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नर गौवंश की मुफ्त में होगी नसबंदी
Updated Wed, 06 Jun 2018 11:34 PM IST
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नर गोवंश की मुफ्त में होगी नसबंदी
- पशु पालन विभाग ने बंध्याकरण शुल्क किया माफ
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। अब नर गोवंशों की भी मुफ्त में नसबंदी होगी। इसके लिए पशुपालन विभाग ने बंध्याकरण का शुल्क माफ कर दिया है। पहले बंध्याकरण के लिए प्रति गोवंश दस रुपये का शुल्क लिया जाता था। यह पशुपालन विभाग की नस्ल सुधार की पहल है।
गोवंश का पालन दूध के लिए सबसे ज्यादा किया जाता है। खेती में आधुनिक यंत्र व ट्रैक्टर का प्रयोग बढ़ने से बैल की उपयोगिता खत्म हो गई है। ऐसे में पशुपालक दूध निकालने के बाद नर गोवंश को छोड़ देते हैं। नर गोवंश जहां फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं, वहीं बंध्याकरण न होने से उनमें आक्रामकता बढ़ जाती है। यही नहीं नर गोवंश मौका मिलते ही हमला भी कर देते हैं। सांड़ के हमले की घटनाओं को रोकने के लिए बंध्याकरण को बढ़ावा देने का फैसला किया है। इसके लिए पहले से तय शुल्क माफ कर दिया गया है। पशुपालन विभाग के अधिकारी नर गोवंशों को चिन्हित करके नसबंदी करेंगे। मुख्य पशु चिकित्सक डा. लक्ष्मीनारायण ने बताया कि बंध्याकरण के लिए दस रुपये का शुल्क निर्धारित था, इसे माफ कर दिया गया है। नर गोवंशों का बंध्याकरण करने के लिए कैंप लगाने के साथ ही अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए सभी अस्पतालों से रिपोर्ट मांगी गई है।
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- पशु पालन विभाग ने बंध्याकरण शुल्क किया माफ
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। अब नर गोवंशों की भी मुफ्त में नसबंदी होगी। इसके लिए पशुपालन विभाग ने बंध्याकरण का शुल्क माफ कर दिया है। पहले बंध्याकरण के लिए प्रति गोवंश दस रुपये का शुल्क लिया जाता था। यह पशुपालन विभाग की नस्ल सुधार की पहल है।
गोवंश का पालन दूध के लिए सबसे ज्यादा किया जाता है। खेती में आधुनिक यंत्र व ट्रैक्टर का प्रयोग बढ़ने से बैल की उपयोगिता खत्म हो गई है। ऐसे में पशुपालक दूध निकालने के बाद नर गोवंश को छोड़ देते हैं। नर गोवंश जहां फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं, वहीं बंध्याकरण न होने से उनमें आक्रामकता बढ़ जाती है। यही नहीं नर गोवंश मौका मिलते ही हमला भी कर देते हैं। सांड़ के हमले की घटनाओं को रोकने के लिए बंध्याकरण को बढ़ावा देने का फैसला किया है। इसके लिए पहले से तय शुल्क माफ कर दिया गया है। पशुपालन विभाग के अधिकारी नर गोवंशों को चिन्हित करके नसबंदी करेंगे। मुख्य पशु चिकित्सक डा. लक्ष्मीनारायण ने बताया कि बंध्याकरण के लिए दस रुपये का शुल्क निर्धारित था, इसे माफ कर दिया गया है। नर गोवंशों का बंध्याकरण करने के लिए कैंप लगाने के साथ ही अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए सभी अस्पतालों से रिपोर्ट मांगी गई है।
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