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अब जिले में हर गरीब के सिर होगी ‘छत’
Updated Tue, 06 Mar 2018 11:29 PM IST
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जिले के हर ग्रामीण को मिलेगी ‘छत’
मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत हर गरीब को मिलेगा घर
वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर होगा पात्रों का चयन
पात्रों की पहचान के लिए चलेगा सर्वे, शासन का आदेश जिला प्रशासन को मिला
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
अब जिले के हर गांव के गरीब के सिर पर छत होगी। उनका यह सपना मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पूरा होगा। पात्रों का चयन वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर होगा। पात्रों की पहचान के लिए जिले के गांवों में सर्वे चलेगा और उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है।
भारत सरकार की ओर से वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य गरीब को आवास दिलवाना है। इसके लिए शासन की ओर से प्रत्येक आवास के लिए 1.20 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत अब तक जिले में 747 आवास बनाए जा चुके हैं। अब केंद्र सरकार की योजना की तर्ज पर राज्य सरकार गांव के गरीबों को घर देने के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण शुरू करने जा रही है। शासन के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने ग्राम्य विकास उप्र के आयुक्त को पत्र जारी किया है कि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत प्रत्येक गरीब का घर बनाया जाना है।
इस बार खास बात यह रहेगी कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में दैवीय आपदा एवं विशेष कठिनाई से आच्छादित बेघर जीर्ण-शीर्ण आवास वाले और कच्चे घरों में रह रहे गरीब परिवारों को निशुल्क आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
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इस तरह होगा योजना का क्रियान्वयन
मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत उन्हीं लोगोें को आवास की सुविधा मिलेगी, जो सामाजिक, आर्थिक और जातिगत जनगणना-2011 के आंकड़ों के अनुसार बेघर हों, एक या दो कमरे के कच्ची दीवार एवं कच्ची छत युक्त मकानों में निवास करते हों।
यह होगी पात्रता
- ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा के कारण बेघर हो जाने वाले ऐसे परिवार, जो आवासीय सुविधा न होने के कारण छत एवं आश्रय विहीन हो जाते हैं। किंतु इस योजना में उन लाभार्थियों को शामिल नहीं किया जाएगा, जिनके मकान पूर्णत: क्षतिग्रस्त और अत्याधिक क्षतिग्रस्त होने के कारण उन्हें राजस्व विभाग से आवंटित की जाने वाली राशि प्राप्त हुई हो।
- ग्रामीण क्षेत्र में वनटांगिया एवं मुसहर वर्ग के (जिलाधिकारी द्वारा प्रमाणित) परिवार निवास करते हैं, जो आवासविहीन हैं या कच्चे/जर्जर आवासों में निवास करते हैं।
- ग्रामीण क्षेत्र में जापानी इंसेफ्लाइटिस से प्रभावित ऐसे परिवार जो आवास विहीन हैं या कच्चे/जर्जर आवासों में निवास कर रहे हैं।
इनको भी मिलेगा आवास का लाभ
मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आश्रयविहीन परिवार, बेसहारा/भीख मांगकर जीवन यापन करने वाले परिवार, हाथ से मैला ढोने वाले परिवार या व्यक्ति, आदिम जनजातीय समूह और वैधानिक रूप से मुक्त कराए गए बंधुआ मजदूरों को भी आवास का लाभ मिलेगा।
वर्जन
मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पात्रों का चयन और सर्वे के लिए तैयारी अंतिम चरण में है। शासन का आदेश मिल चुका है। जल्द ही पात्रों की लिस्ट शासन को भेज दी जाएगी। इसके बाद जो भी शासन से आदेश प्राप्त होगा, उसका पालन किया जाएगा।
- सर्वेश चंद्र, उपनिदेशक, ग्राम्य विकास विभाग
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मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत हर गरीब को मिलेगा घर
वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर होगा पात्रों का चयन
पात्रों की पहचान के लिए चलेगा सर्वे, शासन का आदेश जिला प्रशासन को मिला
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
अब जिले के हर गांव के गरीब के सिर पर छत होगी। उनका यह सपना मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पूरा होगा। पात्रों का चयन वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर होगा। पात्रों की पहचान के लिए जिले के गांवों में सर्वे चलेगा और उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है।
भारत सरकार की ओर से वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य गरीब को आवास दिलवाना है। इसके लिए शासन की ओर से प्रत्येक आवास के लिए 1.20 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत अब तक जिले में 747 आवास बनाए जा चुके हैं। अब केंद्र सरकार की योजना की तर्ज पर राज्य सरकार गांव के गरीबों को घर देने के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण शुरू करने जा रही है। शासन के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने ग्राम्य विकास उप्र के आयुक्त को पत्र जारी किया है कि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत प्रत्येक गरीब का घर बनाया जाना है।
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इस बार खास बात यह रहेगी कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में दैवीय आपदा एवं विशेष कठिनाई से आच्छादित बेघर जीर्ण-शीर्ण आवास वाले और कच्चे घरों में रह रहे गरीब परिवारों को निशुल्क आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
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इस तरह होगा योजना का क्रियान्वयन
मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत उन्हीं लोगोें को आवास की सुविधा मिलेगी, जो सामाजिक, आर्थिक और जातिगत जनगणना-2011 के आंकड़ों के अनुसार बेघर हों, एक या दो कमरे के कच्ची दीवार एवं कच्ची छत युक्त मकानों में निवास करते हों।
यह होगी पात्रता
- ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा के कारण बेघर हो जाने वाले ऐसे परिवार, जो आवासीय सुविधा न होने के कारण छत एवं आश्रय विहीन हो जाते हैं। किंतु इस योजना में उन लाभार्थियों को शामिल नहीं किया जाएगा, जिनके मकान पूर्णत: क्षतिग्रस्त और अत्याधिक क्षतिग्रस्त होने के कारण उन्हें राजस्व विभाग से आवंटित की जाने वाली राशि प्राप्त हुई हो।
- ग्रामीण क्षेत्र में वनटांगिया एवं मुसहर वर्ग के (जिलाधिकारी द्वारा प्रमाणित) परिवार निवास करते हैं, जो आवासविहीन हैं या कच्चे/जर्जर आवासों में निवास करते हैं।
- ग्रामीण क्षेत्र में जापानी इंसेफ्लाइटिस से प्रभावित ऐसे परिवार जो आवास विहीन हैं या कच्चे/जर्जर आवासों में निवास कर रहे हैं।
इनको भी मिलेगा आवास का लाभ
मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आश्रयविहीन परिवार, बेसहारा/भीख मांगकर जीवन यापन करने वाले परिवार, हाथ से मैला ढोने वाले परिवार या व्यक्ति, आदिम जनजातीय समूह और वैधानिक रूप से मुक्त कराए गए बंधुआ मजदूरों को भी आवास का लाभ मिलेगा।
वर्जन
मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पात्रों का चयन और सर्वे के लिए तैयारी अंतिम चरण में है। शासन का आदेश मिल चुका है। जल्द ही पात्रों की लिस्ट शासन को भेज दी जाएगी। इसके बाद जो भी शासन से आदेश प्राप्त होगा, उसका पालन किया जाएगा।
- सर्वेश चंद्र, उपनिदेशक, ग्राम्य विकास विभाग