{"_id":"5afdc4aa4f1c1bd3408b60f5","slug":"15265803901260-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"60 घंटे बाद भी कुलदीप का सुराग नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
60 घंटे बाद भी कुलदीप का सुराग नहीं
Updated Thu, 17 May 2018 11:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
60 घंटे बाद भी कुलदीप का सुराग नहीं
- लेह में फौजी के नदी में बहने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो।
शिकारपुर। नदी में बहे सेना के जवान को ढूंढने के लिए सेना के 2500 जवान लगे हुए हैं, लेकिन 60 घंटे बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बेटे के लापता होने की सूचना मिलने के बाद कुलदीप की मां का रो रोकर बुरा हाल है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव बरौली निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार सुरेंद्र सिंह का छोटा पुत्र कुलदीप सिंह लेह क्षेत्र के अंतर्गत बटालिक सेक्टर में सेना की ईएमई कोर में सिपाही है। 15 मई को कुलदीप रिकवरी वैन के चालक और सूबेदार के साथ खराब गाड़ी को ठीक करने के लिए क्षेत्र में निकला था। उसी दौरान रिकवरी वैन अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई थी। हादसे में कुलदीप नदी के तेज बहाव में बह गया था। घटना वाले दिन शाम को सेना की ओर से उसके परिजनों को सूचना दी गई थी। कुलदीप के पिता सुरेंद्र सिंह ने बताया कि हादसे के बाद से ही सेना के जवान उसकी तलाश में जुटे हैं, लेकिन उसका कोई पता नहीं लग सका है। उन्होंने बताया कि सेना के ओसी मेजर रघुवंशी से उनकी वार्ता हुई है। मेजर ने उन्हें बताया कि सेना के 2500 जवान कुलदीप की तलाश में जुटे हैं। कुलदीप के लापता होने की खबर से घर में कोहराम मचा है। मां रानी देवी का रो रोकर बुरा हाल है। परिवार के अन्य सदस्य भी कुलदीप की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं।
कहीं पाकिस्तान की ओर तो नहीं पहुंच गया कुलदीप
शिकारपुर। हादसे के दौरान सेना का जवान जिस इंडस (सिंधु) नदी में गिरा था, वह 40 किमी भारतीय सीमा में रहने के बाद पाकिस्तान की ओर निकल जाती है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि नदी के तेज बहाव के साथ कुलदीप कहीं पाकिस्तान सीमा में न निकल गया हो। इस संबंध में भारतीय सेना के अधिकारियों ने पाकिस्तानी अधिकारियों से संपर्क किया है। कुलदीप के पिता ने सेना के ओसी के हवाले से बताया कि पाकिस्तानी अधिकारियों को भी इस संबंध में सूचना दे दी गई है। यदि कुलदीप पाकिस्तान की ओर पाया गया तो भारतीय सेना को सूचना दे दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
- लेह में फौजी के नदी में बहने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो।
शिकारपुर। नदी में बहे सेना के जवान को ढूंढने के लिए सेना के 2500 जवान लगे हुए हैं, लेकिन 60 घंटे बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बेटे के लापता होने की सूचना मिलने के बाद कुलदीप की मां का रो रोकर बुरा हाल है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव बरौली निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार सुरेंद्र सिंह का छोटा पुत्र कुलदीप सिंह लेह क्षेत्र के अंतर्गत बटालिक सेक्टर में सेना की ईएमई कोर में सिपाही है। 15 मई को कुलदीप रिकवरी वैन के चालक और सूबेदार के साथ खराब गाड़ी को ठीक करने के लिए क्षेत्र में निकला था। उसी दौरान रिकवरी वैन अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई थी। हादसे में कुलदीप नदी के तेज बहाव में बह गया था। घटना वाले दिन शाम को सेना की ओर से उसके परिजनों को सूचना दी गई थी। कुलदीप के पिता सुरेंद्र सिंह ने बताया कि हादसे के बाद से ही सेना के जवान उसकी तलाश में जुटे हैं, लेकिन उसका कोई पता नहीं लग सका है। उन्होंने बताया कि सेना के ओसी मेजर रघुवंशी से उनकी वार्ता हुई है। मेजर ने उन्हें बताया कि सेना के 2500 जवान कुलदीप की तलाश में जुटे हैं। कुलदीप के लापता होने की खबर से घर में कोहराम मचा है। मां रानी देवी का रो रोकर बुरा हाल है। परिवार के अन्य सदस्य भी कुलदीप की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं।
विज्ञापन
कहीं पाकिस्तान की ओर तो नहीं पहुंच गया कुलदीप
शिकारपुर। हादसे के दौरान सेना का जवान जिस इंडस (सिंधु) नदी में गिरा था, वह 40 किमी भारतीय सीमा में रहने के बाद पाकिस्तान की ओर निकल जाती है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि नदी के तेज बहाव के साथ कुलदीप कहीं पाकिस्तान सीमा में न निकल गया हो। इस संबंध में भारतीय सेना के अधिकारियों ने पाकिस्तानी अधिकारियों से संपर्क किया है। कुलदीप के पिता ने सेना के ओसी के हवाले से बताया कि पाकिस्तानी अधिकारियों को भी इस संबंध में सूचना दे दी गई है। यदि कुलदीप पाकिस्तान की ओर पाया गया तो भारतीय सेना को सूचना दे दी जाएगी।
विज्ञापन