{"_id":"5b0708124f1c1bda6e8b4711","slug":"152718746915-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली कर रही खेल, रात में सो नहीं पा रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली कर रही खेल, रात में सो नहीं पा रहे लोग
Updated Fri, 25 May 2018 12:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजली बेदम, तपिश निकाल रही दम
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
पारा जहां आसमान छू रहा है, वहीं बेदम बिजली से जीना और मुहाल हो गया है। आलम यह है कि शहरी क्षेत्र में रोजाना छह घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में आठ से दस घंटे की बिजली कटौती हो रही है। कई बार दोपहर के समय भी बत्ती गुल हो जाती है। रात को भी बिजली की आंखमिचौनी जारी रहती है। ऐसे में न तो लोग दिन में चैन से रह पा रहे हैं और न ही रात को सुकून से सो पा रहे हैं। बृहस्पतिवार को नगर के मोहल्ला राधानगर के लोगों ने बिजली कटौती के खिलाफ प्रदर्शन भी किया।
बिजली सप्लाई का जिले में हाल बेहद खराब है। जिले में बिजली की डिमांड 1600 मेघावाट है, लेकिन मिल रही केवल 1100 मेघावाट। रही सही कसर फॉल्ट पूरी कर देते हैं। आपूर्ति कम होने से शहर में 24 घंटे के सापेक्ष 18 घंटे ही बिजली मिल रही है। दावे के सापेक्ष छह घंटे से अधिक की कटौती की जा रही है, जिससे शहर के लोग बुरी तरह से हलकान हैं। नगर में बृहस्पतिवार को गर्मी का आलम यह रहा कि तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया। उमस भरी गर्मी और बिजली कटौती से परेशान मोहल्ला राधानगर के लोगों ने प्रदर्शन करते हुए अवैध रूप से की जा रही कटौती को बंद करने की मांग की। लोगों का आरोप है कि अफसर जानबूझकर बिजली की कटौती कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में आठ से 10 घंटे की कटौती से लोग परेशान हैं। किसान सिंचाई भी नहीं कर पा रहे हैं।
यहां सिर्फ आठ घंटे सप्लाई
अहार, अनूपशहर, डिबाई, शिकारपुर, स्याना क्षेत्र के सैकड़ों गांवों में बिजली सप्लाई का बुरा हाल है। ग्रामीण का कहना है कि यहां सिर्फ 8-10 घंटे बिजली सप्लाई मिल पा रही है। जिसके चलते किसानों को सिंचाई के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
जर्जर लाइनों को अभी तक ठीक नहीं कर पाए अफसर
13 मई को आए तूफान से मची तबाही के बाद बिजली अफसर अब तक बिजली की व्यवस्था नहीं सुधार पाए हैं। बताया जा रहा है कि अभी लाइनों और खंभों को बदलने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है, जिसके चलते फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था से कार्य किया जा रहा है।
मिलनी चाहिए बिजली - मिल रही
शहर में 24 घंटे सप्लाई - 18 घंटे
तहसील क्षेत्र में 20 घंटे - 12 से 14 घंटे
गांवों में 18 घंटे - 8 से 10 घंटे
जिले की डिमांड- 1600 मेघावाट
मिल रही बिजली - 1100 मेघावा
--------------------
डिमांड बढ़ाने को भेजा पत्र
डिमांड बढ़ाने के लिए शासन को पत्र भेज दिया गया है। किसी भी हालत में लोकल स्तर पर बिजली कटौती नहीं होने दी जाएगी। जर्जर लाइनों को ठीक कराने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द लोगों को बेहतर बिजली सप्लाई दी जाएगी।
- अजय अग्रवाल, एसई, पावर कॉरपोरेशन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
पारा जहां आसमान छू रहा है, वहीं बेदम बिजली से जीना और मुहाल हो गया है। आलम यह है कि शहरी क्षेत्र में रोजाना छह घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में आठ से दस घंटे की बिजली कटौती हो रही है। कई बार दोपहर के समय भी बत्ती गुल हो जाती है। रात को भी बिजली की आंखमिचौनी जारी रहती है। ऐसे में न तो लोग दिन में चैन से रह पा रहे हैं और न ही रात को सुकून से सो पा रहे हैं। बृहस्पतिवार को नगर के मोहल्ला राधानगर के लोगों ने बिजली कटौती के खिलाफ प्रदर्शन भी किया।
बिजली सप्लाई का जिले में हाल बेहद खराब है। जिले में बिजली की डिमांड 1600 मेघावाट है, लेकिन मिल रही केवल 1100 मेघावाट। रही सही कसर फॉल्ट पूरी कर देते हैं। आपूर्ति कम होने से शहर में 24 घंटे के सापेक्ष 18 घंटे ही बिजली मिल रही है। दावे के सापेक्ष छह घंटे से अधिक की कटौती की जा रही है, जिससे शहर के लोग बुरी तरह से हलकान हैं। नगर में बृहस्पतिवार को गर्मी का आलम यह रहा कि तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया। उमस भरी गर्मी और बिजली कटौती से परेशान मोहल्ला राधानगर के लोगों ने प्रदर्शन करते हुए अवैध रूप से की जा रही कटौती को बंद करने की मांग की। लोगों का आरोप है कि अफसर जानबूझकर बिजली की कटौती कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में आठ से 10 घंटे की कटौती से लोग परेशान हैं। किसान सिंचाई भी नहीं कर पा रहे हैं।
विज्ञापन
यहां सिर्फ आठ घंटे सप्लाई
अहार, अनूपशहर, डिबाई, शिकारपुर, स्याना क्षेत्र के सैकड़ों गांवों में बिजली सप्लाई का बुरा हाल है। ग्रामीण का कहना है कि यहां सिर्फ 8-10 घंटे बिजली सप्लाई मिल पा रही है। जिसके चलते किसानों को सिंचाई के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
जर्जर लाइनों को अभी तक ठीक नहीं कर पाए अफसर
13 मई को आए तूफान से मची तबाही के बाद बिजली अफसर अब तक बिजली की व्यवस्था नहीं सुधार पाए हैं। बताया जा रहा है कि अभी लाइनों और खंभों को बदलने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है, जिसके चलते फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था से कार्य किया जा रहा है।
मिलनी चाहिए बिजली - मिल रही
शहर में 24 घंटे सप्लाई - 18 घंटे
तहसील क्षेत्र में 20 घंटे - 12 से 14 घंटे
गांवों में 18 घंटे - 8 से 10 घंटे
जिले की डिमांड- 1600 मेघावाट
मिल रही बिजली - 1100 मेघावा
--------------------
डिमांड बढ़ाने को भेजा पत्र
डिमांड बढ़ाने के लिए शासन को पत्र भेज दिया गया है। किसी भी हालत में लोकल स्तर पर बिजली कटौती नहीं होने दी जाएगी। जर्जर लाइनों को ठीक कराने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द लोगों को बेहतर बिजली सप्लाई दी जाएगी।
- अजय अग्रवाल, एसई, पावर कॉरपोरेशन