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सेना के जवानों ने प्रशासन के साथ बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर की माकड्रिल
Updated Wed, 06 Jun 2018 11:25 PM IST
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सेना के जवानों ने बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर की मॉकड्रिल
- गंगा किनारे गांवों में जाकर लिया स्थिति का जायजा
अनूपशहर। बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशासन पूरी सर्तकता बरते हुए है। पहली बार बाढ़ आपदा के मद्देनजर सेना को साथ लेकर बाढ़ राहत व बचाव तथा पुर्नवास को लेकर तहसील क्षेत्र के गंगा किनारे वाले गांवों मेें जाकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया गया। इस दौरान मॉकड्रिल भी की गयी। बाढ़ के विषम हालत होने की दशा में हेलीकॉप्टर से भी बिना कोई देरी किये मदद लिये जाने की कार्ययोजना भी तैयार की गयी।
मेरठ छावनी से आयी सेना की टुकड़ी के साथ एसडीएम सदानंद गुप्ता ने तहसील क्षेत्र के गंगा प्रभावित पंद्रह गांवों का सघन दौरा किया और बाढ़ आपदा प्रबंधन का जायजा लिया। एसडीएम सदानंद गुप्ता ने बताया कि अनूपशहर तहसील क्षेत्र के पंद्रह गांव बाढ़ प्रभावित होते हैं जिनमें से दस गांव गैर आबाद हैं। बाढ़ के दौरान बचाव व राहत तथा पुर्नवास कार्य में समय जाया न हो। इसलिए सेना के जवानों के साथ बाढ़ आपदा से निपटने की प्रक्रिया का मौके पर जाकर रिहर्सल किया गया। गांव में पहले से ग्रामीणों की बनायी गयी बाढ़ आपदा राहत टीमों के साथ अभ्यास किया गया। एसडीएम ने बताया कि बाढ़ के हालात पैदा होने पर अनूपशहर व अहार दो प्रमुख केंद्र बनाये जाएंगे। इन बाढ़ चौकियों से व्यवस्थाओं का संचालन किया जाएगा। स्वास्थ्य, भोजन, आवास, महिला सुरक्षा, प्रकाश आदि सभी व्यवस्थाओं को संचालित किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर की भी मदद ली जा सकती है। जिसके लिये जेपी विश्वविद्यालय में बने हैलीपेड का उपयोग किया जायेगा।
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- गंगा किनारे गांवों में जाकर लिया स्थिति का जायजा
अनूपशहर। बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशासन पूरी सर्तकता बरते हुए है। पहली बार बाढ़ आपदा के मद्देनजर सेना को साथ लेकर बाढ़ राहत व बचाव तथा पुर्नवास को लेकर तहसील क्षेत्र के गंगा किनारे वाले गांवों मेें जाकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया गया। इस दौरान मॉकड्रिल भी की गयी। बाढ़ के विषम हालत होने की दशा में हेलीकॉप्टर से भी बिना कोई देरी किये मदद लिये जाने की कार्ययोजना भी तैयार की गयी।
मेरठ छावनी से आयी सेना की टुकड़ी के साथ एसडीएम सदानंद गुप्ता ने तहसील क्षेत्र के गंगा प्रभावित पंद्रह गांवों का सघन दौरा किया और बाढ़ आपदा प्रबंधन का जायजा लिया। एसडीएम सदानंद गुप्ता ने बताया कि अनूपशहर तहसील क्षेत्र के पंद्रह गांव बाढ़ प्रभावित होते हैं जिनमें से दस गांव गैर आबाद हैं। बाढ़ के दौरान बचाव व राहत तथा पुर्नवास कार्य में समय जाया न हो। इसलिए सेना के जवानों के साथ बाढ़ आपदा से निपटने की प्रक्रिया का मौके पर जाकर रिहर्सल किया गया। गांव में पहले से ग्रामीणों की बनायी गयी बाढ़ आपदा राहत टीमों के साथ अभ्यास किया गया। एसडीएम ने बताया कि बाढ़ के हालात पैदा होने पर अनूपशहर व अहार दो प्रमुख केंद्र बनाये जाएंगे। इन बाढ़ चौकियों से व्यवस्थाओं का संचालन किया जाएगा। स्वास्थ्य, भोजन, आवास, महिला सुरक्षा, प्रकाश आदि सभी व्यवस्थाओं को संचालित किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर की भी मदद ली जा सकती है। जिसके लिये जेपी विश्वविद्यालय में बने हैलीपेड का उपयोग किया जायेगा।
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