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वेब शुगर मिल को बंद करने के लिए चस्पा किया नोटिस
Updated Sat, 21 Apr 2018 11:36 PM IST
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वेव शुगर मिल को बंद करने का नोटिस चस्पा, किसानों की बढ़ी मुसीबत
- 24 अप्रैल के बाद मिल पर नहीं खरीदा जाएगा गन्ना
- अभी तक मिल ने खरीदा है 21.86 लाख क्विंटल गन्ना
- मिल को अभी 2.75 लाख क्विंटल और खरीदना है गन्ना
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जिले के गन्ना उत्पादक किसानों को जहां अपना गन्ना चीनी मिल तक पहुंचाने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। वहीं, अब वेव शुगर मिल ने बंद करने के लिए नोटिस चस्पा कर किसानों का दर्द और बढ़ा दिया है। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ गई है कहीं उनका गन्ना खेत में ही खड़ा न रह जाए। वहीं, मिल प्रबंधन और संबंधित विभाग के अफसरों के जुदा-जुदा बयान यह साफ नहीं कर पा रहे हैं कि किसकी बात सही है।
वेव शुगर मिल एनजीटी के आदेश का बहाना बनाकर विगत वर्ष बंद कर दी गई थी। इससे क्षेत्र के किसानों को परेशानी हुई और किसानों ने धरना-प्रदर्शन करते हुए मिल चलाने की मांग की थी। इस पर शासन ने मिल चलाने के आदेश जारी किए लेकिन मिल समय पर फिर भी नहीं चली। 22 जनवरी को चली तब जाकर किसानों ने राहत की सांस ली। जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय से मिल को 20.62 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य दिया था। हालांकि मिल अब तक इस लक्ष्य को पार कर 21.86 लाख क्विंटल की खरीद कर चुका है और जिला गन्ना अधिकारी ने और 2.75 लाख क्विंटल गन्ने खरीद के आदेश दिए हैं। बावजूद इसके मिल प्रबंधन ने शनिवार को मिल बंद करने के लिए नोटिस चस्पा कर दिया है। नोटिस में लिखा है कि किसान 24 अप्रैल तक अपना गन्ना मिल को दे सकते हैं इसके बाद गन्ना खरीद नहीं होगी। इस नोटिस के जारी होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है कि अगले तीन दिन में कैसे गन्ना कटेगा और मिल में पहुंचेगा। जबकि वह गेहूं की कटाई में भी जुटे हुए हैं। वहीं, दूसरी ओर मिल के अफसर लक्ष्य पूरा होने की बात कहकर मिल बंद करने की तैयारी कर चुके हैं। जबकि जिला गन्ना अधिकारी का कहना है कि मिल तभी बंद होगी, जब किसानों का एक-एक गन्ना नहीं खरीदा जाएगा।
मिल पर गन्ने की 32 करोड़ की राशि है बकाया
वेव शुगर मिल की अभी चीनी नहीं बिकी है। मिल ने अभी तक करीब 40 करोड़ का गन्ना खरीद लिया है। इस राशि में से लगभग आठ करोड़ का पेमेंट किसानों को कर दिया, जबकि अभी भी 32 करोड़ की राशि मिल पर किसानों की बकाया है। किसानों को अब अपने गन्ने के बकाया पेमेंट की राशि का भुगतान होने की चिंता सताने लगी है।
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मिल ने लक्ष्य से अधिक गन्ना खरीद कर ली है। इसलिए मिल को बंद करने के लिए नोटिस चस्पा किया है। किसानों को अपना गन्ना देने के लिए 24 अप्रैल तक का समय दिया गया है। - केपी सिंह, महाप्रबंधक, वेव शुगर मिल, बुलंदशहर।
मिल को बंद करने का पहला नोटिस जारी करना एक प्रक्रिया है। इसके बाद मिल को दो और नोटिस जारी करने होंगे। शासनादेश के तहत मिल को तभी बंद करने दिया जाएगा, जब तक किसानों के एक-एक गन्ने की खरीद न हो जाए। गेहूं कटाई के चलते मिल को कम गन्ना मिल रहा है। इसलिए इंडेंट भी बढ़ा दिया है। - एपी सिंह, जिला गन्ना अधिकारी, बुलंदशहर।
वेव शुगर मिल शासनादेश पर चलाई गई है। यदि मिल अफसरों ने पूरा गन्ना खरीद से पहले बंद करने का प्रयास किया तो आंदोलन होगा। जिला किसान गन्ना समिति किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने देगी। - संग्राम सिंह, अध्यक्ष, जिला किसान गन्ना समिति
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- 24 अप्रैल के बाद मिल पर नहीं खरीदा जाएगा गन्ना
- अभी तक मिल ने खरीदा है 21.86 लाख क्विंटल गन्ना
- मिल को अभी 2.75 लाख क्विंटल और खरीदना है गन्ना
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जिले के गन्ना उत्पादक किसानों को जहां अपना गन्ना चीनी मिल तक पहुंचाने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। वहीं, अब वेव शुगर मिल ने बंद करने के लिए नोटिस चस्पा कर किसानों का दर्द और बढ़ा दिया है। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ गई है कहीं उनका गन्ना खेत में ही खड़ा न रह जाए। वहीं, मिल प्रबंधन और संबंधित विभाग के अफसरों के जुदा-जुदा बयान यह साफ नहीं कर पा रहे हैं कि किसकी बात सही है।
वेव शुगर मिल एनजीटी के आदेश का बहाना बनाकर विगत वर्ष बंद कर दी गई थी। इससे क्षेत्र के किसानों को परेशानी हुई और किसानों ने धरना-प्रदर्शन करते हुए मिल चलाने की मांग की थी। इस पर शासन ने मिल चलाने के आदेश जारी किए लेकिन मिल समय पर फिर भी नहीं चली। 22 जनवरी को चली तब जाकर किसानों ने राहत की सांस ली। जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय से मिल को 20.62 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य दिया था। हालांकि मिल अब तक इस लक्ष्य को पार कर 21.86 लाख क्विंटल की खरीद कर चुका है और जिला गन्ना अधिकारी ने और 2.75 लाख क्विंटल गन्ने खरीद के आदेश दिए हैं। बावजूद इसके मिल प्रबंधन ने शनिवार को मिल बंद करने के लिए नोटिस चस्पा कर दिया है। नोटिस में लिखा है कि किसान 24 अप्रैल तक अपना गन्ना मिल को दे सकते हैं इसके बाद गन्ना खरीद नहीं होगी। इस नोटिस के जारी होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है कि अगले तीन दिन में कैसे गन्ना कटेगा और मिल में पहुंचेगा। जबकि वह गेहूं की कटाई में भी जुटे हुए हैं। वहीं, दूसरी ओर मिल के अफसर लक्ष्य पूरा होने की बात कहकर मिल बंद करने की तैयारी कर चुके हैं। जबकि जिला गन्ना अधिकारी का कहना है कि मिल तभी बंद होगी, जब किसानों का एक-एक गन्ना नहीं खरीदा जाएगा।
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मिल पर गन्ने की 32 करोड़ की राशि है बकाया
वेव शुगर मिल की अभी चीनी नहीं बिकी है। मिल ने अभी तक करीब 40 करोड़ का गन्ना खरीद लिया है। इस राशि में से लगभग आठ करोड़ का पेमेंट किसानों को कर दिया, जबकि अभी भी 32 करोड़ की राशि मिल पर किसानों की बकाया है। किसानों को अब अपने गन्ने के बकाया पेमेंट की राशि का भुगतान होने की चिंता सताने लगी है।
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मिल ने लक्ष्य से अधिक गन्ना खरीद कर ली है। इसलिए मिल को बंद करने के लिए नोटिस चस्पा किया है। किसानों को अपना गन्ना देने के लिए 24 अप्रैल तक का समय दिया गया है। - केपी सिंह, महाप्रबंधक, वेव शुगर मिल, बुलंदशहर।
मिल को बंद करने का पहला नोटिस जारी करना एक प्रक्रिया है। इसके बाद मिल को दो और नोटिस जारी करने होंगे। शासनादेश के तहत मिल को तभी बंद करने दिया जाएगा, जब तक किसानों के एक-एक गन्ने की खरीद न हो जाए। गेहूं कटाई के चलते मिल को कम गन्ना मिल रहा है। इसलिए इंडेंट भी बढ़ा दिया है। - एपी सिंह, जिला गन्ना अधिकारी, बुलंदशहर।
वेव शुगर मिल शासनादेश पर चलाई गई है। यदि मिल अफसरों ने पूरा गन्ना खरीद से पहले बंद करने का प्रयास किया तो आंदोलन होगा। जिला किसान गन्ना समिति किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने देगी। - संग्राम सिंह, अध्यक्ष, जिला किसान गन्ना समिति