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64 तालाबों को जीवंत करने का सपना रह गया अधूरा
Updated Sat, 24 Feb 2018 11:13 PM IST
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64 तालाबों को जीवंत करने का सपना रह गया अधूरा
- इन तालाबों का जीर्णोद्धार कर किया जाना था जल का संरक्षण
- लघु सिंचाई विभाग ने भेजा था प्रस्ताव, नहीं हुआ पास
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जिले के 64 तालाबाें को जीवंत करने का सपना अधूरा रह गया। इन तालाबों का जीर्णोद्धार कर इनमें जल संरक्षण किया जाना था। इसके लिए लघु सिंचाई विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। मगर, अभी तक न तो प्रस्ताव पास हुआ और न ही इस संबंध में कोई जानकारी मिल सकी।
केंद्र सरकार ने तालाबों का जीर्णोद्धार कर उसमें बारिश और बेकार बहने वाले पानी का संरक्षण कर सिंचाई आदि कार्यों में प्रयोग करने की पहल शुरू की की थी। इसके लिए जिले में 64 तालाबों को चिन्हित किया गया था। लघु सिंचाई विभाग ने उस समय शासन को इन तालाबों का प्रस्ताव भी बनाकर भेजा था। मगर, अब नया वित्तीय वर्ष शुरू होने वाला है, लेकिन अभी तक भेजे गए प्रस्ताव के पास होने या फिर उसके संबंध में अन्य कोई जानकारी नहीं मिली है। इसके चलते अफसरों को आस बंध गई है कि अब यह प्रस्ताव पास नहीं होगा। लघु सिंचाई विभाग के इंजीनियर सौदान सिंह ने बताया कि तालाबों के जीर्णोद्धार और जल संरक्षण के लिए जो प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था, उसके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि अब यह प्रस्ताव पास नहीं होगा।
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- इन तालाबों का जीर्णोद्धार कर किया जाना था जल का संरक्षण
- लघु सिंचाई विभाग ने भेजा था प्रस्ताव, नहीं हुआ पास
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जिले के 64 तालाबाें को जीवंत करने का सपना अधूरा रह गया। इन तालाबों का जीर्णोद्धार कर इनमें जल संरक्षण किया जाना था। इसके लिए लघु सिंचाई विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। मगर, अभी तक न तो प्रस्ताव पास हुआ और न ही इस संबंध में कोई जानकारी मिल सकी।
केंद्र सरकार ने तालाबों का जीर्णोद्धार कर उसमें बारिश और बेकार बहने वाले पानी का संरक्षण कर सिंचाई आदि कार्यों में प्रयोग करने की पहल शुरू की की थी। इसके लिए जिले में 64 तालाबों को चिन्हित किया गया था। लघु सिंचाई विभाग ने उस समय शासन को इन तालाबों का प्रस्ताव भी बनाकर भेजा था। मगर, अब नया वित्तीय वर्ष शुरू होने वाला है, लेकिन अभी तक भेजे गए प्रस्ताव के पास होने या फिर उसके संबंध में अन्य कोई जानकारी नहीं मिली है। इसके चलते अफसरों को आस बंध गई है कि अब यह प्रस्ताव पास नहीं होगा। लघु सिंचाई विभाग के इंजीनियर सौदान सिंह ने बताया कि तालाबों के जीर्णोद्धार और जल संरक्षण के लिए जो प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था, उसके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि अब यह प्रस्ताव पास नहीं होगा।
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