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कनेक्शन काटने के बाद भेजा बिल, अफसर घिरे
Updated Thu, 22 Feb 2018 10:08 PM IST
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कनेक्शन काटने के बाद भी भेजा बिल, अफसर घिरे
- उपभोक्ता फोरम ने बिल को निरस्त कर 45 दिनों में कनेक्शन जोड़ने के दिए आदेश
- अप्रैल 1987 में अवैध रूप से काट दिया था बिजली कनेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। एक बिजली उपभोक्ता का ट्यूबवेल कनेक्शन काटने के बाद भी लगातार बिल भेजने के मामले में अब बिजली अफसर घिर गए हैं। उपभोक्ता द्वारा उपभोक्ता फोरम में वाद दायर करने के बाद अब कमेटी ने उपभोक्ता का कनेक्शन जोड़ने, बिल निरस्त करने और वाद व्यय देने के आदेश दिए हैं।
गांव रंगपुर निवासी प्रीतम गिरी पुत्र किरन गिरी ने करीब 30 वर्ष पहले एक ट्यूबवेल कनेक्शन लिया था। पीड़ित ने बताया कि वर्ष 1987 में चार माह के बकाया बिल के चलते उसका कनेक्शन काट दिया गया था। इसके बाद उसने बिल जमा करने और कनेक्शन जोड़ने के लिए आवेदन किया, लेकिन बिजली अफसरों ने कनेक्शन नहीं जोड़ा और लगातार बिल भेजते रहे। अफसरों ने मार्च 2015 में पीड़ित पर 8,55,326 लाख रुपये का बिल बकाया भेज दिया। इसके विरोध में पीड़ित ने उपभोक्ता फोरम में वाद दायर कर दिया। उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष विजय कुमार ने पूरे मामले में दोनों पक्षों को सुनने और सबूतों के आधार पर बिजली अफसरों को पीड़ित का बिल माफ करने, कनेक्शन जोड़ने और दो हजार रुपये वाद व्यय का भुगतान 45 दिनों के अंदर देने के आदेश दिए हैं।
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- उपभोक्ता फोरम ने बिल को निरस्त कर 45 दिनों में कनेक्शन जोड़ने के दिए आदेश
- अप्रैल 1987 में अवैध रूप से काट दिया था बिजली कनेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। एक बिजली उपभोक्ता का ट्यूबवेल कनेक्शन काटने के बाद भी लगातार बिल भेजने के मामले में अब बिजली अफसर घिर गए हैं। उपभोक्ता द्वारा उपभोक्ता फोरम में वाद दायर करने के बाद अब कमेटी ने उपभोक्ता का कनेक्शन जोड़ने, बिल निरस्त करने और वाद व्यय देने के आदेश दिए हैं।
गांव रंगपुर निवासी प्रीतम गिरी पुत्र किरन गिरी ने करीब 30 वर्ष पहले एक ट्यूबवेल कनेक्शन लिया था। पीड़ित ने बताया कि वर्ष 1987 में चार माह के बकाया बिल के चलते उसका कनेक्शन काट दिया गया था। इसके बाद उसने बिल जमा करने और कनेक्शन जोड़ने के लिए आवेदन किया, लेकिन बिजली अफसरों ने कनेक्शन नहीं जोड़ा और लगातार बिल भेजते रहे। अफसरों ने मार्च 2015 में पीड़ित पर 8,55,326 लाख रुपये का बिल बकाया भेज दिया। इसके विरोध में पीड़ित ने उपभोक्ता फोरम में वाद दायर कर दिया। उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष विजय कुमार ने पूरे मामले में दोनों पक्षों को सुनने और सबूतों के आधार पर बिजली अफसरों को पीड़ित का बिल माफ करने, कनेक्शन जोड़ने और दो हजार रुपये वाद व्यय का भुगतान 45 दिनों के अंदर देने के आदेश दिए हैं।
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