता कौशिक ने भी भागीदारी की थी।
नगर के राधा नगर में रहने वाली रुचिका श्रीवास्तव ने बताया कि वह मूलत: गोरखपुर जिले की रहने वाली है। उसके पिता वीरेंद्र लाल श्रीवास्तव वेव शुगर मिल में कर्मचारी है और उसका परिवार पिछले काफी वर्षों से बुलंदशहर में ही रह रहा है। इस समय वह उत्तराखंड के श्रीनगर स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रही है। उसे पर्यावरण दिवस पर दिल्ली के शिवाजी स्टेडियम में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में भागीदारी करने का मौका मिला। इस चित्रकला प्रतियोगिता में 1145 कलाकारों ने भागीदारी कर गिनीज बुक में नाम दर्ज करवाने में सफलता हासिल की है। अब से पहले अधिकतम 750 कलाकारों के एक साथ चित्रकला प्रतियोगिता में भागीदारी कर चीन ने रिकार्ड को अपने नाम किया था, जबकि अब यह रिकार्ड भारत के नाम हो गया है। पिता वीरेंद्र लाल श्रीवास्तव, मां विजय लक्ष्मी श्रीवास्तव और भाई रिषभ श्रीवास्तव को रुचिका की उपलब्धि पर नाज है।
विज्ञापन
बुलंदशहर। पर्यावरण दिवस पर दिल्ली के शिवाजी स्टेडियम में संपन्न हुई चित्रकला प्रतियोगिता की टीम ने गिनीज बुक में अपना नाम दर्ज करवाया है। इस टीम में जिले की छात्रा रुचिका श्रीवास्तव भी शामिल रही। इस प्रतियोगिता में बुगरासी की अंकिता कौशिक ने भी भागीदारी की थी।
नगर के राधा नगर में रहने वाली रुचिका श्रीवास्तव ने बताया कि वह मूलत: गोरखपुर जिले की रहने वाली है। उसके पिता वीरेंद्र लाल श्रीवास्तव वेव शुगर मिल में कर्मचारी है और उसका परिवार पिछले काफी वर्षों से बुलंदशहर में ही रह रहा है। इस समय वह उत्तराखंड के श्रीनगर स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रही है। उसे पर्यावरण दिवस पर दिल्ली के शिवाजी स्टेडियम में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में भागीदारी करने का मौका मिला। इस चित्रकला प्रतियोगिता में 1145 कलाकारों ने भागीदारी कर गिनीज बुक में नाम दर्ज करवाने में सफलता हासिल की है। अब से पहले अधिकतम 750 कलाकारों के एक साथ चित्रकला प्रतियोगिता में भागीदारी कर चीन ने रिकार्ड को अपने नाम किया था, जबकि अब यह रिकार्ड भारत के नाम हो गया है। पिता वीरेंद्र लाल श्रीवास्तव, मां विजय लक्ष्मी श्रीवास्तव और भाई रिषभ श्रीवास्तव को रुचिका की उपलब्धि पर नाज है।
विज्ञापन