{"_id":"5a6222dd4f1c1b8b268b54ce","slug":"151638108316-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमडीआर टीबी मरीजों के परिजनों की भी होगी स्वास्थ्य जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमडीआर टीबी मरीजों के परिजनों की भी होगी स्वास्थ्य जांच
Updated Fri, 19 Jan 2018 10:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एमडीआर टीबी मरीजों के परिजनों की भी होगी स्वास्थ्य जांच
शासन के आदेश पर टीबी को समाप्त करने के लिए कोशिशें तेज
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
क्षय रोग पर नियंत्रण के लिए एमडीआर (मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट) पीड़ित मरीजों के परिजनों की भी जांच कराई जाएगी। मुख्य सचिव के निर्देशों पर जिला क्षय रोग अधिकारी ने एमडीआर से पीड़ित मरीजों के बारे में जानकारी ली। साथ ही इनके स्वास्थ्य जांच के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
जिला क्षय रोग केंद्र पर आयोजित बैठक में जिला क्षय रोग अधिकारी डा. एमके गुप्ता ने कर्मचारियों से टीबी के मरीजों के बारे में जानकारी ली। बताया कि केंद्र सरकार 2025 तक भारत को क्षय रोग से मुक्ति दिलाने के लिए प्रयासरत है। इसी क्रम में विगत दिनों स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव ने निर्देश दिए थे कि क्षय रोग से पीड़ित मरीजों की एचआईवी जांच जरूर कराएं। एमडीआर होने पर पीड़ित मरीज के परिजनों की भी जांच कराएं। इससे पता चल सकेगा कि यह रोग फैल तो नहीं रहा है। पीपीएम कोआर्डिनेटर हिमानी शर्मा ने बताया कि एमडीआर पीड़ितों और उनके परिजनों का ब्यौरा नि:क्षय पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन
शासन के आदेश पर टीबी को समाप्त करने के लिए कोशिशें तेज
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
क्षय रोग पर नियंत्रण के लिए एमडीआर (मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट) पीड़ित मरीजों के परिजनों की भी जांच कराई जाएगी। मुख्य सचिव के निर्देशों पर जिला क्षय रोग अधिकारी ने एमडीआर से पीड़ित मरीजों के बारे में जानकारी ली। साथ ही इनके स्वास्थ्य जांच के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
जिला क्षय रोग केंद्र पर आयोजित बैठक में जिला क्षय रोग अधिकारी डा. एमके गुप्ता ने कर्मचारियों से टीबी के मरीजों के बारे में जानकारी ली। बताया कि केंद्र सरकार 2025 तक भारत को क्षय रोग से मुक्ति दिलाने के लिए प्रयासरत है। इसी क्रम में विगत दिनों स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव ने निर्देश दिए थे कि क्षय रोग से पीड़ित मरीजों की एचआईवी जांच जरूर कराएं। एमडीआर होने पर पीड़ित मरीज के परिजनों की भी जांच कराएं। इससे पता चल सकेगा कि यह रोग फैल तो नहीं रहा है। पीपीएम कोआर्डिनेटर हिमानी शर्मा ने बताया कि एमडीआर पीड़ितों और उनके परिजनों का ब्यौरा नि:क्षय पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन